भारत ने कतर और बहरीन में नए राजदूतों की नियुक्ति का किया ऐलान

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दीपक मित्तल को कतर में भारत के अगले राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया है, वहीं दूसरी ओर पीयूष श्रीवास्तव बहरीन में भारत का अगला नियुक्त किया गया हैं। ये दोनों ही 1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं।

दीपक मित्तल वर्तमान में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। वे 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी पी. कुमारन का स्थान लेंगे, जबकि पीयूष श्रीवास्तव, 1986 के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा का स्थान लेंगे।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए
महत्वपूर्ण तथ्य-
  • कतर कैपिटल: दोहा; मुद्रा: कतरी रियाल.
  • कतर के प्रधान मंत्री: शेख खालिद बिन खलीफा बिन अब्देलअजीज अल थानी.
  • बहरीन के राजा: हमद बिन ईसा अल खलीफा
  • बहरीन की राजधानी: मनामा; बहरीन की मुद्रा: बहरीन दीनार.

अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस: 29 अप्रैल

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प्रत्येक वर्ष विश्व स्तर पर 29 अप्रैल को International Dance Day यानि अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत यूनेस्को की कला प्रदर्शन के प्रमुख भागीदार अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (International Theatre Institute-ITI) की नृत्य समिति द्वारा की गई ।

यह दिवस हर साल 29 अप्रैल आधुनिक बैले के जनक कहे जाने वाले जीन-जॉर्जेस नोवरे (1727-1810) की जयंती की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर हर साल एक उत्कृष्ट कोरियोग्राफर या डांसर द्वारा एक संदेश दुनिया भर में प्रसारित किया जाता है।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान की स्थापना: 1948.
  • अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान का मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस.

भारत के हाथ फिसली पुरुषों की विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2021 की मेजबानी

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पुरुषों की विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप 2021 की मेजबानी भारत से छिनकर सर्बिया को सौंप दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (AIBA) ने 2017 में भारत साथ किए हस्ताक्षरित समझौते को रदद कर दिया है। इसके अलावा अब भारत को 500 यूएस डॉलर का रद्दीकरण शुल्क भी देना होगा।

भारत में पहली बार होने वाली ये प्रमुख प्रतियोगिता अब सर्बियाई के बेलग्रेड शहर में आयोजित होगी। सर्बिया बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष, नेनाड बोरोवेंकिन ने 43 साल बाद बेलग्रेड में चैंपियनशिप आयोजन करने का का स्वागत किया। एआईबीए के अंतरिम अध्यक्ष मोहम्मद मोसाहसैन ने कहाँ कि सर्बिया के पास इस समय एथलीटों और कोचों के लिए एक शानदार आयोजन करने के लिए सारे संसाधन मौजूद है।

भारत से क्यों छिने चैंपियनशिप के मेजबानी के अधिकार?

  • भारतीय मुक्केबाजी संघ (BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह ने संघ द्वारा भुगतान में होने वाली देरी को स्वीकार किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने एआईबीए की ओर से प्रक्रियात्मक जटिलताओं का उल्लेख किया गया है, जिसमे धन हस्तांतरित किए जाने वाले खाते के बारे में जानकारी मुहैया कराने में एआईबीए विफल रहा था.
  • आयोजन के लिए लगभग 4 मिलियन अमरीकी डालर का भुगतान पिछले साल 2 दिसंबर तक किया जाना था.

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • AIBA Founded: 1946.
  • AIBA की स्थापना: 1946
  • AIBA मुख्यालय: लॉज़ेन, स्विट्जरलैंड
  • AIBA अध्यक्ष: डॉ. मोहम्मद मोसाहसैन

JNCASR के वैज्ञानिकों विकसित किया अल्जाइमर अवरोधक आधारित “बर्बेरिन”

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जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) के वैज्ञानिकों ने अल्जाइमर अवरोधक आधारित “बर्बेरिन” विकसित किया है। JNCASR के वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक उत्पाद आधारित अल्जाइमर अवरोधक बनाने के लिए भारत एवं चीन में पाए जाने वाले आइसोक्विनोलीन प्राकृतिक उत्पाद बर्बेरिन का चयन किया। JNCASR के वैज्ञानिकों का यह शोध वैज्ञानिक पत्रिका iSceince में प्रकाशित किया गया है।
बर्बेरिन का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा के साथ-साथ अन्य अनुप्रयोगों में भी किया जाता है। वैज्ञानिकों ने बर्बेरिन को बेर-डी में बदल दिया, जो एक घुलनशील (जलीय) ऑक्सीकरण रोधी है। नया उत्पाद “बेर-डी” एक घुलनशील (जलीय) है और एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है। वैज्ञानिकों ने बर्बेरिन के नए रूप को यानि “बेर-डी” को अल्जाइमर रोग के बहुआयामी अमाइलॉइड विषाक्तता का बहुक्रियाशील अवरोधक पाया है। इसलिए, ये बहुक्रियाशील विशेषताएं बेर-डी को अल्जाइमर रोग की बहुआयामी विषाक्तता के इलाज के लिए प्रभावकारी चिकित्सा सामग्री विकसित करने की दृष्टि से अत्‍यंत उपयोगी बनाती हैं।

