केंद्र ने आपदा न्यूनीकरण के लिए 3,027 करोड़ रुपये आवंटित किए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति (HLC) ने भारत के विभिन्न राज्यों में आपदा न्यूनीकरण परियोजनाओं के लिए ₹3,027.86 करोड़ की बड़ी राशि को मंजूरी दी है। इस समिति में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नीति आयोग के उपाध्यक्ष भी शामिल हैं। समिति ने बिजली सुरक्षा, सूखा प्रभावित क्षेत्रों और वन अग्नि प्रबंधन से संबंधित परियोजनाओं की समीक्षा कर उन्हें स्वीकृति दी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत की आपदा तैयारी को मजबूत करना और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करना है।

प्रमुख बिंदु

  • कुल वित्तीय स्वीकृति: ₹3,027.86 करोड़ आपदा न्यूनीकरण परियोजनाओं के लिए स्वीकृत।
  • समिति के सदस्य: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नीति आयोग के उपाध्यक्ष।
  • राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF): इन परियोजनाओं के लिए धनराशि NDMF से प्रदान की जाएगी।

स्वीकृत परियोजनाएं

सूखा प्रभावित क्षेत्र

  • कुल लागत: ₹2,022.16 करोड़।
  • केंद्र सरकार की हिस्सेदारी: ₹1,200 करोड़।
  • लक्षित राज्य: 12 सूखा प्रभावित राज्य।
  • शामिल राज्य: आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश।

बिजली सुरक्षा

  • कुल लागत: ₹186.78 करोड़।
  • लक्षित राज्य: 10 राज्य, जहां बिजली गिरने की घटनाएं अधिक होती हैं।
  • शामिल राज्य: आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल।

वन अग्नि जोखिम प्रबंधन

  • कुल लागत: ₹818.92 करोड़।
  • केंद्र सरकार की हिस्सेदारी: ₹690.63 करोड़।
  • लक्षित क्षेत्र: 144 उच्च प्राथमिकता वाले जिले।
  • शामिल राज्य: आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, महाराष्ट्र, मिजोरम, मध्य प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तराखंड।

अन्य आपदा न्यूनीकरण पहल

  • शहरी बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण: 7 प्रमुख शहरों के लिए पहले ही ₹3,075.65 करोड़ स्वीकृत।
  • ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) जोखिम न्यूनीकरण: 4 राज्यों के लिए ₹150 करोड़ की मंजूरी।
  • भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण: 15 राज्यों के लिए ₹1,000 करोड़ स्वीकृत।

वित्तीय सहायता जारी की गई

  • राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF): 27 राज्यों को ₹17,479.60 करोड़ जारी।
  • राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF): 18 राज्यों को ₹4,808.30 करोड़ जारी।
  • राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF): 13 राज्यों को ₹1,973.55 करोड़ प्रदान।
  • राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF): 8 राज्यों को ₹719.72 करोड़ प्रदान।

उद्देश्य

सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आपदा-रहित भारत” (Disaster-Resilient India) के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रणाली को मजबूत कर रही है। यह पहल राज्यों को पर्याप्त वित्तीय सहायता और संसाधन प्रदान कर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सहायक होगी।

गोवा में 10वां साइंस-फिक्शन फिल्म महोत्सव शुरू हुआ

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 30 जनवरी 2025 को पणजी में साइ-फाई साइंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का उद्घाटन किया। यह उत्सव विद्ञान परिषद गोवा द्वारा आयोजित किया गया है, जो विज्ञान, नवाचार और जिज्ञासा की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है। इस वर्ष का महोत्सव प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. एम. स्वामीनाथन को समर्पित है। फेस्टिवल की थीम “हरित क्रांति” (Green Revolution) रखी गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) की ओर प्रेरित करना है। यह चार दिवसीय आयोजन भारत की प्रगति में विज्ञान और नवाचार की महत्ता को रेखांकित करता है और युवाओं को वैज्ञानिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:

  • उद्घाटन: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने साइ-फाई साइंस फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन किया।
  • आयोजनकर्ता: फेस्टिवल विद्ञान परिषद गोवा द्वारा गोवा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया है।
  • थीम: इस वर्ष की थीम “हरित क्रांति” है, जो सतत विकास और युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
  • डॉ. एम. स्वामीनाथन को श्रद्धांजलि: यह फेस्टिवल महान वैज्ञानिक डॉ. एम. स्वामीनाथन के सम्मान में आयोजित किया जा रहा है, जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
  • समारोह की अवधि: यह चार दिवसीय आयोजन विज्ञान, नवाचार और सिनेमा का उत्सव है।
  • युवाओं को प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि ऐसे फेस्टिवल युवाओं में वैज्ञानिक रुचि बढ़ाने, विज्ञान में करियर को प्रेरित करने और भारत के “विकसित भारत” (Viksit Bharat) के विजन में योगदान देने में सहायक हैं।
  • गोवा में वैज्ञानिक संस्थान: सीएम सावंत ने इस बात पर जोर दिया कि गोवा अब वैज्ञानिक अनुसंधान का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। यहां आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), राष्ट्रीय समुद्री अनुसंधान संस्थान (NIO) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (National Forensic Sciences University) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थित हैं।

अतिरिक्त जानकारी:

