देश के बड़े आयुर्वेदाचार्यों में शुमार डॉ. पीके वारियर ने शनिवार को केरल के कोट्टाक्कल स्थित अपने घर पर अंतिम सांल ली। डॉ पीके कोट्टक्कल आर्य वैद्य शाला के मुख्य चिकित्सक और मैनेजिंग ट्रस्टी भी थे। इस वैद्यशाला की शाखाएं पूरे देश में फैली हुई हैं।
प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ वारियर को 1999 में पद्मश्री और 2010 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। स्मृतिपर्वम नामक उनकी आत्मकथा ने 2009 में केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता।


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