रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 01 जनवरी, 2021 को अपना 63 वां स्थापना दिवस मनाया। साल 1958 में DRDO की स्थापना रक्षा क्षेत्र में शोध कार्य को बढ़ाने के लिए केवल 10 प्रयोगशालाओं के साथ की गई थी। उस समय, इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों को डिजाइन करने और विकसित करने का काम सौंपा गया था।
WARRIOR 4.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class
DRDO अब तक, कई अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें वैमानिकी, आयुध, लड़ाकू वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, इंजीनियरिंग सिस्टम, मिसाइल, सामग्री, नौसेना प्रणाली, उन्नत कंप्यूटिंग, सिमुलेशन, साइबर, लाइफ साइंसेज और अन्य रक्षा प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- रक्षा अनुसंधान और विकास (DRDO) विभाग के सचिव और अध्यक्ष: डॉ. जी सतीश रेड्डी.
- DRDO मुख्यालय: नई दिल्ली.
- DRDO स्थापना: 1958.




ICAR और NDDB ने डेयरी रिसर्च को मज़बूत क...
APAAR ID निर्माण में छत्तीसगढ़ सबसे आगे...
भारत और जर्मनी ने डाक, एक्सप्रेस और लॉजि...

