असम ने रिसर्च स्कॉलर्स के लिए ₹25,000 प्रति माह की सहायता योजना शुरू की

उच्च शिक्षा और अनुसंधान को सशक्त करने की दिशा में असम सरकार ने शोधार्थियों के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक दबाव को कम करना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और एक सशक्त अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिससे असम को ज्ञान और अनुसंधान-आधारित विकास के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

क्यों चर्चा में?

असम सरकार ने अटल विचल अग्रगामी असम कार्यक्रम के तहत शोधार्थियों के लिए मासिक वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की है, जिसे 11 फरवरी 2026 को लॉन्च किया जाएगा।

अटल विचल अग्रगामी असम योजना

  • यह नई योजना सीधे तौर पर शोध कार्य में संलग्न विद्यार्थियों को समर्थन देने के लिए बनाई गई है।
  • नियमित शोधार्थियों को ₹25,000 प्रति माह की सहायता।
  • दिव्यांग शोधार्थियों के लिए बढ़ी हुई सहायता ₹40,000 प्रति माह।
  • असम के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकित शोधार्थियों पर लागू।
  • उद्देश्य: आर्थिक बाधाओं को कम कर शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देना।

सरकार की दृष्टि और उद्देश्य

इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की, जिन्होंने इसे असम के अकादमिक परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी कदम बताया।

युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाना।

  • उच्च गुणवत्ता एवं अंतःविषय (Interdisciplinary) अनुसंधान को बढ़ावा।
  • असम को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूत करना।
    यह पहल मानव संसाधन और नवाचार क्षमता में दीर्घकालिक निवेश को दर्शाती है।

समावेशी और समान अनुसंधान को समर्थन

  • योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका समावेशी दृष्टिकोण है।
  • दिव्यांग शोधार्थियों के लिए अधिक वित्तीय सहायता।
  • उच्च शिक्षा और अनुसंधान में समान अवसर सुनिश्चित करना।
  • समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप।
  • इससे यह सुनिश्चित होगा कि शारीरिक चुनौतियां किसी की शोध क्षमता में बाधा न बनें।

शोधार्थियों के लिए अपेक्षित लाभ

  • यह वित्तीय सहायता शोधार्थियों की व्यावहारिक समस्याओं को कम करने में सहायक होगी।
  • शोध सामग्री, फील्डवर्क और डेटा संग्रह के खर्च में मदद।
  • शोध अवधि के दौरान जीवन-यापन खर्चों का समर्थन।
  • दीर्घकालिक और गहन अनुसंधान परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहन।
  • शैक्षणिक जगत ने इस पहल को अनुसंधान उत्पादकता बढ़ाने वाला समयोचित कदम बताया है।

असम की व्यापक शिक्षा सुधार नीति का हिस्सा

  • यह योजना असम की शिक्षा क्षेत्र में चल रहे व्यापक सुधारों का हिस्सा है।
  • कौशल विकास और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग पहलों को पूरक।
  • अनुसंधान, नवाचार और आत्मनिर्भरता से जुड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों का समर्थन।
  • राज्य में युवा शोध प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने का प्रयास।
  • हाल के वर्षों में असम ने उच्च शिक्षा अवसंरचना में निरंतर निवेश बढ़ाया है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

केरल में ‘लिरियोथेमिस केरलेंसिस’ नामक नई ड्रैगनफ्लाई प्रजाति की खोज

केरल ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से वैज्ञानिकों को चौंका दिया है।…

9 hours ago

AIIA ने कैशलेस आयुर्वेद कवरेज के लिए जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के साथ MoU साइन किया

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने नई दिल्ली में जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के साथ एक…

9 hours ago

दिल्ली सरकार ने शुरू ‘लखपति बिटिया योजना’ की

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से…

12 hours ago

Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: स्पीकर को हटाने की क्या है प्रक्रिया

विपक्ष ने 10 फरवरी 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश…

13 hours ago

ADB ने ब्रह्मपुत्र के किनारे बाढ़ प्रबंधन बढ़ाने हेतु 182 मिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने असम में बाढ़ और नदी तट कटाव प्रबंधन को मजबूत…

13 hours ago

उत्तर प्रदेश ने पेश किया 9.13 लाख करोड़ रुपये का गेम-चेंजर बजट 2026-27

उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी वर्ष के लिए एक विशाल वित्तीय रोडमैप प्रस्तुत किया है।…

14 hours ago