  • माननीय अतिथियों की उपस्थिति: इस कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, गोवा विश्वविद्यालय के कुलपति हरिलाल मेनन, और विद्ञान परिषद गोवा के अध्यक्ष प्रसाद रंगनेकर शामिल हुए।
  • फेस्टिवल की शुरुआत: स्व. मनोहर पर्रिकर और जयंतराव सहस्रबुद्धे द्वारा इस फेस्टिवल की संकल्पना की गई थी, जो विज्ञान और नवाचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
  • साइंस फिक्शन फिल्मों की भूमिका: सीएम सावंत ने इस बात को भी रेखांकित किया कि विज्ञान-आधारित फिल्मों से छात्रों में जिज्ञासा, उत्साह और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता है, जो भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संक्षिप्त जानकारी विवरण
क्यों चर्चा में? पणजी में गोवा के मुख्यमंत्री ने साइ-फाई साइंस फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन किया
कार्यक्रम का नाम साइ-फाई साइंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया
आयोजनकर्ता विद्यान परिषद गोवा एवं गोवा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से
स्थान पणजी, गोवा
मुख्य अतिथि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत
कार्यक्रम की अवधि 4 दिवसीय
इस वर्ष की थीम हरित क्रांति (सतत विकास और युवाओं की भागीदारी)
सम्मानित वैज्ञानिक डॉ. एम. स्वामीनाथन
प्रमुख गणमान्य व्यक्ति डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, हरिलाल मेनन, प्रसाद रंगनेकर
फेस्टिवल का उद्देश्य युवाओं में विज्ञान, नवाचार और जिज्ञासा को बढ़ावा देना
गोवा के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान IIT, NIT, NIO, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय
संस्थापक विरासत स्व. मनोहर भाई पर्रिकर, स्व. जयंतराव सहस्रबुद्धे
मुख्यमंत्री की दृष्टि युवाओं को विज्ञान में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करना और “विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार करना

बजट 2025: केंद्रीय बजट के बारे में 10 रोचक तथ्य

केंद्रीय बजट, जिसे संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) भी कहा जाता है, अगली वित्तीय वर्ष के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाता है। इसमें सरकार के नियोजित व्यय, अपेक्षित राजस्व और आर्थिक नीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाती है। बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है और 1 अप्रैल से लागू होता है। 2016 से पहले, इसे फरवरी के अंतिम कार्यदिवस पर प्रस्तुत किया जाता था। इसका मसौदा तैयार करने की ज़िम्मेदारी आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) के बजट प्रभाग की होती है।

केंद्रीय बजट से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करने जा रही हैं। यहां केंद्रीय बजट से जुड़ी 10 रोचक जानकारियां दी गई हैं:

  • प्रस्तुति की तिथि में बदलाव: 2016 तक, केंद्रीय बजट परंपरागत रूप से फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर पेश किया जाता था। हालांकि, अब इसे 1 फरवरी को पेश किया जाता है।
  • घोषणा समय में परिवर्तन: 1999 तक, केंद्रीय बजट की घोषणा शाम 5:00 बजे की जाती थी, जो औपनिवेशिक परंपरा का हिस्सा थी। वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने 2001 से इसे सुबह 11:00 बजे करना शुरू किया।
  • हलवा समारोह परंपरा: बजट प्रस्तुत करने से एक सप्ताह पहले, वित्त मंत्री मंत्रालय के अधिकारियों को ‘हलवा’ वितरित करते हैं, जो ‘लॉक-इन’ अवधि की शुरुआत का प्रतीक है।
  • डिजिटल परिवर्तन: डिजिटल तरीकों को अपनाने के साथ ही लॉक-इन अवधि को दो सप्ताह से घटाकर पांच दिन कर दिया गया है।
  • ब्रिफकेस परंपरा समाप्ति: 2018 तक वित्त मंत्री बजट को चमड़े के ब्रिफकेस में लेकर आते थे, लेकिन अब यह परंपरा समाप्त कर दी गई है।
  • पेपरलेस बजट: 1 फरवरी 2021 को, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल टैबलेट का उपयोग करते हुए पहला पेपरलेस बजट पेश किया।
  • केंद्रीय बजट के दो भाग:
    1. वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement): इसमें सरकार की अनुमानित आय और व्यय का सारांश होता है।
    2. अनुदान मांग (Demand for Grants): इसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अनुमानित खर्च का विवरण होता है।
  • संसदीय प्रक्रिया: वित्त मंत्री लोकसभा में बजट भाषण प्रस्तुत करते हैं, जिसके बाद उस पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया होती है।
  • मध्यावधि समीक्षा: सरकार की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करने के लिए ‘मध्यावधि समीक्षा’ या ‘अर्धवार्षिक रिपोर्ट’ प्रकाशित की जाती है।
  • राष्ट्रपति की स्वीकृति परंपरा: बजट प्रस्तुत करने से पहले, वित्त मंत्री राष्ट्रपति से भेंट कर उनकी स्वीकृति प्राप्त करते हैं। बजट भाषण के बाद, वित्त मंत्री अन्य मंत्रियों और हितधारकों के साथ चर्चा करते हैं।

सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में बनाया नया रिकॉर्ड

भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने महिलाओं में सबसे अधिक स्पेसवॉक समय का नया रिकॉर्ड बनाया है, जिससे उन्होंने पूर्व अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। विलियम्स ने अब नौ स्पेसवॉक में कुल 62 घंटे और 6 मिनट का समय दर्ज किया है। यह उपलब्धि उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर के साथ अपनी हालिया एक्सट्रावेहिकुलर एक्टिविटी (EVA) के दौरान हासिल की।

प्रमुख बिंदु

रिकॉर्ड-ब्रेकिंग स्पेसवॉक

  • सुनीता विलियम्स ने अब कुल 62 घंटे और 6 मिनट का स्पेसवॉक समय पूरा कर लिया है, जिससे उन्होंने पैगी व्हिटसन के 60 घंटे और 21 मिनट के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
  • वह नासा के ऑल-टाइम स्पेसवॉक सूची में चौथे स्थान पर पहुंच गई हैं।
  • यह ऐतिहासिक स्पेसवॉक 5 घंटे और 26 मिनट तक चला, जो सुबह 7:43 बजे ET से शुरू होकर 1:09 बजे ET पर समाप्त हुआ।

स्पेसवॉक का उद्देश्य

  • विलियम्स और बुच विलमोर ने पुराने रेडियो संचार उपकरणों को हटाया
  • उन्होंने ISS के बाहरी हिस्से से सूक्ष्मजीवों की संभावित उपस्थिति की जांच के लिए नमूने एकत्र किए

