अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन शिवा शुरू

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए “ऑपरेशन शिवा 2025” की शुरुआत की है। इस अभियान की घोषणा शुक्रवार को की गई, जिसमें बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती, आधुनिक निगरानी उपकरणों और आपदा प्रतिक्रिया उपायों को शामिल किया गया है। इस वर्ष पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों से बढ़ते खतरे के कारण यह सुरक्षा अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।

तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम

ऑपरेशन शिवा 2025 के तहत, सेना ने यात्रा के उत्तर और दक्षिण मार्गों पर 8,500 से अधिक जवानों को तैनात किया है। यह प्रयास नागरिक प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ समन्वय में किया गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक बहु-स्तरीय आतंकवाद विरोधी सुरक्षा तंत्र और उन्नत निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है।

ड्रोन खतरों से निपटने के लिए 50 से अधिक प्रणालियों की एक काउंटर-यूएएस (C-UAS) प्रणाली सक्रिय की गई है। यात्रा मार्ग और पवित्र गुफा के आसपास लगातार ड्रोन और यूएवी निगरानी की जा रही है। उच्च गुणवत्ता वाले पीटीजेड (PTZ) कैमरे और लाइव ड्रोन फीड के माध्यम से काफिलों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी खतरे का समय रहते पता चल सके।

चिकित्सा, संचार और ढांचागत सहयोग

यात्रियों के लिए मजबूत चिकित्सा सहायता की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें शामिल हैं:

  • 150 से अधिक चिकित्सा कर्मचारी

  • 2 उन्नत ड्रेसिंग स्टेशन

  • 9 प्राथमिक उपचार केंद्र

  • 100 बिस्तरों वाला अस्पताल

  • 26 ऑक्सीजन बूथ जिनमें 2 लाख लीटर ऑक्सीजन मौजूद

संचार व्यवस्था के लिए सिग्नल कंपनियां सक्रिय हैं, जबकि बम डिटेक्शन स्क्वॉड पूरी तरह अलर्ट पर हैं। आपातकालीन स्थिति में हेलीकॉप्टरों की तैनाती भी की गई है।

इंजीनियरिंग टीमें पुलों की मरम्मत, सड़कों के सुधार और आपदा प्रतिक्रिया सहायता में लगी हैं। इसके अतिरिक्त:

  • 25,000 लोगों के लिए आपातकालीन खाद्य सामग्री

  • टेंट सिटी

  • बुलडोज़र

  • जल आपूर्ति बिंदु भी स्थापित किए गए हैं।

शांतिपूर्ण यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता

भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन शिवा 2025 उसकी इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने कहा कि कश्मीर घाटी में हाल की मुठभेड़ों के बाद प्रॉक्सी आतंकवादी समूहों से बढ़ते खतरे को देखते हुए यह सुरक्षा व्यवस्था बेहद ज़रूरी है। यात्रा मार्गों पर क्विक रिएक्शन टीम (QRT) भी तैनात हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगी।

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vikash

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