मार्च 2026 में देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 4.1% रह गई, जो पिछले पाँच महीनों का सबसे निचला स्तर है। यह वृद्धि दर इस वित्तीय वर्ष के अंत में आर्थिक गति में आई सुस्ती का संकेत देती है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वृद्धि दर में आई यह नरमी मुख्य रूप से बिजली और विनिर्माण क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन के कारण थी; वहीं खनन क्षेत्र ने लचीलापन दिखाया है।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) विनिर्माण, खनन और बिजली जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नज़र रखता है।
यह आर्थिक सेहत, मांग के रुझानों और औद्योगिक क्षमता के उपयोग का एक महत्वपूर्ण संकेतक भी है।
IIP की वृद्धि में आई सुस्ती अक्सर इन बातों का संकेत देती है:
विनिर्माण
ऊर्जा क्षेत्र
खनन क्षेत्र
ट्रेंड एनालिसिस: गति धीमी पड़ रही है
वार्षिक प्रदर्शन: स्थिर लेकिन असमान वृद्धि
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