भारत ने पीटरबर्ग जलवायु संवाद के 11 वें सत्र में लिया हिस्सा

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भारत ने पीटरबर्ग जलवायु संवाद के 11 वें सत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पहले वर्चुअल पीटरबर्ग जलवायु संवाद में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस संवाद की मेजबानी जर्मनी ने की तथा इसकी सह-अध्यक्षता ब्रिटेन द्वारा की गई थी।
पीटरबर्ग जलवायु संवाद का 11 वां सत्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया। इस संवाद में 30 से अधिक देशों ने हिस्सा लिया। संवाद के दौरान COVID-19 से निपटने, जीवन बचाने और बीमारी के सामाजिक और आर्थिक परिणामों का समाधान निकालने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
संवाद में भारत की भूमिका:

भारत ने सुझाव दिया कि वर्तमान में जिस तरह समूचा विश्‍व एकजुट होकर नोवल कोरोना वायरस के लिए वैक्‍सीन तलाशने में जुटा है, उसी तरह पर्यावरण संबंधी प्रौद्योगिकी हमारे पास मुक्‍त स्रोत के रूप में होनी चाहिए तथा जिसे किफायती दाम पर उपलब्‍ध कराया जाना चाहिए। साथ ही, भारत ने विकासशील देशों को तुरंत 1 ट्रिलियन यूएसडी अनुदान देने का भी सुझाव दिया।

कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन:-

कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन किसी भी जलवायु समझौते तक पहुँचने में विफल रहा था। वर्ष 2009 के संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (UNFCCC) को आमतौर पर कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन के रूप में जाना जाता है। यह कोपेनहेगन, डेनमार्क में आयोजित किया गया था। 2009 के कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन की विफलता के बाद से जर्मनी द्वारा संवाद का आयोजन किया जा रहा है। इस संवाद में आमतौर पर पर्यावरण मंत्रियों द्वारा भाग लिया जाता है।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री: बाबुल सुप्रियो.

CSIR-CMERI ने विकसित किया “हास्पीटल केयर एस्सिटिव रोबोटिक डिवाइस”

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सेंट्रल मैकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीच्यूट के दुर्गापुर स्थित सीएसआईआर लैब द्वारा एक कम लागत वाला रोबोटिक डिवाइसHospital Care Assistive Robotic Device (H-CARD)” विकसित किया गया है। इस रोबोटिक डिवाइस का उपयोग COVID-19 के मरीजों से नमूना संग्रह करने और उपचार के लिए किया जाएगा। इसके COVID-19 रोगियों का इलाज कर रहे फ्रंटलाइन हेल्थकेयर कार्यकर्ताओं के लिए बहुत ही फायदेमंद होने की उम्मीद है क्योंकि अब वे संक्रमित व्यक्तियों से शारीरिक दूरी बनाये रखकर उनकी देखभाल करने में सक्षम होंगे । H-CARD आटोमैटिक एवं नेवीगेशन के मैनुअल मोड्स में भी काम करता है।
हास्पीटल केयर एस्सिटिव रोबोटिक डिवाइस को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है और जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए अनिवार्य शारीरिक दूरी बनाते हुए कोविड-19 मरीजों की देखभाल करने में प्रभावी हो सकता हैं। यह टेस्टिंग उपकरणों, फाइलों, खाध पदार्थो, दवाओं के साथ-साथ व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों को व्यापक रूप से कीटाणुरहित जगह पर पहुँचाने में भी सक्षम है। इसमें वीडियो कॉल सुविधा भी शामिल है, जिसके का उपयोग रोगियों को भोजन पहुँचाने का कार्य भी किया जा सकता है।

जी-20 समूह ने लॉन्च की “Access to COVID-19 Tools Accelerator” पहल

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जी-20 समूह ने सऊदी अरब की अध्यक्षता में एक नई पहल “Access to COVID-19 Tools Accelerator” लॉन्च की है। नई पहल “Access to COVID-19 Tools Accelerator” कार्रवाई के लिए तालमेल को बेहतर बनाने सहित सामूहिक भागीदारी के लिए अंतर-निर्भरता, समस्या को सुलझाने के लिए सबको एकजुट करने और नए COVID-19 उपचार एवं वैक्सीन तैयार करने के लिए निवेश का मार्गदर्शन करने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करेगी। साथ ही इसका उद्देश्य सभी सदस्यों को सभी संसाधनों की न्यायसंगत पहुँच प्रदान करना है।
इसके अलावा सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अलजादान ने जी -20 द्वारा लॉन्च किए गए  “Access to COVID-19 Tools Accelerator” के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान, सभी सदस्य देशों से एकजुट होने और COVID-19 महामारी की इस वैश्विक चुनौती का सामना करने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया। 

