इस कदम से कार्यान्वयन एजेंसियों को धन के प्रवाह पर नज़र रखने और निगरानी करने में मदद मिलेगी. केंद्रीय सरकार की कुल 613 योजनाओं को पीएफएमएस के तहत कवर किया जाएगा. पीएफएमएस कवरेज के दायरे में केंद्रीय क्षेत्र और केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के साथ-साथ वित्त आयोग अनुदान सहित अन्य व्यय भी शामिल है.
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