जीएसटी परिषद ने आवासीय संपत्तियों पर नई वस्तुओं और सेवाओं की कर दरों के लिए एक परिवर्तनकालीन योजना को मंजूरी दी है, इसके तहत निर्माणाधीन इमारतों के विकासक या तो इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना संशोधित कम दरों पर जाने करने का विकल्प चुन सकते हैं या पिछली दरों पर रह सकते हैं.
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने बताया है कि पहली अप्रैल 2019 को या उसके बाद शुरू होने वाली आवास परियोजनाओं के लिए, विकासक को परिषद द्वारा अनुशंसित नई जीएसटी दरों का पालन करना होगा.
सोर्स- डीडी न्यूज़



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