भैंसों की पारंपरिक दौड़ ‘कंबाला’ को वैध करने के लिए कर्नाटक विधानसभा ने सोमवार को पशु क्रूरता निवारण (कर्नाटक संशोधन) विधेयक, 2017 पास कर दिया. यह विधेयक केवल उन कार्यक्रमों को अनुमति देता है, जिनमें पशुओं को अनावश्यक दर्द नहीं पहुंचाया जाएगा.
दरअसल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने कंबाला पर रोक लगा रखी थी. इससे पहले तमिलनाडु में जल्लीकट्टू को मंज़ूरी देने वाला विधेयक पास हो चुका है.
स्रोत – दि हिन्दू



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