शोभना नरसिम्हन चुनी गई अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज की मानद सदस्य

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शोभना नरसिम्हन को अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज के लिए अंतरराष्ट्रीय मानद सदस्य के रूप में चुना गया है। वह वर्तमान जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) में सैद्धांतिक विज्ञान इकाई (TSU) की प्रोफेसर हैं। उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में उनके विशिष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने नैनोमैटेरियल्स के तर्कसंगत डिजाइन पर महत्वपूर्ण काम किया है, और जांच की कि कैसे आयाम में कमी लाने और आकार को छोटा करने से भौतिक गुणों पर प्रभाव पड़ता है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज द्वारा उन विद्वानों और नेताओं को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने विज्ञान, कला, मानविकी और सार्वजनिक जीवन में खुद को उत्कृष्ट साबित किया है। अंतरराष्ट्रीय मानद सदस्यों की पिछली सूची में, चार्ल्स डार्विन, अल्बर्ट आइंस्टीन और नेल्सन मंडेला जैसी हस्तियों के नाम शामिल हैं।

भारत सरकार ने लघु वन उपज के लिए एमएसपी में की वृद्धि

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केंद्र सरकार ने 49 वस्तुओं के लघु वन उपज (Minor Forest Produce-MFP) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) बढ़ाने की घोषणा की है। लघु वन उपज के विभिन्न मदों के बीच एमएसपी वृद्धि 16% से 66% के बीच है।

लघु वन उपज (MFP) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत गठित मूल्य निर्धारण सेल द्वारा प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार संशोधित किया जाता है। नवीनतम मूल्य निर्धारण से जनजातीय संग्रहकर्ताओं की आजीविकाओं को जरूरी सहायता मिलने की संभावना है क्योंकि यह कम से कम 20 राज्यों में गौण जनजातीय उपज की खरीद को तत्काल और बेहद आवश्यक गति प्रदान करेगा।



उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए
महत्वपूर्ण तथ्य-
  • केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री: अर्जुन मुंडा.
  • जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री: रेणुका सिंह सरुता.

अरविंद कुमार शर्मा ने संभाला एमएसएमई मंत्रालय के सचिव का कार्यभार

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अरविंद कुमार शर्मा ने सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के सचिव का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनकी नियुक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था। एमएसएमई मंत्रालय के सचिव के रूप में पदभार संभालने से पहले, वह प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे।
अरविंद कुमार शर्मा गुजरात कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं तथा ये गुजरात सरकार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए
महत्वपूर्ण तथ्य-

  • केंद्रीय सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्री: नितिन जयराम गडकरी.

गिरधर अरमाने ने परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव का पदभार किया ग्रहण

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गिरिधर अरमाने ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव का पदभार संभाला लिया है। उनकी नियुक्ति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा अनुमति मिलने के बाद की गई है। उन्हें संजीव रंजन की जगह नियुक्त किया गया है जिन्हें शिपिंग मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है।
गिरिधर अरमाने आंध्र प्रदेश कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। MoRTH के सचिव के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, वह कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने 2012-14 से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया है। वे आंध्र प्रदेश सरकार में विभिन्न पदों पर भी काम कर चुके है।

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए
महत्वपूर्ण तथ्य-

  • केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री: नितिन जयराम गडकरी.

CSIR-CSIO ने वायरस का खात्मा करने के लिए इलेक्ट्रोस्टैटिक कीटाणुशोधन मशीन की विकसित

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वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद, सीएसआईआर के वैज्ञानिक उपकरण संगठन, चंडीगढ़ ने एक इलेक्ट्रोस्टैटिक कीटाणुशोधन मशीन तैयार की है। इस नवीन तकनीक को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए प्रभावी कीटाणुशोधन और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है।
इलेक्ट्रोस्टैटिक कीटाणुशोधन मशीन इलेक्ट्रोस्टैटिक सिद्धांत पर काम करती है और सूक्ष्मजीवों और वायरस को ख़त्म करने के लिए कीटाणुनाशक की समान और बारीक स्प्रे बूंदों का उत्पादन करता है। इस प्रकार यह बहुत प्रभावी ढंग से कोरोनोवायरस और रोगाणुओं को खत्म कर देता है या उसे फैलने से रोकने में सक्षम है। इस तकनीक को सीएसआईआर-सीएसआईओ ने व्यावसायीकरण और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए नागपुर की एक कंपनी, राइट वाटर सलूशन प्राइवेट लिमिटेड, को हस्तांतरित कर दिया है।