ISS पर विस्तारित प्रवास

  • विलियम्स और विलमोर जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में सवार होकर आठ दिवसीय मिशन के लिए रवाना हुए थे
  • हालांकि, हीलियम लीकेज और थ्रस्टर खराबी के कारण नासा ने स्टारलाइनर को असुरक्षित मानते हुए उनके पृथ्वी पर लौटने की योजना रोक दी।
  • नासा ने अब योजना बनाई है कि वे मार्च 2025 के अंत में स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर लौटेंगे

विलियम्स की उपलब्धियां

  • यह उनका नौवां स्पेसवॉक और बुच विलमोर का पांचवां स्पेसवॉक था।
  • 2012 में, सुनीता विलियम्स ISS पर रहकर अंतरिक्ष में ट्रायथलॉन पूरा करने वाली पहली व्यक्ति बनीं

नासा की घोषणा

  • नासा ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की पुष्टि X (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से की
  • एजेंसी सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर के स्वास्थ्य और मिशन की प्रगति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है, क्योंकि वे अपने सुरक्षित लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
क्यों चर्चा में? सुनीता विलियम्स ने नया स्पेसवॉक रिकॉर्ड बनाया
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स
नया स्थापित रिकॉर्ड 62 घंटे 6 मिनट का स्पेसवॉक (पैगी व्हिटसन के 60 घंटे 21 मिनट से अधिक)
नासा की ऑल-टाइम सूची में रैंक 4वीं
हालिया स्पेसवॉक अवधि 5 घंटे 26 मिनट
स्पेसवॉक का उद्देश्य खराब उपकरण हटाना, सूक्ष्मजीवों के नमूने एकत्र करना
वर्तमान मिशन स्थिति जून 2024 से ISS पर फंसी, स्टारलाइनर समस्याओं के कारण
योजना अनुसार वापसी मार्च 2025 के अंत में स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से
पिछली उपलब्धि 2012 में अंतरिक्ष में ट्रायथलॉन पूरा करने वाली पहली अंतरिक्ष यात्री

Union Budget: बजट और बजट का महत्व क्या है

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, सरकार प्रत्येक वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने के लिए बाध्य है। यह बजट आगामी वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए संभावित आय और व्यय का विवरण प्रस्तुत करता है।

पूंजीगत बजट का अवलोकन

केंद्रीय बजट दो प्रमुख घटकों में विभाजित होता है: पूंजीगत बजट और राजस्व बजट। पूंजीगत बजट में सरकार की पूंजीगत प्राप्तियां और भुगतान शामिल होते हैं। पूंजीगत प्राप्तियों में सार्वजनिक ऋण या भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से लिए गए ऋण शामिल होते हैं, जबकि पूंजीगत व्यय में स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे के विकास, उपकरण रखरखाव और शैक्षिक सुविधाओं पर किए गए खर्च शामिल होते हैं।

राजस्व बजट का अवलोकन

राजस्व बजट मुख्य रूप से राजस्व प्राप्तियों और व्यय से संबंधित होता है। यदि सरकार का व्यय उसकी प्राप्तियों से अधिक होता है, तो इसे राजस्व घाटा कहा जाता है।

केंद्रीय बजट का महत्व

केंद्रीय बजट भारत की आर्थिक दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका उद्देश्य तेज़ और संतुलित विकास, सामाजिक न्याय और समानता को सुनिश्चित करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

(क) संसाधनों का कुशल आवंटन सुनिश्चित करना

सरकारी लाभ को अधिकतम करने और सार्वजनिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों का उचित आवंटन आवश्यक है।

(ख) बेरोजगारी और गरीबी को कम करना

बजट का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन और नए रोज़गार अवसरों का सृजन करना है, ताकि नागरिकों की बुनियादी आवश्यकताएँ, जैसे भोजन, आवास, वस्त्र, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा, पूरी की जा सकें।

(ग) आय और संपत्ति में असमानता को कम करना

सरकार कर और सब्सिडी के माध्यम से आय के पुनर्वितरण को प्रभावित करती है। अमीर वर्ग पर अधिक कर लगाकर आय असमानता को कम करने की दिशा में प्रयास किया जाता है।

(घ) महंगाई पर नियंत्रण रखना

केंद्रीय बजट आर्थिक अस्थिरता को नियंत्रित करने में मदद करता है। मुद्रास्फीति के दौरान अधिशेष बजट नीतियाँ अपनाई जाती हैं, जबकि मंदी के दौरान घाटे की बजट नीतियाँ लागू की जाती हैं।

(ङ) कर संरचना में बदलाव

बजट में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में परिवर्तन किए जाते हैं। इसमें आयकर दरों और कर श्रेणियों में संशोधन भी शामिल होता है। उदाहरण के लिए, वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आयकर स्लैब बजट के माध्यम से निर्धारित किया गया था।

Union Budget 2025: लाइव अपडेट और महत्वपूर्ण घोषणाएँ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री के रूप में संसद में लगातार आठवीं बार बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास को इस बजट में बड़ी राहत दी है। इसी के साथ कई चीजों के दाम भी कम किए गए हैं। इसके लिए सरकार ने कस्टम ड्यूटी कम करने का एलान किया।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने बुजुर्गों के लिए बड़ा एलान किया। चार साल तक अपडेटेड रिटर्न भर सकेंगे बुजुर्ग। मिडिल क्लास के लिए वित्त मंत्री निर्मला ने बड़ा एलान किया है। अब 12 लाख तक इनकम टैक्स फ्री होगी।

Union Budget 2025 Live: बुजुर्गों के लिए आयकर में छूट का एलान किया गया है। TDS की सीमा 10 लाख की गई। वित्त मंत्री ने कपड़े का सामान सस्ता होने का एलान किया। लिथियम आयन बैट्री के दाम घटेंगे, इससे EV बाइक-स्कूटी के दाम कम होने की उम्मीद है। बैट्री के दाम कम होने से मोबाइल के दाम भी कम होंगे।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने एलान किया कि LED और LCD टीवी सस्ते होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार कस्टम ड्यूटी घटाकर 2.5 फीसद करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया कि मेडिकल उपकरण सस्ते होंगे। घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए 37 दवाओं को छूट भी दी गई है।