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • ये 20 सदस्यी समूह (G20) अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है जो हर महाद्वीप के विकसित और विकासशील दोनों देशों के नेताओं को एक मंच पर साथ लाता है।
  • G20 समूह के सदस्य देश है:- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, कोरिया गणराज्य, तुर्की, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू).
  • सऊदी अरब की राजधानी: रियाद; मुद्रा: सऊदी रियाल

आखिरकार बंद हुआ उत्तरी ध्रुव के ऊपर बना ओजोन परत का सबसे बड़ा छेद

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कॉपरनिकन एटमॉस्फियर ऑबजरवेशन सर्विस (CAMS) से ओजोन छेद पर निगरानी कर रहे वैज्ञानिकों ने घोषणा की है कि उत्तरी ध्रुव में बना ओजोन छेद अब पूरी तरह से बंद हो गया है। उनके द्वारा बताया गया कि आर्कटिक के ऊपर 1 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैली ओजोन परत में हुआ सबसे बड़ा छेद असामान्य वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण अब बंद हो गया है। इस ओजोन छेद की पहचान वैज्ञानिकों ने पहली बार मार्च 2020 में की थी।

इस छेद के बंद होने की पुष्टि कोपर्निकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) और कोपरनिकस एटमॉस्फेरिक मॉनिटरिंग सर्विसेज (CAMS) द्वारा यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) ने की है


जुलाई से सितंबर के बीच दक्षिणी ध्रुव पर अंटार्कटिक के ऊपर ओजोन परत में इस प्रकार का छेद होना एक सामान्य घटना हैं लेकिन इस समय में आर्कटिक के ऊपर ओजोन परत में हुआ छेद असामान्य था। इससे पहले 2011 में लगभग एक दशक पहले आर्कटिक में इस प्रकार के ठोस रासायनिक ओजोन की कमी देखी गई थी।
क्या होती है ओजोन परत?

पृथ्वी के वायुमंडल में क्षोभमंडल (Troposphere) और समतापमंडल के बीच करीब 15 से 30 किलोमीटर में ओजोन की बहुतायात होती है जिसे ओजोन परत कहते हैं। यह सूर्य से आने वाली हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों को रोकने में सक्षम होती है। ओजोन परत में छेद का मतलब उस क्षेत्र में ओजोन की मात्रा बहुत ही कम हो जाना होता है।

Copernicus Climate Change Service के बारे में:-

कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) यूरोपीय संघ की जलवायु निगरानी सेवा है। C3S अनुकूलन जलवायु परिवर्तन पर अध्ययन और निगरानी करने के लिए सहम समूह हैं। यह समय पर, विश्वसनीय, और उपयोगकर्ता-उन्मुख उपकरणों के माध्यम से जलवायु और जलवायु परिवर्तन से संबंधित जानकारी और ज्ञान प्रदान करता है।

ग्रैमी पुरस्कार के लिए नॉमिनेटेड होने वाले सिंगर ट्रॉय स्नेड का निधन

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ग्रैमी पुरस्कार के लिए नॉमिनेटेड किए जाने वाले सुसमाचार संगीत (gospel) गायक ट्रॉय स्नेड का कोरोनावायरस के कारण निधन हो गया है। ट्रॉय स्नेड को यूथ फ़ॉर क्राइस्ट के 1999 के एल्बम ‘हायर’ के लिए ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।

ट्रॉय स्नेड ने अपने संगीत कैरियर की शुरुआत 1999 में अपने पहले एल्बम ‘कॉल जीसस’ से की थी। उन्होंने अपना पहला एल्बम ‘कॉल जीसस’ मलाको रिकॉर्ड्स के साथ मिलकर रिलीज किया था। ग्रैमी के लिए नामांकित होने इस सिंगर के नाम के तहत कई हिट गाने हैं, जिनमे सुसमाचार वर्क इट आउट और माय हार्ट सेज़ यस शामिल हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार ने आरंभ की “जगन्‍ना विद्या दीवेना योजना”

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी ने राज्य में ‘जगन्‍ना विद्या दीवेना योजना’ का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत, आगामी शैक्षणिक सत्र 2020-21 में शुल्‍क प्रतिपूर्ति (reimbursement) महाविद्यालयों के खातों के बजाए विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डाली जाएगी।

‘Jagananna Vidya Deevena’ योजना के जुड़े अहम तथ्य:

  • राज्य सरकार आईटीआई, बीटेक, बी फार्मा, एमबीए, एमसीए और बीएड पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान करेगी.
  • जगन्‍ना विद्या दीवेना योजना के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को 15,000 रुपये से 20,000 रुपये की राशि दी जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत कुल 4000 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है, जिसमें पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान लंबित 1880 करोड़ रुपए की राशि भी शामिल है।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

  • आंध्र प्रदेश के राज्यपाल: बिस्वा भूषण हरिचंदन.

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