COVID-19 को विघटित करने के लिए विकसित किया गया माइक्रोवेव स्टेरलाइजर “ATULYA”

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पुणे के डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी, द्वारा “अतुल्य” नामक एक माइक्रोवेव स्टरलाइजर विकसित किया गया है। माइक्रोवेव स्टेरलाइज़र “ATULYA” 56 डिग्री से 60 डिग्री सेल्सियस तापमान में विभेदकारी हीटिंग की मदद से COVID -19 वायरस का विघटन करेगा।
माइक्रोवेव स्टेरलाइजर “ATULYA”, सिस्टम का वजन लगभग 3 किलोग्राम है और इसका उपयोग केवल गैर-मेटैलिक वस्तुओं के स्टरलाइजेशन के लिए किया जा सकता है। इस सिस्टम का मानव/प्रचालक सुरक्षा के लिए परीक्षण किया एवं इसे सुरक्षित पाया गया। इसे पोर्टेबल या फिक्स्ड इंस्टोलेशन में प्रचालित किया जा सकता है।

रंगभेद के खिलाफ संघर्ष करने वाले जाने-माने कार्यकर्ता डेनिस गोल्डबर्ग का निधन

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रंगभेद के खिलाफ संघर्ष करने वाले प्रसिद्ध दक्षिण अफ्रीकी कार्यकर्ता डेनिस गोल्डबर्ग का निधन। वह दिवंगत दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के सहयोगी थे। उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी मुक्ति संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस के सैन्य विंग, उमाखंतो वी सिज़वे (Umkhonto we Sizwe) (MK) के एकमात्र श्वेत सदस्य थे।

डेनिस गोल्डबर्ग को रंगभेद के खिलाफ एएनसी की लड़ाई में शामिल होने के लिए 22 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी और वे 22 साल तक राजधानी प्रिटोरिया में जेल में रहने वाले एकमात्र श्वेत व्यक्ति थे। इसके अलावा श्वेत अल्पसंख्यक सरकार द्वारा जबरन उत्पीड़न की जातिवादी व्यवस्था थी। उन्हें 1985 में जेल से रिहा किया गया था।

वर्ल्ड ट्यूना डे: 2 मई

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हर साल 2 मई को विश्व स्तर पर वर्ल्ड ट्यूना डे (World Tuna Day) मनाया जाता है। यह दिन संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा ट्यूना मछली के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है। इसे पहली बार साल 2017 में मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व में कई देशो खाद्य सुरक्षा और पोषण दोनों ही के लिए ट्यूना फिश पर निर्भर है। वर्तमान में 96 से अधिक देशों में टूना मछली पालन किया जाता है, और इनकी क्षमता लगातार बढ़ रही है।
वर्ल्ड ट्यूना डे का इतिहास:
विश्व ट्यूना दिवस को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा दिसंबर 2016 में 71/124 के प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से अपनाने के बाद घोषित किया गया था। इसका उद्देश्य संरक्षण प्रबंधन के महत्व को स्पष्ट करना और सुनिश्चित करना था कि ट्यूना स्टॉक को खराब होने से रोकने के लिए एक प्रणाली की आवश्यकता है। इसी कारण 2 मई 2017 को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विश्व ट्यूना दिवस मनाया गया।

केंद्र सरकार ने 4 मई 2020 से दो और सप्‍ताह के लिए बढ़ाया लॉकडाउन, रेड, ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश

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गृह मंत्रालय ने देश में 03 मई 2020 तक जारी लॉकडाउन को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत, 04 मई से दो और सप्‍ताह के लिए आगे बढ़ाने का आदेश जारी किया। इस प्रकार अब लॉकडाउन 17 मई तक जारी रहेगा।
इसके अलावा गृह मंत्रालय ने इस अवधि में विभिन्न गतिविधियों को विनियमित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए, जो देश में जिलों को रेड (हॉटस्पॉट), ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन में बदलने के जोखिम पर आधारित होंगे।

MHA दिशानिर्देशों के अनुसार किन्हें कहा जाता है रेड (हॉटस्पॉट), ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन?