Union Budget 2025 Live: 6 जीवन रक्षक दवाएं होंगी सस्ती। सरकार कई दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीमा क्षेत्र के लिए बड़ा एलान किया है। उन्होंने 100 फीसद FDI को मंजूरी देने की बात कही।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने नए इनकम टैक्स बिल का एलान किया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले हफ्ते बिल लाया जाएगा। टैक्स पेयर्स की सुविधा के लिए इसे लाया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म के लिए आसान वीजा दिया जाएगा। इसी के साथ वीजा नियम आसान किए जाएंगे।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने कहा कि कैंसर को मात देने के लिए डे केयर कैंसर केंद्र खोले जाएंगे। वित्त मंत्री ने एलान किया कि पटना एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। इसी के साथ देश के 88 एयरपोर्ट से छोटे शहरों को जोड़ा जाएगा।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं को सस्ता लोन देने की बात कही है। स्टार्ट अप के लिए बजट बढ़ाया जाएगा। माइक्रो उद्योग को 5 लाख तक का सस्ता कर्ज मिलेगा। निर्मला सीतारमण ने मछुआरों के लिए स्पेशल इकॉनोमिक जोन बनाने का एलान किया। उन्हें ज्यादा लोन देने का भी एलान किया।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म के लिए आसान वीजा दिया जाएगा। इसी के साथ वीजा नियम आसान किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि कैंसर को मात देने के लिए डे केयर कैंसर केंद्र खोले जाएंगे।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने गरीबों के लिए बड़ा एलान करते हुए कहा कि पीएम आवास योजना के तहत 1 लाख अधूरे घर पूरे किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने एलान किया कि पटना एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। इसी के साथ देश के 88 एयरपोर्ट से छोटे शहरों को जोड़ा जाएगा।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि किसानों को सस्ता कर्ज मिलेगा। इसके लिए किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट भी बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को यूरिया की कमी ना हो इसके लिए यूरिया फैक्ट्री लगाई जाएगी।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने कपास मिशन प्रोडक्शन का एलान किया है। इसमें किसानों को 5 साल का पैकेज दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने बजट में किसानों के लिए प्रधानमंत्री धनधान्य योजना का ऐलान किया है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़कर 5 लाख हुई है.

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने आगे कहा कि प्राइम मिनिस्टर धन धान्य योजना का विस्तार होगा। इसमें क्रॉप डायवर्सिफिकेशन पर फोकस होगा। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, जिसका लाभ 7.5 करोड़ किसानों को होगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार मखाना बोर्ड का गठन करेगी। इससे बिहार के किसानों का लाभ होगा।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री ने एलान किया कि पटना एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। इसी के साथ देश के 88 एयरपोर्ट से छोटे शहरों को जोड़ा जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि IIT में 6500 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए सरकार कदम उठाएगी

Union Budget 2025 Live: बिहार पर मोदी सरकार का फोकस है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश के 5 आईआईटी की शिक्षा बेहतर की जाएगी और IIT पटना को वित्त पोषित किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं को सस्ता लोन देने की बात कही है। स्टार्ट अप के लिए बजट बढ़ाया जाएगा।

Union Budget 2025 Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में बजट पेश करेंगी।

Union Budget 2025 Live: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देश ने देखा है कि दुनिया के सामने कई मुद्दे होने के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और देश आगे बढ़ रहा है। निर्मला सीतारमण अपना रिकॉर्ड 8वां बजट पेश करने जा रही हैं और मुझे उम्मीद है कि यह सबको अच्छा लगेगा।

Union Budget 2025 Live: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह बजट निरंतरता वाला होगा और देश के कल्याण के लिए, गरीबों के लिए होगा तथा विकसित भारत के संकल्प की दिशा में एक नया और मजबूत कदम होगा।

IBA बैंकिंग टेक्नोलॉजी अवार्ड्स में कर्नाटक बैंक की जीत

कर्नाटक बैंक ने 20वें वार्षिक बैंकिंग प्रौद्योगिकी सम्मेलन, एक्सपो और सम्मान समारोह 2024 में छह श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जिसे भारतीय बैंक संघ (IBA) द्वारा आयोजित किया गया था। यह उपलब्धि बैंक की तकनीकी नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पुरस्कार श्रेणियां और मुख्य बिंदु

सर्वश्रेष्ठ टेक टैलेंट और संगठन – उपविजेता

प्रयास: डिजिटल-प्रथम संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रशिक्षण, उद्योग विशेषज्ञों के साथ सहयोग और नई तकनीकों को अपनाना।

मुख्य बिंदु: टेक लीडरशिप कार्यक्रमों का कार्यान्वयन।

सर्वश्रेष्ठ आईटी जोखिम प्रबंधन – उपविजेता

प्रयास: मजबूत सुरक्षा ढांचे की स्थापना, जोख़िम की सक्रिय निगरानी और उन्नत तकनीकों को अपनाना, जैसे कि नियमित Vulnerability Assessment (VA) और Penetration Testing (PT)

मुख्य बिंदु: Global Server Load Balancing (GSLB), ServiceNow’s Software Asset Management (SAM) और Hardware Asset Management (HAM) का उपयोग।

सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी बैंक – उपविजेता

प्रयास: मजबूत एंटरप्राइज़ आर्किटेक्चर टीम बनाना और क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई/एमएल जैसी नवीनतम तकनीकों का लाभ उठाना।

मुख्य बिंदु:

Exacc-Customer पहल।

Kafka आधारित Change Data Capture प्रणाली।

व्यक्तिगत बैंकिंग के लिए Data Lake परियोजना।

सर्वश्रेष्ठ फिनटेक और डिजिटल भुगतान एकीकरण – उपविजेता

प्रयास: उन्नत डिजिटल भुगतान एकीकरण (Digital Payment Integration) को बढ़ावा देना, जिसमें सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) और UPI/IMPS जैसी अत्याधुनिक भुगतान प्रणालियाँ शामिल हैं।

सर्वश्रेष्ठ डिजिटल बिक्री, भुगतान और जुड़ाव – विशेष उल्लेख

प्रयास: डिजिटल बिक्री, भुगतान और ग्राहक जुड़ाव को एआई/एमएल तकनीक के माध्यम से बढ़ाना।

मुख्य बिंदु: एआई-आधारित व्यक्तिगत बैंकिंग और लक्ष्य-आधारित ग्राहक जुड़ाव प्रणाली।

सर्वश्रेष्ठ एआई और एमएल अपनाने वाला बैंक – विशेष उल्लेख

प्रयास: फोन बैंकिंग, चैटबॉट्स और व्यक्तिगत बैंकिंग में एआई/एमएल का व्यापक उपयोग, जिससे ग्राहक अनुभव बेहतर हुआ।

नेतृत्व का दृष्टिकोण

कर्नाटक बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्रीकृष्णन एच ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “यह मान्यता हमारे बैंक के टेक्नोलॉजी सेंटर, डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (DCoE) और एनालिटिकल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (ACoE) की संयुक्त इन-हाउस क्षमताओं का प्रमाण है।” उन्होंने बैंक की निरंतर नवाचार और सर्वोत्तम बैंकिंग प्रक्रियाओं को अपनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया।

ऐतिहासिक संदर्भ

कर्नाटक बैंक को पहले भी आईबीए बैंकिंग टेक्नोलॉजी अवॉर्ड्स में मान्यता मिली है:

2016: ‘सर्वश्रेष्ठ जोखिम और धोखाधड़ी प्रबंधन पहल’ श्रेणी में उपविजेता।

2017: दो पुरस्कार— ‘सर्वश्रेष्ठ वित्तीय समावेशन पहल’ (विजेता) और ‘डिजिटल एवं चैनल तकनीक के सर्वश्रेष्ठ उपयोग’ (उपविजेता)।

ISS पर जाने वाले पहले भारतीय होंगे शुभांशु शुक्ला

भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण ने एक नया मील का पत्थर छू लिया है, क्योंकि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए मिशन पर जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे हैं। उन्हें एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) के लिए पायलट के रूप में चुना गया है, जो 2025 के वसंत में लॉन्च होने वाला एक निजी अंतरिक्ष अभियान है। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है, जो 40 साल पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा की विरासत को आगे बढ़ा रहा है। आइए इस महत्वपूर्ण मिशन और शुभांशु शुक्ला की भागीदारी का भारत के लिए क्या अर्थ है, इसे विस्तार से समझते हैं।

एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) एक निजी अंतरिक्ष उड़ान है, जिसे एक्सिओम स्पेस द्वारा नासा के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस मिशन के तहत, अंतरिक्ष यात्री अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर लगभग 14 दिनों तक रहेंगे। इस दौरान वे वैज्ञानिक अनुसंधान करेंगे, शैक्षिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे और माइक्रोग्रैविटी वातावरण में विभिन्न वाणिज्यिक गतिविधियों को अंजाम देंगे। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल के माध्यम से यात्रा करेंगे, जिसे फाल्कन 9 रॉकेट के द्वारा लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन निजी अंतरिक्ष संगठनों और नासा के बीच सहयोग को मजबूत करने और अंतरिक्ष अन्वेषण की सीमाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक्सिओम मिशन 4 में कौन-कौन से अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं?

Ax-4 मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री होंगे, जो अपने-अपने क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं:

  1. पेगी व्हिटसन – पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री, जो मिशन कमांडर के रूप में कार्य करेंगी।
  2. शुभांशु शुक्ला – भारतीय वायु सेना के पायलट और मिशन पायलट, जो ISS तक जाने वाले पहले भारतीय मिशन पायलट बनेंगे।
  3. स्लावोश उज़नांस्की-विश्निव्स्की – पोलैंड के अंतरिक्ष यात्री और मिशन विशेषज्ञ।
  4. टिबोर कपु – हंगरी के अंतरिक्ष यात्री और मिशन विशेषज्ञ।

इस मिशन का महत्व केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि उनके अंतरिक्ष यात्री भी पहली बार ISS पर यात्रा करेंगे।

शुभांशु शुक्ला कौन हैं और वे Ax-4 मिशन के लिए क्यों उपयुक्त हैं?

शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने 2006 में भारतीय वायु सेना में कमीशन प्राप्त किया और 2,000 से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए हैं। वे Su-30MKI और MiG-29 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों को उड़ाने में निपुण हैं। उनके फाइटर पायलट प्रशिक्षण ने उन्हें अंतरिक्ष मिशन के लिए एक उपयुक्त उम्मीदवार बनाया है।

इसके अलावा, शुभांशु शुक्ला ने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो भारत के गगनयान मिशन की तैयारियों का एक हिस्सा था। मार्च 2024 में, उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली, जो भारतीय वायु सेना में उनकी साख को और मजबूत करता है। स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल को संचालित करने के लिए उनकी उन्नत एयरोस्पेस प्रणाली की विशेषज्ञता महत्वपूर्ण होगी।

शुभांशु शुक्ला के मिशन के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?

