एनएमडीसी के निदेशक (वित्त) अमिताभ मुखर्जी ने चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया है। भारतीय रेलवे लेखा सेवा (आईआरएएस) के 1995 बैच के अधिकारी मुखर्जी एक कॉस्ट एकाउंटटेंट भी हैं। एनएमडीसी ने बीएसई को भेजी एक सूचना में कहा कि मुखर्जी के ही नेतृत्व में एनएमडीसी लिमिटेड से एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के अलगाव को समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया। परियोजना प्रबंधन, डिजिटल पहल और नीति निर्माण उनकी विशेषता है।एनएमडीसी में शामिल होने से पहले, वह रेल विकास निगम लिमिटेड में महाप्रबंधक (वित्त) थे।
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वे कोस्ट एकाउंटेंट भी हैं और उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से वाणिज्य में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने एनएमडीसी के ऑस्ट्रेलिया प्रचालन को प्री-प्रोडक्शन स्टेज (गोल्ड) तक पहुंचाया है और आयरन ओर माइनिंग टेनेमेंट का मोनेटाइज करते हुए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनी हैनकॉक प्रॉस्पेक्टिंग के साथ एक रणनीतिक गठजोड़ को भी अंतिम रूप दिया है। उन्होंने बड़े विनिर्माण उद्योग श्रेणी में वर्ष 2022 के लिए फाइनेंशियल एक्सप्रेस से “एफई सीईओ ऑफ द ईयर पुरस्कार” प्राप्त किया। सीआईआई ने उन्हें औद्योगिक विनिर्माण की सेक्टोरियल श्रेणी के तहत “वर्ष 2022 के अग्रणी सीएफओ” के रूप में मान्यता भी दी है। उन्हें भारतीय रेलवे में अपने कार्यकाल के दौरान वर्ष 2006 के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया।
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