केंद्र सरकार ने लद्दाख की विशिष्ट संस्कृति, भाषा और रोजगार के संरक्षण के लिए एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया है। इस समिति में 17 सदस्य होंगे, जिसकी अध्यक्षता गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय करेंगे। उच्चाधिकार समिति में लद्दाख के उप-राज्यपाल आर.के. माथुर, सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल, लेह और करगिल पर्वतीय परिषदों के अध्यक्ष, लेह-करगिल शीर्ष निकाय के प्रतिनिधि, करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस और गृह मंत्रालय के मनोनीत अधिकारी शामिल हैं।
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समिति लद्दाख की भौगोलिक स्थिति और सामरिक महत्व को देखते हुए वहां की संस्कृति और भाषा के संरक्षण पर चर्चा करेगी। यह लोगों के लिए रोजगार और भूमि का संरक्षण, समावेशी विकास, रोजगार सृजन और लद्दाख की लेह-करगिल स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों के सशक्तिकरण से संबंधित उपायों पर भी चर्चा करेगी।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता वाली समिति लद्दाख के लोगों के लिए भूमि और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी ध्यान देगी। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस और लेह एपेक्स बॉडी ने क्षेत्र के लिए छठी अनुसूची के तहत मान्यता की मांग को लेकर 7 जनवरी को जम्मू में बैठकों और प्रदर्शनों की योजना बनाई है।
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