केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय ने ‘सेवा भोज योजना’ नामक एक नई योजना शुरू की, जिसके तहत भोजन/प्रसाद लंगर/भंडारा पर केन्द्रीय वस्तु और सेवाकर (CGST) और एकीकृत वस्तु और सेवाकर (IGST) का केन्द्रीय सरकार का हिस्सा लौटा दिया जायेगा. जो धार्मिक संस्थानों द्वारा मुफ्त में पेश किया जा रहा है.
यह योजना वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए लॉन्च की गई है जिसमें 325.00 करोड़ रुपये का कुल परिव्यय है.
स्रोत- डीडी न्यूज़



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