Categories: AwardsCurrent Affairs

डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव को हैदराबाद में प्रतिष्ठित प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार 2026 प्राप्त हुआ

सम्माननीय डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव को 19 अप्रैल, 2026 को हैदराबाद में 9वें प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे वर्तमान में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के निदेशक और कुलपति के रूप में कार्यरत हैं, और उन्हें जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके अग्रणी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार का विशेष महत्व है, क्योंकि यह स्वर्गीय प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन की जन्म शताब्दी के अवसर पर प्रदान किया गया है; प्रो. स्वामीनाथन भारत की ‘हरित क्रांति’ के पीछे एक प्रमुख हस्ती थे।

श्रीनिवास राव को स्वामीनाथन पुरस्कार से सम्मानित

प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन पुरस्कार भारत के कृषि क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो उन वैज्ञानिकों को सम्मानित करता है जिन्होंने खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस पुरस्कार की स्थापना ‘रिटायर्ड ICAR एम्प्लॉईज़ एसोसिएशन’ द्वारा ‘नुज़िवीडु सीड्स लिमिटेड’ के सहयोग से की गई है, और यह कृषि अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता को रेखांकित करता है।

डॉ. राव का कार्य जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को विकसित करने पर केंद्रित रहा है, और इसने भारतीय कृषि को बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप ढलने में सहायता प्रदान की है।

जलवायु-अनुकूल कृषि में योगदान

डॉ. राव ने पूरे भारत में संसाधन संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप,

  • लाखों हेक्टेयर भूमि पर टिकाऊ पद्धतियों को अपनाया गया है
  • साथ ही, जलवायु संबंधी जोखिमों के लिए जिला-स्तरीय आकस्मिक योजनाओं का विकास किया गया है
  • और मिट्टी के स्वास्थ्य तथा जल प्रबंधन की रणनीतियों में सुधार हुआ है

इन योगदानों ने जलवायु परिवर्तनशीलता, सूखे और मौसम के अत्यधिक बदलावों से निपटने की देश की क्षमता को सुदृढ़ किया है, और कृषि उत्पादन में स्थिरता सुनिश्चित की है।

2026 में इस पुरस्कार का महत्व

इस पुरस्कार का 2026 का संस्करण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एम. एस. स्वामीनाथन की 100वीं जयंती का प्रतीक है।

उन्हें भारत की ‘हरित क्रांति’ का जनक माना जाता था, और उन्होंने देश को खाद्यान्न की कमी से निकालकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया।

इस ऐतिहासिक वर्ष में डॉ. राव जैसे वैज्ञानिकों को सम्मानित करके, ‘हरित क्रांति’ से ‘जलवायु-लचीली कृषि’ (Climate-Resilient Agriculture) की ओर हो रहे बदलाव को रेखांकित किया गया है; जो भारत के कृषि क्षेत्र की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

समारोह में विशिष्ट उपस्थिति

हैदराबाद में आयोजित इस पुरस्कार समारोह में कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की, जिनमें शामिल हैं:

  • एम. वेंकैया नायडू
  • तुम्माला नागेश्वर राव
  • मंडावा प्रभाकर राव
  • विद्या सागर राव

इनकी उपस्थिति राष्ट्रीय विकास में कृषि नवाचार के महत्व को रेखांकित करती है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

कैबिनेट ने पीएमजीएसवाई-III को मार्च 2028 तक जारी रखने की दी मंजूरी

भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क…

2 hours ago

दिनेश त्रिवेदी कौन हैं? बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त

पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है।…

2 hours ago

ओडिशा में देश की पहली एडवांस्ड 3D सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट की शुरुआत

देश की सेमीकंडक्टर प्रणाली को मज़बूत करने के लिए, 19 अप्रैल, 2026 को ओडिशा राज्य…

3 hours ago

साध्वी सतीश सैल बनीं फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 की विजेता

ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित फेमिना मिस इंडिया 2026 के 60वें संस्करण में गोवा की…

4 hours ago

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘भारत समुद्री बीमा पूल’ को मंज़ूरी दी

भारत की समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक लचीलेपन को मज़बूत करने के लिए, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र…

4 hours ago

ऑस्ट्रेलिया में दुर्लभ ‘नाइट पैरेट’ के देखे जाने की पुष्टि

यह असाधारण वैज्ञानिक सफलता तब मिली है, जब 'नाइट पैरेट' (Night Parrot) नामक पक्षी को—जिसे…

2 days ago