असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने गुवाहाटी में बच्चों के लिए मूल्य-आधारित शिक्षा कार्यक्रम ‘संस्कार शाला’ का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक, तकनीक-प्रधान समाज में औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिक शिक्षा, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है।
क्यों समाचार में?
असम के राज्यपाल ने संस्कार शाला का शुभारंभ किया, जो मूल्य-आधारित शिक्षा पर केंद्रित एक कार्यक्रम है। इस अवसर पर उन्होंने गुवाहाटी ब्लाइंड हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में भी भाग लिया।
संस्कार शाला कार्यक्रम के बारे में
- यह कार्यक्रम 4 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए तैयार किया गया है।
- इसका मुख्य फोकस नैतिकता, करुणा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर है।
- इसका उद्देश्य जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना है।
राज्यपाल के प्रमुख विचार
- मूल्य व्यक्तित्व और सामाजिक सौहार्द की आधारशिला होते हैं।
- नैतिक शिक्षा को औपचारिक शिक्षा के साथ जोड़ा जाना चाहिए।
- प्राचीन भारतीय ग्रंथ धर्मपूर्ण जीवन के लिए कालातीत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
इस पहल का महत्व
- भारत की नैतिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।
- कम उम्र से ही सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास।
- तकनीकी प्रगति के साथ नैतिकता और अनुशासन का संतुलन स्थापित करना।


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