शुभांशु शुक्ला इस मिशन के दौरान वैज्ञानिक अनुसंधान करने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी अंतरिक्ष में प्रदर्शित करने का लक्ष्य रखते हैं।

  1. भारतीय संस्कृति का प्रचार: वे ISS पर भारत की विविधता को दर्शाने वाले प्रतीकात्मक वस्तुएं लेकर जाएंगे।
  2. अंतरिक्ष में योग: शुभांशु अंतरिक्ष में योगाभ्यास करके यह प्रदर्शित करना चाहते हैं कि माइक्रोग्रैविटी में योग कैसे किया जा सकता है।
  3. वैज्ञानिक अनुसंधान: माइक्रोग्रैविटी के वातावरण में प्रयोग करके अनुसंधान को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

शुभांशु शुक्ला का मिशन भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

शुभांशु शुक्ला की Ax-4 मिशन में भागीदारी केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारत के लिए एक राष्ट्रीय गौरव का क्षण है। उनकी यह यात्रा, राकेश शर्मा की 40 साल पुरानी ऐतिहासिक उड़ान के बाद, भारत की अंतरिक्ष तकनीक में हुई प्रगति को दर्शाती है। यह मिशन भारत की वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती भूमिका और वैज्ञानिक योगदान को उजागर करता है। शुभांशु की उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष उत्साही युवाओं और भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

क्यों चर्चा में? मुख्य बिंदु
शुभांशु शुक्ला एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) के पायलट होंगे – अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक मिशन का नेतृत्व करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री।
मिशन का विवरण – एक्सिओम मिशन 4 (Ax-4) एक निजी अंतरिक्ष उड़ान है, जिसे एक्सिओम स्पेस और नासा द्वारा आयोजित किया गया है।
– अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल में यात्रा करेंगे, जिसे फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा।
– मिशन की अवधि: अधिकतम 14 दिन।
मिशन दल की संरचना पेगी व्हिटसन: मिशन कमांडर (पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री)।
शुभांशु शुक्ला: मिशन पायलट (भारतीय वायु सेना के पायलट)।
स्लावोश उज़नांस्की-विश्निव्स्की: मिशन विशेषज्ञ (पोलैंड)।
टिबोर कपु: मिशन विशेषज्ञ (हंगरी)।
शुभांशु शुक्ला की पृष्ठभूमि – जन्म: 10 अक्टूबर 1985, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
– भारतीय वायु सेना में 2006 में कमीशन प्राप्त किया।
Su-30MKI, MiG-21, MiG-29 सहित विभिन्न विमानों में 2,000 से अधिक उड़ान घंटे।
मार्च 2024 में ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत।
प्रशिक्षण और तैयारियाँ – रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण।
– स्पेसएक्स द्वारा मिशन सिमुलेशन, स्पेसक्राफ्ट सिस्टम और आपातकालीन प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण।
सांस्कृतिक और वैज्ञानिक योगदान – भारत की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए भारतीय कलाकृतियाँ ले जाने की योजना।
– अंतरिक्ष में योग का प्रदर्शन करने का लक्ष्य।
मिशन का महत्व राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान (1984) के 40 साल बाद भारत की अंतरिक्ष विरासत को आगे बढ़ाना।
– अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती भूमिका।

IPS राजेश निरवान BCAS के महानिदेशक नियुक्त

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी राजेश निर्वाण को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के महानिदेशक (DG) के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी।

राजेश निर्वाण का पेशेवर करियर

प्रारंभिक करियर और पोस्टिंग

राजस्थान कैडर के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश निर्वाण के पास कानून प्रवर्तन और सुरक्षा प्रबंधन का व्यापक अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जयपुर में पुलिस अधीक्षक (SP), CID (CB) के रूप में की। अपने करियर के दौरान, उन्होंने झालावाड़, सवाई माधोपुर, टोंक और कोटा जैसे जिलों में पुलिस प्रमुख के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने जटिल कानून-व्यवस्था स्थितियों को संभालने का गहरा अनुभव प्राप्त किया।

प्रमोशन और महत्वपूर्ण भूमिकाएँ

2007 में, उन्हें पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर पदोन्नत किया गया और उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में दो वर्षों तक सेवा दी। इस दौरान उन्होंने उच्च-स्तरीय मामलों को संभालने और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय करने का महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।

2010 में, उन्हें पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर पदोन्नत किया गया और 2012 तक उन्होंने अजमेर रेंज का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने बड़े क्षेत्र में कानून-व्यवस्था संचालन की निगरानी की और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीमा सुरक्षा बल (BSF) में नेतृत्व

2016 से 2023 तक, राजेश निर्वाण ने नई दिल्ली मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक (IG) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) के रूप में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य किया। बीएसएफ में उनकी भूमिका में भारत की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियानों का प्रबंधन करना शामिल था। बीएसएफ में उनका अनुभव BCAS में उनकी नई भूमिका में अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS): एक महत्वपूर्ण एजेंसी

BCAS की भूमिका और जिम्मेदारियाँ

नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) भारत में विमानन सुरक्षा के लिए प्रमुख एजेंसी है। 1978 में स्थापित इस एजेंसी का मुख्य कार्य हवाई अड्डों, एयरलाइनों और यात्रियों के लिए सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना है। BCAS अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुरूप सुरक्षा उपायों को लागू करने और नागरिक उड्डयन संचालन में अवैध हस्तक्षेप को रोकने के लिए जिम्मेदार है।

भारत में विमानन सुरक्षा का महत्व

भारत में विमानन क्षेत्र की तीव्र वृद्धि के साथ, मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। BCAS लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और देशभर के हवाई अड्डों के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राजेश निर्वाण जैसे अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से एजेंसी की क्षमताओं को और मजबूत करने और नए सुरक्षा खतरों से निपटने में मदद मिलेगी।

राजेश निर्वाण की शैक्षिक योग्यताएँ

शैक्षणिक उपलब्धियाँ

राजेश निर्वाण न केवल एक अनुभवी पुलिस अधिकारी हैं बल्कि एक उच्च शिक्षित पेशेवर भी हैं। वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एमबीए (MBA) की डिग्री रखते हैं, जिससे उन्हें प्रबंधन और वित्तीय निगरानी में गहरी समझ प्राप्त है। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस प्रबंधन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है, जो उन्हें सुरक्षा संचालन और रणनीतिक नेतृत्व में विशेषज्ञता प्रदान करती है।

