भारतीय-अमेरिकी पत्रकार ब्रह्म कंचिबोतला (Brahm Kanchibotla) का कोरोनोवायरस के कारण निधन। वे यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया न्यूज़ एजेंसी में काम कर चुके है और वे यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया के न्यूयॉर्क और संयुक्त राष्ट्र संवाददाता के रूप में कार्यरत थे। वह कोरोना से उस समय संक्रमित हुए थे जब वह अपनी समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया (UNI) के लिए ग्राउंड रिपोर्ट करने में लगे हुए थे।
विजडन ने बेन स्टोक्स को दिया विश्व में 2020 के लीडिंग क्रिकेटर का खिताब
विजडन द्वारा इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स को विश्व में 2020 का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर (leading cricketer in the world) का खिताब दिया गया है। एंड्रयू फ्लिंटॉफ 2005 में इस खिताब को जीतने वाले अंतिम इंग्लिश खिलाड़ी थे। बेन स्टोक्स 14 जुलाई को लॉर्ड्स में खेले गए 50 ओवरों के क्रिकेट विश्व कप 2019 के फाइनल में इंग्लैंड को पहली जीत दिलाने वाले प्रमुख खिलाड़ी थे।
महिला खिलाड़ियों में, ऑस्ट्रेलिया की एलिसे पेरी को विश्व में विजडन की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का खिताब दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई महिला एशेज का खिताब बरकरार रखने में सफल हुई थी जिसमे पेरी ने सबसे अधिक रन बनाए और सबसे अधिक विकेट लिए थे।
विजडन द्वारा क्रिकेटर्स ऑफ़ इयर चुने गए अन्य पांच खिलाड़ी है, जोफ्रा आर्चर (इंग्लैंड), पैट कमिंस (ऑस्ट्रेलिया), साइमन हैमर (दक्षिण अफ्रीका), मारनस लाबुस्चगने (ऑस्ट्रेलिया) और एलिसे पेरी (ऑस्ट्रेलिया- महिला) हैं।
जेम्स बॉन्ड फिल्म अभिनेत्री ऑनर ब्लैकमैन का निधन
जेम्स बॉन्ड फिल्म में अभिनय करने वाली अभिनेत्री ऑनर ब्लैकमैन का निधन। उन्हें 1964 की जेम्स बॉन्ड फिल्म ‘गोल्डफिंगर’ में सीन कॉनरी के साथ दिग्गज Bond girl Pussy Galore की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता था। इसके अलावा उन्होंने 1960 के दशक की लोकप्रिय टीवी जासूस सीरिज ‘द एवेंजर्स’ में “कैथी गेल” का भी किरदार निभाया था।
ब्रिटिश अभिनेत्री ऑनर ब्लैकमैन की अन्य प्रसिद्ध फिल्मों में 1963 की फिल्म ‘जेसन एंड द अरगोनाट्स’ में देवी हेरा की भूमिका, 1990 के दशक में द अपर हैंड में लॉरा वेस्ट के साथ-साथ अपने प्रोडक्शन में बनी ‘माई फेयर लेडी’ ‘द साउंड ऑफ म्यूजिक’ और ‘कैबरे में भी काम किया था।
ट्राइफेड ने यूनिसेफ के साथ मिलकर SHGs समूह के लिए डिजिटल रणनीति की तैयार
ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (TRIFED) द्वारा यूनिसेफ के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए शुरू किए डिजिटल अभियान को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल संचार रणनीति विकसित की है। इस साझेदारी का उद्देश्य सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व को उजागर करना है।
यूनिसेफ के सहयोग से सभी SHG केन्द्रों पर डिजिटल मीडिया सामग्री प्रदान करेगा और वर्चुअल प्रशिक्षण (कोविड के संबंध में मूल जानकारी, प्रमुख रोकथाम व्यवहार) के लिए वेबिनार आयोजित किए जाएंगे; सोशल मीडिया अभियान (एक-दूसरे से आवश्यक दूरी बनाए रखना घर में क्वारंटाइन होना) चलाए जाएंगे तथा वन्य रेडियो का संचालन किया जाएगा। इसमें 18,000 से अधिक प्रतिभागियों के जुड़ने का लक्ष्य रखा गया है और जो सभी 27 राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों को कवर करेगा।
27 राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश में कुल 1205 वन धन विकास केन्द्रों (वीडीवीके) को मंजूरी दी गई है, जिनसे 18,075 वन धन स्वयं सहायता समूह जुड़े हुए हैं। इस योजना से लगभग 3.6 लाख जनजातीय संग्राहक जुड़े हुए हैं। प्रारंभ में, एक डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 15,000 स्वयं सहायता समूहों को वन धन सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) अभियान सह आजीविका केन्द्रों के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।
TRIFED?
TRIFED, जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आने वाली राष्ट्रीय स्तर की एक प्रमुख संस्था है। इसे 1987 में स्थापित किया गया था। यह अप्रैल 1988 से संचालित है। TRIFED का मूल उद्देश्य देश की जनजातियों द्वारा एकत्र ‘माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस (MFP) का माल का उचित मूल्य दिलाना है। ट्राइफेड का मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है। प्रधान कार्यालय के अलावा इसके देश के विभिन्न स्थानों पर 13 क्षेत्रीय कार्यालय के स्थित हैं।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- यूनिसेफ गठन: 1946; मुख्यालय: न्यूयॉर्क शहर, यू.एस.
