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प्रत्यक्ष कर संग्रह 24 प्रतिशत बढ़कर 15.67 लाख करोड़ रुपये हुआ

प्रत्यक्ष कर संग्रह 24 प्रतिशत बढ़कर 15.67 लाख करोड़ रुपये हुआ_3.1

वित्त मंत्रालय ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 10 फरवरी तक कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.67 लाख करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले इसमें 24 प्रतिशत की वृद्धि रही है। मंत्रालय ने बताया कि रिफंड के समायोजन के बाद शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 12.98 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 18.40 प्रतिशत ज्यादा है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा है कि शुद्ध कर संग्रह चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान के मुकाबले 79 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

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चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह के अनुमान को संशोधित करके 16.50 लाक करोड़ रुपये किया गया है, जो बजट अनुमान 14.20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। प्रत्यक्ष कर संग्रह में कारपोरेट और आय कर शामिल होते हैं। सीबीडीटी के अनुसार, एक अप्रैल 2022 से 10 फरवरी 2022 तक कारपोरेट और आय कर में क्रमश: 19.33 और 29.63 प्रतिशत की वृद्धि रही है।

 

रिफंड के समायोजन के बाद कारपोरेट कर में 15.84 प्रतिशत और आय कर में 21.23 प्रतिशत की वृद्धि रही है। इस अवधि में 2.69 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 61.58 प्रतिशत ज्यादा है।

 

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FAQs

भारत में प्रत्यक्ष कर क्या हैं?

देश के सर्वोच्च कर निकाय द्वारा व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रत्यक्ष कर लगाए जाते हैं। प्रत्यक्ष कर का भुगतान सीधे वे लोग करते हैं जिन पर यह लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, करदाता सीधे सरकार को आयकर, संपत्ति कर, संपत्तियों पर कर और उपहारों का भुगतान करते हैं।

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