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गोवा को मिलेगा तीसरा जिला: मुख्यालय क्यूपेम में होगा

गोवा में प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने तीसरे जिले के गठन का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य शासन को लोगों के और अधिक नज़दीक लाना है। यह नया जिला दक्षिण गोवा से अलग किया जाएगा और इसका मुख्यालय क्यूपेम में होगा। इस पहल का फोकस बेहतर प्रशासन, सेवा वितरण और आंतरिक क्षेत्रों के विकास पर रहेगा।

खबरों में क्यों?

गोवा सरकार ने दक्षिण गोवा के चार तालुकाओं को मिलाकर तीसरे जिले के गठन की घोषणा की है। यह निर्णय पहले ही कैबिनेट द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, क्षेत्रीय विकास को गति देना और बेहतर शासन के लिए छोटे जिलों की सिफारिशों के अनुरूप कदम उठाना है।

नए जिले की प्रमुख विशेषताएँ

  • प्रस्तावित तीसरे जिले में सांगुएम, धारबंदोरा, क्यूपेम और कनाकोना तालुके शामिल होंगे।
  • ये सभी तालुके वर्तमान में दक्षिण गोवा जिले का हिस्सा हैं और अधिकतर आंतरिक व अर्ध-ग्रामीण क्षेत्र हैं।
  • जिला मुख्यालय क्यूपेम में होगा, जिससे दक्षिणी और आंतरिक गोवा के निवासियों को प्रशासनिक सेवाएँ अधिक सुलभ होंगी।

गोवा की वर्तमान प्रशासनिक संरचना

वर्तमान में गोवा में दो जिले हैं—

  • उत्तर गोवा: बारदेज़, तिसवाड़ी, पेरनेम, बिचोलिम और सत्तारी
  • दक्षिण गोवा: पोंडा, मोरमुगाओ, साल्सेट, सांगुएम, धारबंदोरा, क्यूपेम और कनाकोना

पुनर्गठन के बाद, दक्षिण गोवा में पोंडा, साल्सेट और मोरमुगाओ बने रहेंगे, जबकि शेष चार तालुके नए जिले का गठन करेंगे।

निर्णय प्रक्रिया और सरकार का तर्क

  • मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि कैबिनेट का निर्णय विभिन्न दलों के विधायकों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया।

  • NITI आयोग की सिफारिशों के अनुसार छोटे जिले बनाकर शासन को अधिक प्रभावी और लोगों के करीब लाया जा सकता है।

सरकारी समिति की भूमिका

  • नवंबर 2023 में गोवा सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति का गठन किया।
  • समिति ने जनसंख्या वृद्धि, अवसंरचना, आर्थिक स्थिति, भूगोल और जनमत का अध्ययन किया।
  • विशेष रूप से पिछड़े और आदिवासी बहुल तालुकाओं के विकास पर प्रभाव तथा प्रशासनिक व वित्तीय निहितार्थों का आकलन किया गया।

विकासात्मक महत्व

  • समिति ने माना कि प्रस्तावित जिला आकांक्षी जिला कार्यक्रम के मानदंडों को पूरा करता है।
  • इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल आपूर्ति, अवसंरचना और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता मिलने की संभावना बढ़ेगी।
  • सरकार का मानना है कि दीर्घकालिक विकास लाभ, प्रारंभिक प्रशासनिक लागत से कहीं अधिक होंगे।

एक नज़र में मुख्य तथ्य

पहलू विवरण
ख़बरों में क्यों? गोवा ने तीसरे जिले के गठन की घोषणा की
नए जिले का मुख्यालय क्यूपेम
शामिल तालुके सांगुएम, धारबंदोरा, क्यूपेम, कनाकोना
किस जिले से अलग किया गया दक्षिण गोवा
प्रमुख उद्देश्य बेहतर शासन और क्षेत्रीय विकास

प्रश्न

Q. गोवा के प्रस्तावित तीसरे जिले का मुख्यालय कहाँ होगा?

A) पणजी
B) मडगांव
C) क्यूपेम
D) वास्को

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