पीयूष गोयल: आने वाले 30 वर्षों में भारतीय जीडीपी 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है

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वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है और अगले 30 वर्षों में 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। तमिलनाडु के तिरुपुर में निर्यातकों से बात करते हुए गोयल ने टिप्पणी की कि अगर भारत सालाना 8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (compound annual growth rate) से बढ़ता है, तो अर्थव्यवस्था नौ वर्षों में दोगुनी हो जाएगी। मंत्री के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग 3.2 ट्रिलियन डॉलर की है और नौ वर्षों में लगभग 6.5 ट्रिलियन डॉलर की होगी।

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प्रमुख बिंदु (KEY POINTS):

  • विकास के बारे में बताते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि, भारत के पास नौ और वर्षों में, या अब से 18 वर्षों में 13 ट्रिलियन डॉलर का सकल घरेलू उत्पाद होगा।
  • भारत की अर्थव्यवस्था नौ और वर्षों में, या अब से 27 वर्षों में $26 ट्रिलियन की हो जाएगी।
  • उसके बाद, यह इस प्रकार है कि भारतीय अर्थव्यवस्था संभवतः 30 वर्षों में $ 30 ट्रिलियन की हो जाएगी।
  • केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री के अनुसार, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष और CoVD-19 महामारी के कारण वर्तमान कठिन परिस्थितियों के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था स्वस्थ दर से विस्तार कर रही है।
  • संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कुछ वस्तुओं की कमी हो गई है, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई है।
  • भारत अपनी मुद्रास्फीति को प्रबंधनीय स्तर पर रखने में सफल रहा है।
  • पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि देश का कपड़ा उद्योग वर्तमान में 10 लाख करोड़ का है और अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ के निर्यात के साथ 20 लाख करोड़ तक विकसित होने की क्षमता है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

  • केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री, भारत सरकार: श्री पीयूष गोयल
  • केंद्रीय वित्त मंत्री, भारत सरकार: निर्मला सीतारमण।

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Indian's funds in Swiss banks jumps over Rs 30 lakh crore in 2021_90.1

CEO of NITI Aayog: परमेश्वरन अय्यर को नीति आयोग का सीईओ नियुक्त किया गया

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पूर्व पेयजल एवं जल स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर को 2 वर्ष के लिए नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) नियुक्त किया गया है। वह अमिताभ कांत का स्थान लेंगे। कांत को निश्चित दो साल के कार्यकाल के लिए 17 फरवरी, 2016 को नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति आयोग) के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में कांत के कार्यकाल को  30 जून, 2019 तक का विस्तार दिया गया था। जून 2019 में उनके कार्यकाल को पुनः दो साल के लिए बढ़ा दिया गया था। जून 2021 में, कांत को एक और बार एक साल का विस्तार मिला।

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परमेस्वरन अय्यर का करियर (Career of Parameswaren Iyer):

  • अय्यर ने साल 2009 में भारतीय सिविल सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। उसी वर्ष, विश्व बैंक में जल संसाधन प्रबंधक बने। वर्ष 2016 में, वह पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव के रूप में शामिल हुए।
  • उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में एक वरिष्ठ ग्रामीण जल स्वच्छता विशेषज्ञ के रूप में भी काम किया था। साल 2016 में, सरकार ने अपने स्वच्छ भारत मिशन को लागू करने के लिए अय्यर को नियुक्त किया। वर्ष 2021 में, अय्यर ने जल शक्ति मंत्रालय में पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

  • नीति आयोग की स्थापना: 1 जनवरी, 2015;
  • नीति आयोग पूर्ववर्ती: योजना आयोग (15 मार्च 1950)
  • नीति आयोग मुख्यालय: नई दिल्ली;
  • नीति आयोग के अध्यक्ष: नरेंद्र मोदी;
  • नीति आयोग के उपाध्यक्ष: सुमन के बेरी;
  • नीति आयोग वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

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ऑनलाइन गैम्बलिंग, ऑनलाइन गेमिंग और कैसीनो पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने की संशोधन की तैयारी में है जीएसटी परिषद

