घरेलू रेटिंग एजेंसी ICRA ने 2021-22 के लिए भारत के विकास अनुमान में ऊपरी छोर पर 0.5 प्रतिशत की कटौती की है और अब 2021-22 में अर्थव्यवस्था के 10-10.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जबकि पहले यह अनुमान 10-11 प्रतिशत था. पूर्वानुमान में बढ़ते COVID-19 मामलों के कारण एक बार फिर से लागू हो रहे लॉकडाउन और प्रतिबंधों के कारण डाउनवर्ड संशोधन हुआ है.
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