भारत ने समुद्री तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम (Floating LiDAR Buoy System) का सफल परीक्षण किया है। यह उन्नत प्रणाली समुद्र के ऊपर हवा की गति और दिशा को अत्यंत सटीकता से मापने के लिए विकसित की गई है। इससे मौसम पूर्वानुमान, चक्रवात की भविष्यवाणी और ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
यह पहल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु निगरानी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करती है।
फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम एक आधुनिक समुद्री उपकरण है, जो समुद्र के ऊपर हवा की गति और दिशा को मापता है।
पारंपरिक प्रणालियों के विपरीत, यह गहरे समुद्र में भी काम कर सकता है, जहां टावर लगाना संभव नहीं होता।
फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम लेजर तकनीक पर आधारित होता है—
इस प्रणाली को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है।
इसका सफल परीक्षण तमिलनाडु के मुत्तम तट के पास किया गया।
यह उपलब्धि—
1. बेहतर मौसम पूर्वानुमान
समुद्र के ऊपर सटीक डेटा मिलने से मौसम की भविष्यवाणी और अधिक सटीक होगी।
2. ऑफशोर पवन ऊर्जा विकास
यह प्रणाली समुद्र में पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान में मदद करती है।
3. जलवायु और समुद्री अनुसंधान
लगातार डेटा से जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय बदलावों का अध्ययन आसान होता है।
4. आपदा प्रबंधन
चक्रवात और तूफानों के लिए समय से चेतावनी देने में मदद मिलती है, जिससे नुकसान कम किया जा सकता है।
| विशेषता | पारंपरिक विंड टावर | LiDAR बुआ सिस्टम |
| स्थान | भूमि आधारित | समुद्र आधारित |
| डेटा सटीकता | मध्यम | उच्च |
| ऊंचाई कवरेज | सीमित | 300 मीटर तक |
| लागत | महंगी | किफायती |
| रियल-टाइम डेटा | सीमित | उपलब्ध |
आयुष्मान भारत दिवस हर साल 30 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन भारत की…
नॉर्डिक देश फ़िनलैंड ने एक ऐतिहासिक पल दर्ज किया है, क्योंकि यह यूरोप का पहला…
पंजाब FC ने जिंक फुटबॉल एकेडमी पर 3-0 की शानदार जीत के बाद, AIFF एलीट…
भारतीय भारोत्तोलकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए समोआ के अपिया में चल रही राष्ट्रमंडल युवा…
भारत के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, पीलीभीत ज़िले के टांडा बिजेसी गाँव…
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने घोषणा की है कि वह अगले महीने से पेट्रोलियम निर्यातक…