ऋषिकेश, उत्तराखंड में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की पूर्व संध्या पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कि दुनिया को आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन की दोहरी चुनौतियों से खतरा है.
उन्होंने कहा कि देशों के बीच शांति होनी चाहिए और योग दुनिया भर में व्यक्तियों, समाज, देश सभी के भीतर सद्भाव और शांति बनाने में मदद करता है.
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का वक्तव्य उद्धृत किया कि विस्तार ही जीवन है और संकुचन मृत्यु है. उन्होंने परमार्थ निकेतन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह दुनिया भर के लोगों को योग के माध्यम से निकट ला रहा है.
स्रोत – दि हिन्दू



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