फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम: कैसे काम करता है और क्यों है जरूरी?

भारत ने समुद्री तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम (Floating LiDAR Buoy System) का सफल परीक्षण किया है। यह उन्नत प्रणाली समुद्र के ऊपर हवा की गति और दिशा को अत्यंत सटीकता से मापने के लिए विकसित की गई है। इससे मौसम पूर्वानुमान, चक्रवात की भविष्यवाणी और ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी।

यह पहल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु निगरानी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करती है।

फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम क्या है?

फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम एक आधुनिक समुद्री उपकरण है, जो समुद्र के ऊपर हवा की गति और दिशा को मापता है।

  • यह LiDAR (Light Detection and Ranging) तकनीक पर आधारित है
  • इसे समुद्र में तैरते बुआ (Buoy) पर स्थापित किया जाता है
  • यह समुद्र तल से विभिन्न ऊंचाइयों पर हवा के डेटा को एकत्र करता है

पारंपरिक प्रणालियों के विपरीत, यह गहरे समुद्र में भी काम कर सकता है, जहां टावर लगाना संभव नहीं होता।

प्रमुख विशेषताएं

  • समुद्र तल से 300 मीटर तक हवा की माप
  • रियल-टाइम और निरंतर डेटा उपलब्धता
  • दूरदराज समुद्री क्षेत्रों में भी प्रभावी कार्य
  • लेजर आधारित उच्च सटीकता तकनीक
  • पारंपरिक प्रणालियों की तुलना में अधिक किफायती और लचीला

यह कैसे काम करता है?

फ्लोटिंग LiDAR बुआ सिस्टम लेजर तकनीक पर आधारित होता है—

  • बुआ समुद्र की सतह पर स्थिर रहता है
  • यह वातावरण में लेजर किरणें भेजता है
  • ये किरणें हवा में मौजूद कणों से टकराती हैं
  • वापस आने वाले सिग्नल का विश्लेषण किया जाता है
  • इससे हवा की गति और दिशा का सटीक आंकलन होता है

भारत की उपलब्धि

इस प्रणाली को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT), चेन्नई द्वारा विकसित किया गया है।

इसका सफल परीक्षण तमिलनाडु के मुत्तम तट के पास किया गया।

यह उपलब्धि—

  • विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करती है
  • समुद्री अनुसंधान में भारत की स्थिति मजबूत करती है
  • ऑफशोर ऊर्जा विकास को गति देती है

यह प्रणाली क्यों महत्वपूर्ण है?

1. बेहतर मौसम पूर्वानुमान

समुद्र के ऊपर सटीक डेटा मिलने से मौसम की भविष्यवाणी और अधिक सटीक होगी।

2. ऑफशोर पवन ऊर्जा विकास

यह प्रणाली समुद्र में पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान में मदद करती है।

3. जलवायु और समुद्री अनुसंधान

लगातार डेटा से जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय बदलावों का अध्ययन आसान होता है।

4. आपदा प्रबंधन

चक्रवात और तूफानों के लिए समय से चेतावनी देने में मदद मिलती है, जिससे नुकसान कम किया जा सकता है।

पारंपरिक विधियों और LiDAR बुआ सिस्टम की तुलना

विशेषता पारंपरिक विंड टावर LiDAR बुआ सिस्टम
स्थान भूमि आधारित समुद्र आधारित
डेटा सटीकता मध्यम उच्च
ऊंचाई कवरेज सीमित 300 मीटर तक
लागत महंगी किफायती
रियल-टाइम डेटा सीमित उपलब्ध
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vikash

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