एक प्रमुख भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला ने घोषणा की है कि वह नोवार्टिस फार्मा एजी (स्विट्जरलैंड) के साथ लाइसेंसिंग समझौते में हाथ मिलाया है ताकि वह टाइप2 डायबिटीज के इलाज में उपयोग किए जाने वाले गैल्वस रेंज का उत्पादन और विपणन कर सके, जो 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगा।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
नियामक दायरे के अनुसार, सिप्ला ने गैल्वस और गैल्वस कम्बिनेशन ब्रांडों का निरंतर लाइसेंस समझौता पर हस्ताक्षर किए हैं जिससे इस दवा की श्रेणी में अपनी स्थिति को बढ़ाया जाएगा और भारतीय बाजार के मुख्य खिलाड़ियों में से एक के रूप में उसकी स्थिति को मजबूत किया जाएगा। सिप्ला ने उल्लेख किया है कि यह समझौता कुछ पूर्व शर्तों के पूरा होने पर ही होगा। दवा कंपनी के अनुसार, गैल्वस ब्रांड Dipeptidyl Peptidase-4 (DPP4) स्पेस में एक प्रमुख नाम है और मुंह में दिया जाने वाले मधुमेह दवाओं की श्रेणी में एक प्रमुख खिलाड़ी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर, सिप्ला के शेयर 901.85 रुपये प्रति शेयर पर 1.02 प्रतिशत तक बढ़ गए।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) के भारत क्षेत्र के ज़ोन VII का सम्मेलन गोवा में संपन्न…
गुजरात पुलिस ने ‘NARIT AI’ (नारकोटिक्स एनालिसिस और RAG-आधारित जांच टूल) लॉन्च किया है, और…
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक मध्यम-अवधि का रणनीतिक ढाँचा लॉन्च किया है, जिसे 'उत्कर्ष…
मुंद्रा पोर्ट भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट हब के तौर पर उभरा है। इस…
तकनीकी प्रगति में एक बड़ी सफलता के तौर पर, अहमदाबाद स्थित AAKA Space Studio ने…
हर साल 11 अप्रैल को पूरे भारत में 'राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस' मनाया जाता है।…