- यूनिसेफ के अध्यक्ष: एच.ई. रबाब फातिमा.
पराग राजा होंगे भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के नए एमडी और सीईओ
जीवन बीमा कंपनी भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस ने पराग राजा को कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद पर नियुक्त किया है। पराग राजा की नियुक्ति पिछले ढाई साल से बीमा कंपनी की अगुवाई करने वाले विकास सेठ के स्थान पर की गई है, जो 30 अप्रैल, 2020 को रिटायर हो रहे हैं।
पराग राजा को जीवन बीमा उद्योग का काफी अनुभव है और उन्होंने पहली भी विभिन्न क्षेत्रों जैसे एजेंसी, बैंकासुरेंस, ब्रोकिंग और डायरेक्ट सेल्स फ़ोर्स चैनलों का नेतृत्व किया है।
सरकार ने COVID-19 से निपटने के लिए ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म “iGOT” किया लॉन्च
भारत सरकार ने सभी फ्रंट-लाइन कार्यकर्ताओं के लिए COVID -19 से लड़ने के लिए एक ई-लर्निंग प्लेटफार्म iGOT लांच किया है जो उन्हें महामारी से निपटने में प्रशिक्षण एवं अपडेटों से लैस करेगा। इस प्लेटफॉर्म को https://igot.gov.in पर एक्सेस किया जा सकता है। यह प्लेटफार्म प्रत्येक लर्नर को उसके कार्यस्थल या घर पर और उसकी पसंद के किसी भी डिवाइस को क्यूरेटेड,भूमिका विशिष्ट कंटेंट की सामग्री प्रदान करता है।
क्या है iGOT प्लेटफ़ॉर्म?
iGOT प्लेटफ़ॉर्म को जनसंख्या के परिमाण के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है और जो लगभग 1.50 करोड़ श्रमिकों और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा। कोविड के बेसिक्स, आईसीयू केयर एवं वेंटिलेशन प्रबंधन, क्लिनिकल प्रबंधन, पीपीई के जरिये संक्रमण रोकथाम, संक्रमण नियंत्रण एवं बचाव, क्वारांटाइन एवं आइसोलेशन, प्रयोगशाला नमूना संग्रहण एवं परीक्षण, कोविड-19 मामलों का प्रबंधन, कोविड-19 प्रशिक्षण जैसे विषयों पर नौ (9)पाठ्यक्रमों के साथ आईजीओटी पर इसे आरंभ किया गया है।
प्लेटफ़ॉर्म के लक्षित समूह में चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिक्स,हाईजीन कार्यकर्ता,टेक्निशियन,आक्जीलरी नर्सिंग मिडवाइव्स (एएनएम),केंद्रीय एवं राज्य सरकार के अधिकारी,सिविल डिफेंस अधिकारी,विभिन्न पुलिस संगठन, नेशनल कैडेट काप्र्स (एनसीसी),नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस),नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस),इंडियन रेड क्रास सोसाइटी (आईआरसीएस),भारत स्काउंट्स एंड गाइड्स (बीसीजी) और अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं।
डीआरडीओ ने सैनिटेशन इंक्लोजर्स और फुल फेस मास्क का किया निर्माण
देश में लगे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), कोविड 19 महामारी के खिलाफ जारी प्रयासों में त्वरित तरीके से उत्पादों का विकास करने के लिए वैज्ञानिक प्रयासों में लगा हुआ है। डीआरडीओ प्रयोगशालाएं अधिक मात्रा में उत्पादन के लिए उद्योग के साझीदारों के साथ कार्य कर रही हैं। अपने प्रयासों के परिणामस्वरूप, DRDO ने मुख्य रूप से स्वास्थ्य पेशेवरों को नोवेल कोरोनोवायरस से बचाने के लिए सैनिटेशन इंक्लोजर्स (PSE) और फुल फेस मास्क (FFM) का निर्माण किया है।
पर्सनल सैनिटाइजेशन इंक्लोजर्स (PSE):
डीआरडीओ की अहमदनगर स्थित एक प्रयोगशाला प्रयोगशाला वाहन अनुसंधान विकास प्रतिष्ठान (वीआरडीई) ने पीएसई नामक एक फुल बाडी डिस्इंफेक्शन चैंबर की डिजाइन तैयार की है। सैनिटाइजर एवं सोप डिस्पेंसर से सुसज्जित इस पोर्टेबल सिस्टम एक समय पर एक व्यक्ति के लिए पर्सनल डिकान्टामिनेशन के लिए तैयार की गई है। चैंबर में प्रविष्ट होने के बाद, मिस्ट स्प्रे को 25 संकेंड के एक परिचालन के लिए अशांकित किया जाता है और यह परिचालन की पूर्णता का संकेत देते हुए स्वचालित रूप से बंद हो जाता है। इसमें छत पर लगा 700 लीटर की क्षमता वाला टैंक भी शामिल है जो रिफिल होने तक यह 650 कर्मियों को सैनिटाइज कर सकता है।
फुल फेस मास्क (FFM):
रिसर्च सेंटर इमारात (आरसीआई), हैदराबाद एवं टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लैबोरेटरी (टीबीआरएल), चंडीगढ़ ने कोविड-19 के संपर्क में आने वाले स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए फेस प्रोटेक्शन मास्क का विकास किया है। इसका हल्का वजन इसे लंबी अवधि के लिए आरामदायक वियर के रूप में सुविधाजनक बनाता है। इसकी डिजाइन चेहरे की सुरक्षा के लिए सामान्य रूप से उपलब्ध ए4 साइज ओवर-हेड प्रोजेक्शन (ओएचपी) फिल्म का उपयोग करता है। होल्डिंग फ्रेम को फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग (3 डी प्रिंटिंग) की मदद से निर्मित किया जा रहा है।
