रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) में भारत और इस्राइल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित लंबी-दूरी वाली सतह-से-वायु में मार करने वाली मिसाइल (एलआरएसएएम) को भारतीय नौसेना को सौंप दिया. एलआरएसएएम हवाई लक्ष्यों और मिसाइलों के खिलाफ एक उन्नत मिसाइल रक्षा कवच है, और हवा और सतह की निगरानी, खतरे की चेतावनी और आग नियंत्रण की पूर्ण क्षमता रखता है.
मंत्री ने अपनी तरह का पहला 50 टन का रॉकेट मोटर स्टेटिक टेस्ट सुविधा भी समर्पित किया. उन्होंने बीएसडीएल के भानूर इकाई में एस्ट्रा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया.
- एडमिरल सुनील लांबा भारतीय नौसेना के वर्तमान सीएनएस हैं.
- एस्ट्रा हथियार प्रणाली डीआरडीओ द्वारा विकसित एक स्वदेशी विकसित एयर-टू-एयर विसुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल है.



IIM रोहतक ने जीता BIMTECH का ‘Hermes Dia...
बड़ी उपलब्धि: भारतीय मूल के वैज्ञानिक दी...
COP33 Summit 2028: भारत ने अचानक क्यों व...