  • ग्रीन-ज़ोन, वे जिले होंगे जहां अब तक एक भी कोरोना मामले की पुष्टि न हुई हो या पिछले 21 दिनों में कोई मामला न आया हो.
  • किसी जिले को रेड जोन में तब्दील, संक्रमित मामलों की कुल संख्या, पॉजिटिव आए मामलों के दुगने होने की दर, जिलों की टेस्टिंग और निगरानी प्रतिक्रिया के आधार पर किया जाएगा.
  • ऐसे जिले, जिन्हें न तो रेड और न ही ग्रीन घोषित किया गया है, उन्हें ऑरेंज ज़ोन के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा.
  • वर्गीकृत किए गए रेड , ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन को MoHFW द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के साथ साप्ताहिक आधार पर या पहले अथवा आवश्यकतानुसार साझा किया जाएगा.
  • हालाँकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इनके अलावा किसी भी जिले को रेड और ऑरेंज ज़ोन में शामिल कर सकते हैं, लेकिन वे MoHFW द्वारा सूचीबद्ध किए गए जिले के वर्गीकरण को रेड या ऑरेंज ज़ोन की सूची में शामिल नहीं कर सकते.

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए
महत्वपूर्ण तथ्य-

  • केंद्रीय गृह राज्य मंत्री: अमित शाह.

मणिपुर के काले चावल और गोरखपुर टेराकोटा को मिला जीआई टैग

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मणिपुर के काले चावल, जिसे चाक-हाओ भी कहा जाता और गोरखपुर के टेराकोटा एवं कोविलपट्टी की कदलाई मितई को भौगोलिक संकेत टैग (Geographical Indication tag) दिया गया है। चाक-हाओ के लिए आवेदन चाक-हाओ (काले चावल) के उत्पादकों के संघ द्वारा दायर किया गया था, जिसे मणिपुर सरकार के कृषि विभाग और पूर्वोत्तर क्षेत्रीय कृषि विपणन निगम लिमिटेड (NERACAC) द्वारा सहायता दी गई थी। गोरखपुर टेराकोटा के लिए उत्तर प्रदेश के लक्ष्मी टेराकोटा मुर्तिकला केंद्र द्वारा आवेदन दायर किया गया था।

ब्लैक राइस या काला चावल:
इस चावल किस्म के चावल का रंग गहरा काला होता है और इसका वजन अन्य रंग के चावल की किस्मों की तुलना में अधिक होता है, जैसा कि भूरे चावल का होता है। चावल का अधिक वजन और इसका काला रंग मुख्य रूप से एंथोसायनिन एजेंट के कारण  होता है। यह चावल मिठाई, दलिया बनाने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

गोरखपुर टेराकोटा:

गोरखपुर का टेराकोटा लगभग सौ वर्ष  पुराना है। हस्तशिल्पियों द्वारा प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली दोमट मिट्टी से तैयार की गई छोटी-बड़ी आकृतियों और मूर्तियों का पकने के बाद लाल रंग खुद ब खुद निखर कर सामने आता है। सबसे खास बात यह कि दीपदान हो या मोर, नक्काशी किए हुए झूमर, लैम्प और पंछियों की आकृतियां या फिर पांच फीट का हाथी बनाने में चाक या सांचे का उपयोग नहीं होता। शिल्पकार हाथों से इसे गढ़ते हैं।

कोविलपट्टी कदलाई मित्तई:
कदलाई मितई तमिलनाडु के दक्षिणी भागों में बनाई जाने वाली मूंगफली कैंडी है। मूंगफली और गुड़ से कैंडी को तैयार की जाता है। इसमें विशेष रूप से थामीबरानी नदी के पानी का उपयोग किया जाता है।

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