MHRD ने डिजीलॉकर को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी किया घोषित
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने डिजिलॉकर को एकमात्र राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी (एनएडी) घोषित करने की घोषणा की है। साथ ही मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को डिजीलॉकर के तहत स्थायी योजना के रूप में एनएडी को लागू करने का निर्देश दिया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के माध्यम से डिजीलॉकर द्वारा बिना किसी भी उपयोगकर्ता शुल्क के साथ एनएडी को एक स्थायी योजना के रूप में लागू किया जाएगा। इसके अलावा यूजीसी को शैक्षणिक पुरस्कारों के हस्तांतरण, छात्र खातों के निर्माण और डिजीलॉकर के सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।
क्या होता है DigiLocker?
डिजीलॉकर क्लाउड-आधारित एक प्रमुख सुरक्षित प्लेटफार्म है, जो उपयोगकर्ताओं को आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, संपत्ति दस्तावेजों जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक संस्करणों को संग्रहीत करने की अनुमति देता है और हर समय इन तक पहुंच सुनिश्चित करता है।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- मानव संसाधन विकास मंत्री: रमेश पोखरियाल निशंक ’.
USAID ने भारत को कोविड-19 से लड़ने के लिए 2.9 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता देने की कि घोषणा
अमेरिका ने यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) के माध्यम से भारत को 2.9 मिलियन डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। भारत को यह राशि COVID-19 से निपटने में मदद करने और देश में फैल रही महामारी को रोकने के लिए कोरोना संक्रमितों की देखभाल करने वाले स्थानीय समुदायों को उपकरणों की मदद के लिए दी जाएगी। अमेरिका की रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) और अन्य संबंधित एजेंसियां, भारत के साथ मिलकर काम कर रही हैं ताकि देश में फैली महामारी को नियंत्रित किया जा सके।
यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) विश्व स्तर पर वित्तीय सहायता करने वाली प्रमुख एजेंसियों में से एक है। COVID-19 अब एक वैश्विक स्वास्थ्य खतरा बन चूका है जिसे सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच घनिष्ठ सहयोग द्वारा सर्वोत्तम रूप से ही नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही यह भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पहल में भी सहयोग करेगा। यह कोष भारत सरकार को COVID-19 को फैलने से रोकने में मदद करेगा, प्रभावितों की देखभाल करने, और बीमारी को रोकने के लिए आवश्यक उपकरणों के निर्माण सहित स्थानीय समुदायों की सहायता करेगा।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- यूएसएआईडी का मुख्यालय: वाशिंगटन, संयुक्त राज्य अमेरिका.
- यूएसएआईडी की स्थापना: 3 नवंबर 1961.
- यूएसएआईडी प्रशासक: मार्क ग्रीन.
सिडबी अपने MSME’s को उपलब्ध कराएगा आपात कार्यशील पूंजी
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (Small Industries Development Bank of India-SIDBI) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सरकारी आदेश पर एक करोड़ रूपए तक की आपात कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का फैसला किया है । SIDBI के नए ऋण उत्पाद यानी कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ सिडबी की आपात सहायता-सेफ प्लस की सुविधा रेहनमुक्त होगी जिसे 5% की ब्याज दर पर 48 घंटे के अंदर जारी कर दिया जाएगा।
उपरोक्त उपायों के अलावा, SIDBI ने सेफ प्लस पहल के तहत MSMEs के लिए ऋण सीमा को 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया है। SIDBI द्वारा यह योजना COVID-19 से निपटने में उपयोग किए जाने वाले उत्पादों जैसे कि हैंड सैनिटाइज़र, शू-कवर, वेंटिलेटर, हेड गियर, बॉडीसूट्स, मास्क, दस्ताने और गॉगल्स के निर्माण में लगे हुए MSMEs को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई हैं। ।
सिडबी ने अपने फ्लैगशिप कार्यक्रम मेक इन इंडिया सॉफ्ट लोन फंड के अंतर्गत सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यमों के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए एक अतिरिक्त वित्तीय सहायता शुरू की है।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- सिडबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक: मोहम्मद मुस्तफा.













