केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु में क्वालकॉम द्वारा विकसित 2 नैनोमीटर सेमीकंडक्टर चिप का शुभारंभ किया। 7 फरवरी 2026 को घोषित यह लॉन्च अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर डिज़ाइन के क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे पाँचवीं औद्योगिक क्रांति आगे बढ़ रही है, भारत को डीप-टेक नवाचार का वैश्विक केंद्र बनना होगा। यह लॉन्च वैश्विक सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग और डिज़ाइन क्षमताओं में भारत की बढ़ती अहमियत का स्पष्ट संकेत है।
2 नैनोमीटर सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च का विवरण
क्वालकॉम द्वारा 2 नैनोमीटर सेमीकंडक्टर चिप का लॉन्च इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2 एनएम तकनीक चिप डिज़ाइन की अग्रिम सीमा (फ्रंटियर) को दर्शाती है। छोटे नोड्स का अर्थ है अधिक प्रदर्शन, कम ऊर्जा खपत और एआई, टेलीकॉम व हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे उन्नत अनुप्रयोगों में बेहतर क्षमता। भारत से ऐसे अत्याधुनिक डिज़ाइन कार्य का प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारत अब केवल बैक-एंड आईटी हब नहीं रहा, बल्कि वैश्विक वैल्यू चेन में हाई-एंड सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग का प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है।
सेमीकंडक्टर विकास पर अश्विनी वैष्णव का दृष्टिकोण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विशाल प्रतिभा पूल के कारण दुनिया भारत को आशा की दृष्टि से देख रही है। उन्होंने वैश्विक समुदाय के लिए सह-निर्माण और सह-विकास (को-क्रिएशन और को-डेवलपमेंट) की भारत की सोच को रेखांकित किया। मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक नेतृत्व के चलते इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के माध्यम से एक नया अध्याय शुरू हुआ, जिससे उन दशकों की चूकों को पलटा गया जब सेमीकंडक्टर चिप्स के महत्व को कम आंका गया था।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन: 28 एनएम से उन्नत डिज़ाइन तक
मंत्री ने स्पष्ट किया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत भारत ने संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया। शुरुआत 28 एनएम तकनीक से की गई, जो ऑटोमोटिव, टेलीकॉम, पावर मैनेजमेंट और रणनीतिक क्षेत्रों सहित वर्तमान आवश्यकताओं के लगभग 75% को पूरा करती है। वर्तमान में 10 सेमीकंडक्टर इकाइयाँ निर्माणाधीन हैं, जिनमें से चार पायलट उत्पादन में हैं। ये इकाइयाँ वैलिडेशन और कस्टमर क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया में हैं, जो भारत के पहले वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब्स का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।
चिप डिज़ाइन में प्रतिभा और विश्वविद्यालय पारिस्थितिकी तंत्र
2 एनएम चिप लॉन्च के दौरान भारत में सेमीकंडक्टर टैलेंट डेवलपमेंट की तेज़ प्रगति पर भी प्रकाश डाला गया। वर्ष 2022 से अब तक देश के 315 विश्वविद्यालयों को Synopsys, Cadence और Siemens जैसे वैश्विक लीडर्स के उन्नत EDA टूल्स से सुसज्जित किया गया है। दूर-दराज़ के संस्थानों के छात्र भी अब चिप डिज़ाइन, टेप-आउट और वास्तविक दुनिया की कार्यक्षमता का सत्यापन कर रहे हैं। यह व्यापक प्रतिभा पाइपलाइन भारत को दीर्घकालिक रणनीतिक बढ़त देती है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: आगे क्या बदलेगा
आगे की दिशा में सरकार ISM 2.0 लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसका पहला फोकस ऐसी डिज़ाइन कंपनियों और स्टार्टअप्स पर होगा जो उत्पाद को अवधारणा से बाज़ार तक ले जा सकें। दूसरा फोकस सेमीकंडक्टर के पूरे इकोसिस्टम—उपकरण, रसायन, गैसें, परीक्षण और वैलिडेशन—को भारत में विकसित करना होगा। तीसरा फोकस विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी कर उन्नत कौशल को गहरा करना और विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर काम करना होगा।
पाँचवीं औद्योगिक क्रांति और उद्योग–शिक्षा साझेदारी
मंत्री ने जोर दिया कि पाँचवीं औद्योगिक क्रांति के दौर में सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच घनिष्ठ सहयोग अनिवार्य है। डीप-टेक नवाचार में नेतृत्व के लिए छात्रों और पेशेवरों का निरंतर अपस्किलिंग और रिस्किलिंग आवश्यक है। उद्योग-प्रेरित पाठ्यक्रम, व्यावहारिक अनुभव और समाधान-केंद्रित शोध भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अधिक मूल्य प्रदान करने में सक्षम बनाएंगे। 2 एनएम सेमीकंडक्टर चिप का लॉन्च इसी भविष्य-उन्मुख, एकीकृत विकास दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है।


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