वर्ष 1994 में रवांडा में तुत्सी समुदाय के विरुद्ध हुए जनसंहार पर विचार का अंतर्राष्ट्रीय दिवस
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- यूनेस्को का गठन: 4 नवंबर 1946
- यूनेस्को मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस
- यूनेस्को महानिदेशक: ऑड्रे आज़ोले.
विश्व स्वास्थ्य दिवस: 7 अप्रैल
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष: टेड्रोस एडहानॉम ट्रेंडिंग
- डब्ल्यूएचओ का मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड
- डब्ल्यूएचओ की स्थापना: 7 अप्रैल 1948.
कैबिनेट ने राष्ट्रपति और सांसदों के वेतन में 30% की कटौती को दी मंजूरी, MPLAD निधि भी 2 साल के लिए की गई निलंबित
MPLAD (सांसद क्षेत्रीय विकास निधि)?
पेटा इंडिया ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को ‘हीरो टू एनिमल्स अवार्ड’ से किया सम्मानित
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- पेटा की स्थापना: 22 मार्च, 1980
- मुख्यालय: नॉरफ़ॉक, वर्जीनिया, संयुक्त राज्य अमेरिका.
माधबी पुरी बुच को सेबी में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में 6 महीने का मिला विस्तार
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- सेबी के अध्यक्ष: अजय त्यागी; मुख्यालय: मुंबई.
तेलंगाना में लोगों को सैनिटाइज करने के लिए लगाई गई ‘V Safe Tunnel’
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री: के चंद्रशेखर राव; राज्यपाल: तमिलिसाई सौन्दर्यराजन.
IAF ने की ‘ऑपरेशन संजीवनी’ की शुरूआत
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
- एयर चीफ मार्शल: राकेश कुमार सिंह भदौरिया
- भारतीय वायु सेना की स्थापना: 8 अक्टूबर 1932
- भारतीय वायुसेना मुख्यालय: नई दिल्ली
COVID-19 से संबंधित प्रतिक्रिया गतिविधियों के समन्वय के लिए सशक्त समूह का गठन
IIT-रूडकी ने तैयार किया कम कीमत वाला ‘प्राण-वायु’ पोर्टेबल वेंटिलेटर
IIT-रूडकी ने AIIMS-ऋषिकेश के सहयोग से ‘प्राण-वायु’ नामक एक कम लागत वाला पोर्टेबल वेंटिलेटर विकसित किया है, जिसे केवल 25,000 रु. में तैयार किया जा सकता है। वेंटिलेटर, सांस में दिक्कत में वाइड डिग्री के लिए उपयोगी होगा और यह सभी आयु वर्ग के रोगियों, विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए प्रयोग किया जा सकत है। यह बंद लूप वेंटिलेटर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और कोरोनावायरस (COVID-19) रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
‘Prana-Vayu’ वेंटीलेटर कैसे काम करता है?
वेंटिलेटर मरीज को आवश्यक मात्रा में वायु पहुंचाने के लिए प्राइम मूवर के नियंत्रित ऑपरेशन पर आधारित है। इसकी स्वचालित प्रक्रिया सांस लेने और छोड़ने के अनुसार दबाव और प्रवाह दर को नियंत्रित करती है। वेंटिलेटर में एक व्यवस्था भी है, जो प्रति मिनट ज्वार की मात्रा (tidal volume ) और सांस को नियंत्रित कर सकती है।
आईआईटी-रुड़की की टिंकरिंग लेबोरेटरी में शोध की शुरुआत आईआईटी रुड़की की एक टीम में प्रो. अक्षय द्विवेदी और प्रो. अरुप कुमार दास ने की, जिन्हें एम्स, ऋषिकेश से देवेंद्र त्रिपाठी का ऑनलाइन सहयोग मिला।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
- आईआईटी-रुड़की के निदेशक: अजीत के चतुर्वेदी।
- आईआईटी-रुड़की का मुख्यालय: रुड़की, उत्तराखंड।