श्रेणी विवरण
क्यों चर्चा में? कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के महानिदेशक (DG) के रूप में राजेश निर्वाण की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
प्रभावी तिथि जिस दिन वे कार्यभार ग्रहण करेंगे, उस दिन से अगले आदेश तक।
जारी करने वाला प्राधिकरण कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT)।
सेवा पृष्ठभूमि 1992 बैच के राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी।
मुख्य करियर भूमिकाएँ – राजस्थान के विभिन्न जिलों (झालावाड़, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा) में एसपी के रूप में सेवा।
– सीबीआई में पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) (2007-2009), जहाँ उच्च-स्तरीय मामलों की जाँच की।
– अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) (2010-2012)।
– बीएसएफ में वरिष्ठ पदों (2016-2023) पर रहते हुए सीमा सुरक्षा अभियानों का प्रबंधन किया।
BCAS का परिचय – 1978 में स्थापित, भारत में विमानन सुरक्षा के लिए जिम्मेदार प्रमुख एजेंसी।
– अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुरूप सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करता है।
– हवाई अड्डों, एयरलाइनों और यात्रियों के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करता है।
– वैश्विक विमानन सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करता है।
नियुक्ति का महत्व भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र को देखते हुए, निर्वाण का व्यापक सुरक्षा अनुभव BCAS की सुरक्षा उपायों और संचालन दक्षता को मजबूत करने में सहायक होगा।
शैक्षिक योग्यता – चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एमबीए (MBA)।
– पुलिस प्रबंधन में मास्टर डिग्री, जो सुरक्षा संचालन और रणनीतिक नेतृत्व में विशेषज्ञता प्रदान करती है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025: निर्मला सीतारमण ने 2024-25 की रिपोर्ट पेश की – एक विस्तृत विश्लेषण

आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25, जो भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया है, भारत की आर्थिक प्रदर्शन, प्रमुख क्षेत्रीय विकास और नीतिगत सिफारिशों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। यहां आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का अध्यायवार सारांश दिया गया है:

अध्याय 1: अर्थव्यवस्था की स्थिति

2024 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में असमान वृद्धि देखी गई, जिसमें यूरोप और एशिया में विनिर्माण में मंदी आई, जबकि कई अर्थव्यवस्थाओं में सेवा क्षेत्र ने वृद्धि को बनाए रखा। मुद्रास्फीति दबाव कम हुआ, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव जैसे अनिश्चितताएँ बनी रही। भारत ने स्थिर वृद्धि बनाए रखी, और FY25 में वास्तविक GDP 6.4% बढ़ने का अनुमान है। पहले आधे हिस्से में कृषि और सेवा क्षेत्र द्वारा वृद्धि को संचालित किया गया, जबकि विनिर्माण क्षेत्र संघर्ष करता रहा। भारत का मजबूत बाह्य संतुलन, राजकोषीय अनुशासन, और सेवा क्षेत्र व्यापार अधिशेष मैक्रो-आर्थिक स्थिरता को समर्थन प्रदान करता है। खाद्य मुद्रास्फीति में कमी आने की उम्मीद है, जो मजबूत खरीफ फसल और कृषि परिस्थितियों में सुधार द्वारा समर्थित है।

अध्याय 2: मौद्रिक और वित्तीय क्षेत्र के विकास

भारत की मौद्रिक नीति स्थिर रही, RBI ने FY25 के अधिकांश समय तक नीति रेपो दर 6.5% पर रखी, फिर तटस्थ रुख अपनाया और CRR को घटाकर 4% कर दिया, जिससे बैंकिंग प्रणाली में ₹1.16 लाख करोड़ की राशि डाली गई। बैंक ऋण स्थिर रूप से बढ़े, NPAs घटे और बैंकों की लाभप्रदता में वृद्धि हुई। पूंजी बाजार में अच्छी प्रदर्शन हुआ, जिसमें अधिक IPOs, निवेशक सहभागिता में वृद्धि और वित्तीय समावेशन में सुधार देखा गया।

अध्याय 3: बाहरी क्षेत्र: FDI को सही ढंग से प्राप्त करना

भारत का व्यापार प्रदर्शन FY24 में वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत रहा। निर्यात संवर्धन योजनाओं और व्यापार करने में सुगमता में सुधार के प्रयासों ने व्यापार वृद्धि को समर्थन दिया। भारत विनिर्माण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। भुगतान संतुलन मजबूत रहा, जिसमें सेवाओं के क्षेत्र में अधिशेष ने वस्तु व्यापार में चुनौतियों की भरपाई की।

अध्याय 4: मूल्य और मुद्रास्फीति

वैश्विक मुद्रास्फीति 2022 में 8.7% के उच्चतम स्तर पर पहुंची, लेकिन 2024 में यह घटकर 5.7% हो गई। भारत में खुदरा मुद्रास्फीति FY25 में सरकार के उपायों और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के कारण 4.9% तक कम हो गई। खाद्य मुद्रास्फीति प्याज और टमाटर उत्पादन में उतार-चढ़ाव के कारण बढ़ी, लेकिन समय पर हस्तक्षेप, जैसे कि बफर स्टॉकिंग, ने कीमतों में वृद्धि को कम करने में मदद की। भारत की मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान सकारात्मक है, जो स्थिर कोर मुद्रास्फीति और वैश्विक वस्तु मूल्य घटने से समर्थित है।

अध्याय 5: मध्यकालिक दृष्टिकोण: विनियमन मुक्तिकरण से वृद्धि

भारत की मध्यकालिक वृद्धि क्षमता विनियामक सुधारों और विनियमन मुक्तिकरण पर निर्भर करती है, ताकि आर्थिक स्वतंत्रता और व्यापार करने में सुगमता बढ़ सके। 2047 तक “विकसित भारत” बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत को अगले दो दशकों तक प्रति वर्ष 8% की वृद्धि दर प्राप्त करनी होगी। IMF का अनुमान है कि भारत FY28 तक $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बन जाएगा और FY30 तक $6.3 ट्रिलियन तक पहुंचेगा। यह अध्याय विनियामक बोझ को हटाने के महत्व पर जोर देता है ताकि मध्यकालिक वृद्धि को प्रेरित किया जा सके।

