कक्षा तीन से आठ के लिए CT और AI करिकुलम लॉन्च: CBSE

सीबीएसई बोर्ड के मान्यता प्राप्त स्कूलों से लेकर 22 राज्यों के सरकारी स्कूलों के कक्षा तीसरी से आठवीं कक्षा के छात्र अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और कंप्यूटेशनल थिकिंग (सीटी) के नए पाठ्यक्रम से पढ़ाई करेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 01 अप्रैल 2026 को दिल्ली में कक्षा तीसरी से आठवीं कक्षा तक के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और कंप्यूटेशनल थिकिंग का नया पाठ्यक्रम जारी किया। यह व्यवस्था इसी सत्र से लागू होगी।

सीटी और एआई पाठ्यक्रम सभी को पढ़ाया जाएगा

शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि तीसरी से कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और एआई पाठ्यक्रम सभी को पढ़ाया जाएगा। नए पाठ्यक्रम में संरचित मॉड्यूल, व्यापक शिक्षक पुस्तिकाएं और सशक्त छात्र मूल्यांकन ढांचा भी है। हमारा मकसद, आज के समय में बच्चों को डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करना है। कंप्यूटेशनल थिकिंग एआई की नींव है। शिक्षा के लिए एआई, शिक्षा में एआई की परिकल्पना के अनुरूप, यह पहल युवा दिमागों में आलोचनात्मक सोच, डिजाइन अभिविन्यास और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देकर संवर्धित शिक्षा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव देगी।

भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार

एनसीईआरटी के विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे के तहत इसे भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार किया है। इसमें स्कूली शिक्षा की शुरुआत से छात्र सीटी कौशलऔर एआई से हर दिन की समस्याओं की पहचान कर उसका हल निकालना सीखेंगे। इसका मकसद, छात्रों को शुरुआती स्तर पर टेक्नोलॉजी के लिए तैयार करना है, ताकि भारत एआई में सुपर हब बनाना है।

बड़े सवालों को छोटे हिस्सों में हल करना

पाठ्यक्रम को रोचक और आसान बनाया गया है। इसमें गेम, पजल और एक्टिविटी से सीखाया जाएगा। बड़े सवालों को छोटे हिस्सों में हल करना, ग्रुप डिस्कशन और टीमवर्क पर फोकस है। जबकि परीक्षा में भी बदलाव होगा, जिसमें अब सिर्फ रटने पर नहीं, बल्कि समझ और कौशल पर ध्यान दिया जाएगा। सीटी आधारित सवाल और प्रैक्टिकल गतिविधियां होगी, जिसे शिक्षकों द्वारा लगातार मूल्यांकन होगा। बच्चों की रचनात्मक सोच और समझ को प्राथमिकता रहेगी।

गणनात्मक सोच क्षमताओं का विकास

प्रौद्योगिकी आधारित कंप्यूटिंग में भारत के नेतृत्व को वैश्विक मान्यता मिलने के साथ, यह पाठ्यक्रम छात्रों को डिजिटल भविष्य से सार्थक रूप से जुड़ने और उसे आकार देने में सक्षम बनाएगा। सीटी कौशल के माध्यम से विकसित एआई तत्परता से छात्रों में तार्किक सोच, समस्या समाधान, पैटर्न पहचान आदि जैसी गणनात्मक सोच क्षमताओं का विकास करेगा।

इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य

इससे वे प्रतिदिन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका और उपयोग को समझ सकेंगे। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य नवाचार, आलोचनात्मक सोच और नैतिक निर्णय लेने की क्षमताओं को बढ़ावा देने के साथ- साथ गणनात्मक सोच, डिजिटल साक्षरता और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग में मजबूत आधार तैयार करना है।

 

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vikash

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