सरकारी स्वामित्व वाली गैस कंपनी गेल (इंडिया) लि. ने कहा कि उसने भारत में 500 किलो टन प्रति वर्ष बायो-एथिलीन संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाशने के लिए अमेरिकी जैव-ईंधन उत्पादक पेट्रॉन साइंटेक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
गेल ने एक बयान में कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) में दोनों कंपनियों के बीच 50:50 संयुक्त उद्यम में बायो-एथनॉल आधारित संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाशने का प्रावधान है।
गेल देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस
गेल देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस परिवहन एवं विपणन कंपनी है, जबकि पेट्रॉन एथनॉल, बायो-एथिलीन, जैव-रसायन और विभिन्न जैव-ईंधन परियोजनाओं का उत्पादन करने के लिए बायोमास और अनाज प्रसंस्करण बायोरिफाइनरी परियोजनाएं स्थापित करने में माहिर है।
बयान के मुताबिक, गेल और पेट्रॉन संयुक्त रूप से परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता और वित्तीय संभावनाओं का पता लगाने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन करेंगी। दोनों पक्ष परियोजना में निवेश और संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने के लिए अपने-अपने प्रबंधन से निवेश अनुमोदन प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।
इनकी उपस्थिति में हस्ताक्षर
समझौते पर गेल के कार्यकारी निदेशक (व्यापार विकास और अन्वेषण एवं उत्पादन) सुमित किशोर और पेट्रॉन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी योगी सरीन ने गेल के निदेशक (व्यापार विकास) राजीव कुमार सिंघल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। समझौता ज्ञापन भारत में नवीकरणीय गतिविधियों को बढ़ाने और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


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