केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1 लाख करोड़ की लागत वाली एक महत्वाकांक्षी रोज़गार-आधारित प्रोत्साहन (Employment-Linked Incentive – ELI) योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोज़गार के अवसर सृजित करना है। यह योजना केन्द्रीय बजट 2024–25 का हिस्सा है और इसमें नियोक्ताओं को वित्तीय सहायता व कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी, विशेषकर उत्पादन (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र पर जोर रहेगा।
यह नई योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू होगी। कुल लक्षित 3.5 करोड़ नौकरियों में से लगभग 1.92 करोड़ पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं के लिए होंगी। योजना का उद्देश्य है कि सभी क्षेत्रों में औपचारिक रोज़गार बढ़े और श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मिले, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक की प्रोत्साहन राशि दो वर्षों तक दी जाएगी, बशर्ते कि वह नौकरी कम से कम छह महीने तक जारी रहे। उत्पादन क्षेत्र में यह प्रोत्साहन दो साल और बढ़ाया जा सकता है। नए कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (अधिकतम ₹15,000) भी लाभ के रूप में मिलेगा।
इस योजना की घोषणा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में हुई कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान की। उन्होंने बताया कि यह ELI योजना प्रधानमंत्री के रोज़गार एवं कौशल विकास पैकेज के तहत शुरू की गई पांच पहलों में से एक है। इस पैकेज का कुल बजट ₹2 लाख करोड़ है, जिससे 4 करोड़ से अधिक युवाओं को लाभ होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है रोज़गार को औपचारिक बनाना, सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाना, और देश के युवाओं में बेरोज़गारी की दर को कम करना।
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