अध्याय 6: निवेश और अवसंरचना

यह अध्याय चुनावों के बाद अवसंरचना निवेश में महत्वपूर्ण सुधार को उजागर करता है। एक प्रमुख चालक सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (capex) रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ाना है। यह अध्याय बिजली क्षेत्र में, जहां नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता बढ़ी है, चर्चा करता है। यह डिजिटल, शहरी, और ग्रामीण अवसंरचना में प्रगति, पर्यटन और अंतरिक्ष अवसंरचना में सुधारों पर भी चर्चा करता है। अवसंरचना क्षेत्र में विकास को बनाए रखने के लिए सार्वजनिक और निजी निवेश की निरंतर आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

अध्याय 7: उद्योग: व्यापार सुधार और वृद्धि

भारतीय औद्योगिक क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन किया, विशेष रूप से स्टील, सीमेंट और रसायन जैसे प्रमुख उद्योगों में। यह अध्याय वृद्धि के लिए विनियमन मुक्तिकरण और व्यापार-मित्र सुधारों के महत्व पर जोर देता है। पूंजी वस्त्रों, उपभोक्ता वस्त्रों, और R&D में नवाचारों ने गति पकड़ी, और नीति हस्तक्षेपों के कारण MSME क्षेत्र में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं, विशेष रूप से एयर कंडीशनर्स में, स्वदेशीकरण की सफलता की कहानी के रूप में प्रस्तुत की गई हैं।

अध्याय 8: सेवा क्षेत्र: नई चुनौतियां

भारत के सेवा क्षेत्र ने मजबूत प्रदर्शन जारी रखा, जिसमें IT, व्यवसाय सेवाएं, और लॉजिस्टिक्स जैसे उद्योगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेवा क्षेत्र में FDI प्रवाह स्थिर रहा। यह अध्याय रेल, हवाई और जलमार्गों जैसे भौतिक कनेक्टिविटी सेवाओं में सुधार को उजागर करता है, जो घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देता है। यह राज्य-वार सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन में भिन्नताओं और कुल आर्थिक संरचना में सेवाओं की भूमिका पर विशेष ध्यान देता है।

अध्याय 9: कृषि और खाद्य प्रबंधन

कृषि ने स्थिर वृद्धि की है, सरकार की हस्तक्षेपों जैसे PM-KISAN और प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना से समर्थन प्राप्त हुआ। हालांकि उत्पादकता में चुनौतियाँ हैं, विशेष रूप से दालों और तेलसी फसलों में, यह क्षेत्र खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। यह अध्याय स्थायी कृषि पद्धतियों की ओर बढ़ावा देने की बात करता है, ताकि जल और उर्वरक उपयोग का संतुलन बनाए रखा जा सके, जबकि मिट्टी की सेहत सुनिश्चित की जा सके।

अध्याय 10: जलवायु और पर्यावरण: अनुकूलन महत्वपूर्ण है

यह अध्याय भारत की जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीति पर चर्चा करता है, जिसमें अनुकूलन उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह यूरोप और चीन में वैश्विक ऊर्जा संक्रमण से प्राप्त पाठों को, और भारत के लिए उनके महत्व को जांचता है। सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बिना संकट में डाले ऊर्जा संक्रमण की आवश्यकता पर जोर देती है। यह अध्याय जीवनशैली के लिए पर्यावरण (LiFE) पहल का विश्लेषण करता है, जो सतत प्रथाओं को बढ़ावा देता है।

अध्याय 11: सामाजिक अवसंरचना, रोजगार और मानव विकास

भारत में सामाजिक अवसंरचना में सुधार हुआ है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और स्वच्छता पर जोर दिया गया है। सरकारी ग्रामीण कनेक्टिविटी और माइक्रोफाइनेंस पहल ने ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाया है। लिंग समानता बढ़ाने और सतत रोजगार वृद्धि सुनिश्चित करने के प्रयासों को उजागर किया गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा में नियामक सुधारों का सुझाव दिया गया है ताकि अनुपालन बोझ को कम किया जा सके और परिणामों को कड़े इनपुट-आधारित नियमों से प्राथमिकता दी जा सके।

अध्याय 12: रोजगार और कौशल विकास

भारत का श्रम बाजार महामारी के बाद महत्वपूर्ण रूप से पुनर्प्राप्त हुआ है, जिसमें बेरोजगारी दर 2017-18 में 6% से घटकर 2023-24 में 3.2% हो गई। श्रमिक-प्रति-जनसंख्या अनुपात और श्रमिक बल भागीदारी दर (LFPR) में सुधार देखा गया है। सरकार कार्यबल को फिर से कौशल, उन्नति और नए कौशल देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि वैश्विक मांग के अनुरूप कार्यबल को तैयार किया जा सके। यह अध्याय रोजगार के रुझानों और समावेशी वृद्धि और उच्च-गुणवत्ता वाली नौकरी सृजन को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डालता है।

अध्याय 13: एआई युग में श्रम: संकट या उत्प्रेरक?

यह अध्याय श्रम बाजारों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभाव का विश्लेषण करता है, जिसमें कहा गया है कि समावेशी संस्थाओं की आवश्यकता है ताकि विघटन का प्रबंधन किया जा सके। जबकि एआई महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है, संसाधन अक्षमताएँ और अवसंरचना की कमी जैसी चुनौतियाँ बड़े पैमाने पर अपनाने में रुकावट डाल रही हैं। भारत को शिक्षा और कार्यबल कौशल में रणनीतिक निवेश करके एआई से लाभ उठाने की संभावना है, यह सुनिश्चित करते हुए कि एआई आर्थिक रूप से समान रूप से परिवर्तन लाए।

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