चीन ने औपचारिक रूप से अपना पहला विदेशी सैन्य बेस जिबूती, हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका में उद्घाटित किया, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अपनी स्थापना की 90वीं वर्षगाठ पर ध्वजारोहण के साथ बेस का उद्घाटन किया.
हिंद महासागर के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर जिबूती की स्थिति ने भारत में चिंता को बढ़ा दिया है, यह स्थान चीन के “मोती की तार”(string of pearls) सैन्य गठबंधनों में से एक बन गया है और यह भारत सहित बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका के लिए खतरे की घंटी है.
उपरोक्त समाचार से महत्वपूर्ण तथ्य-
- जिबूती फ्रैंक जिबूती की मुद्रा है.
स्त्रोत- Reuters



BAFTA Awards 2026: देखें पूरी बाफ्टा अवा...
विश्व शांति और समझदारी दिवस 2026...
व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 202...

