ब्रिटेन की महंगाई दर जुलाई में बढ़कर 40 साल के नए उच्चतम 10.1 प्रतिशत पर पहुंच गई। दरअसल, खाने-पीने के सामान के दाम बढ़ने और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के चलते महंगाई में यह उछाल आया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) ने कहा कि उपभोक्ता मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति दो अंकों में पहुंच गई है, जो जून में 9.4 प्रतिशत से अधिक थी। यह आंकड़ा विश्लेषकों के 9.8 प्रतिशत के पूर्वानुमान से अधिक है। बयान के मुताबिक यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं, ऊर्जा, टॉयलेट पेपर और टूथब्रश समेत रोजमर्रे की वस्तओं की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के चलते हुई।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन में महंगाई साल के अंत तक और भी अधिक बढ़ सकती है। यह लोगों के बजट पर दबाव डालने के साथ आर्थिक सुस्ती को न्योता देगा। महगाई में यह वृद्धि यूरोप के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। यूरोप में महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह है कि रूस ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति रोक रखा है। इससे यूरोप के ज्यादातर देश प्रभावित हो रहे हैं। फलस्वरूप महंगाई बढ़ रही है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…
भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…
गुजरात सरकार ने India AI Impact Summit 2026 के दौरान Larsen & Toubro की व्योमा…
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पेंशन फंड ने 20 फरवरी 2026 को पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण…
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने सारण जिले के सोनपुर…