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वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Service Taxes (GST)) परिषद जीएसटी ट्रिब्यूनल बनाने को आसान करने के लिए क़ानून में बदलाव की बात करने जा रही है। देश में ऑनलाइन गेमिंग ( Online Gaming), कैसिनो ( Casino) और रेस कोर्स ( Race Course) पर 28 फीसदी जीएसटी ( GST) लगाने की तैयारी है। राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली मंत्रियों के समूह ( GOM) ने ऑनलाइन गेमिंग, कैसिनो और रेस कोर्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने की सिफारिश करने पर अपनी सहमति दे दी है। मंत्रियों का समूह अगले कुछ दिनों में अपनी रिपोर्ट को सौंप देगा। इस रिपोर्ट को मंजूरी के लिए जीएसटी काउंसिल ( GST Council) की 47वीं बैठक के सामने पेश किया जाएगा। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनरड के संगमा इस जीओएम के संयोजक हैं। 

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ऑनलाइन गेमिंग ( Online Gaming), कैसिनो ( Casino) और रेस कोर्स ( Race Course) पर 28 फीसदी जीएसटी ( GST) लगाने की तैयारी है।

प्रमुख बिंदु (KEY POINTS):

  • यह सलाह दी जाती है कि ऑनलाइन गेमिंग के मामले में, कंसीडरेशन का पूरा मूल्य किसी भी प्रतियोगिता प्रवेश शुल्क, खिलाड़ी भागीदारी शुल्क आदि को ध्यान में रखेगा, जबकि रेसट्रैक के मामले में, सट्टेबाजों के साथ लगाए गए दांवों का पूरा मूल्य और इसमें जमा किया गया दांव टोटलाइज़र को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
  • कैसिनो के मामले में, ग्राहकों द्वारा कसीनो से खरीदे जाने वाले चिप्स या सिक्कों के पूरे अंकित मूल्य को ध्यान में रखा जाएगा।
  • सट्टेबाजी के प्रत्येक दौर में लगाए गए दांव का मूल्य, जिसमें पहले दौर की जीत का उपयोग करके खेला जाता है, चिप्स या सिक्कों (अंकित मूल्य पर) की खरीद पर जीएसटी लगाए जाने के बाद अतिरिक्त कर के अधीन नहीं होगा।
  • इसके अतिरिक्त, यह सलाह दी जाती है कि कैसीनो में प्रवेश शुल्क में एक या अधिक अतिरिक्त आपूर्ति की लागत शामिल है, जैसे कि भोजन और पेय पदार्थों की लागत।
  • प्रवेश टिकट का उपयोग किए बिना की गई कोई अन्य अतिरिक्त सेवाएं या वैकल्पिक खरीदारी ऐसी खरीद पर लागू होने वाली दर पर कर के अधीन होगी।

28 फीसदी जीएसटी का प्रस्ताव

आपको बता दें अभी बगैर सट्टेबाजी वाले गेमिंग पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने का प्रावधान है। लेकिन सट्टेबाजी वाले ऑनलाइन गेनिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म द्वारा हर गेम पर वसूले जाने वाले कमीशन पर 18 फीसदी लगाने का प्रावधान है। हार्स रेसिंग पर कुल सट्टेबाजी वैल्यू का 28 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है। लेकिन अब सभी तरह के गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी वसूले जाने का प्रस्ताव है। जीएसटी काउंसिल से ग्रुप ऑफ मिनिटर्स के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो सभी कैटगरी पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स प्रारंभिक बेटिंग अमाउंट और गेमिंग अमाउंट पर लगाया जाएगा। क्योंकि जीओएम हर सट्टेबाजी और जीते जाने वाली राशि पर जीएसटी लगाने के पक्ष में नहीं है।

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Indian's funds in Swiss banks jumps over Rs 30 lakh crore in 2021_90.1

ओडिशा के सार्वजनिक परिवहन सेवा, ‘मो बस’ को प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया

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ओडिशा स्थित सार्वजनिक परिवहन सेवा, मो बस को कोविड-19 से दुनिया को बेहतर ढंग से उबरने में भूमिका और प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार दुनिया को कोविड-19 से बेहतर तरीके से उबरने में मदद करने के लिए 10 नवाचारों को मान्यता देते हैं और जीत हासिल करने वाली पहल बच्चों को सुरक्षित रखने, लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने और पानी के नीचे जीवन की रक्षा करने में मदद करती है।

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग द्वारा बुधवार को आयोजित एक डिजिटल समारोह में ब्राजील, कनाडा, भारत, आयरलैंड, पनामा, फिलीपींस, पोलैंड, सऊदी अरब, थाईलैंड और यूक्रेन की दस पहलों को प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कारों के साथ उनके अभिनव सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए मान्यता दी गई है।

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संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा दिवस के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम के दौरान, 2022 के संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार विजेताओं की घोषणा संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के अवर महासचिव लियू जेनमिन द्वारा की गई ।

कैसे मिली ओडिशा को पहचान?

  • संयुक्त राष्ट्र की मान्यता ने कहा कि “समस्या” यह थी कि “भुवनेश्वर शहर में बस सेवाओं में सुधार की आवश्यकता थी”, जिसके परिणामस्वरूप “अधिकांश लोगों ने सार्वजनिक परिवहन लेने के बजाय निजी वाहनों, दोपहिया और ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल किया।”
  • इसके लिए “समाधान” के रूप में उभर कर आयी, साल 2018 में ओडिशा सरकार द्वारा शुरू की गयी “एक एकीकृत, विश्वसनीय और समावेशी सार्वजनिक बस सेवा प्रणाली प्रदान करने के लिए शहर में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का पुनर्गठन” योजना। संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि मो बस में “लाइव ट्रैकिंग, ट्रैवल प्लानर और ई-टिकटिंग जैसी रीयल-टाइम प्रौद्योगिकियों” को शामिल किया गया है, और ‘मो ई-राइड’ नामक एक ई-रिक्शा प्रणाली को फीडर सेवा के रूप में पेश किया गया है।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

  • ओडिशा राजधानी: भुवनेश्वर;
  • ओडिशा के मुख्यमंत्री: नवीन पटनायक;
  • ओडिशा राज्यपाल: गणेशी लाल।

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US-Canadian author Ruth Ozeki wins Women's Prize for Fiction_90.1

रणजी ट्रॉफी 2022: मध्य प्रदेश ने मुंबई को छह विकेट से हराया

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मध्य प्रदेश ने साल 2022 में इतिहास रच दिया क्योंकि मध्य प्रदेश ने बेंगलुरु के एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए फाइनल मुक़ाबले में टूर्नामेंट की सबसे मज़बूत टीम मुंबई को 6 विकेट से हराकर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता। आदित्य श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने 41 बार की चैंपियन मुंबई को हराया। बतौर कोच भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज चंद्रकांत पंडित ने टीम को प्रशिक्षित किया था।

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मुंबई के बल्लेबाज सरफराज ख़ान को उनकी शानदार बल्लेबाज़ी हेतु रणजी ट्रॉफी 2022 के लिए ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ हासिल हुआ, जिसमें उन्होंने 122.75 की औसत से 982 रन बनाए, जो बल्लेबाजी सूची में शीर्ष पर रहे। 2022 रणजी ट्रॉफी में शीर्ष गेंदबाज ओहदा झारखंड के स्पिनर शाहबाज नदीम (25 विकेट) को हासिल हुआ।

रणजी ट्रॉफी का इतिहास:

  • रणजी ट्रॉफी एक घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट चैंपियनशिप है जो भारत में क्षेत्रीय और राज्य क्रिकेट संघों का प्रतिनिधित्व करने वाली कई टीमों के बीच खेली जाती है। प्रतियोगिता में वर्तमान में 38 टीमें शामिल हैं, जिसमें भारत के सभी 28 राज्य और नौ केंद्र शासित प्रदेशों में से कम से कम चार का प्रतिनिधित्व है।
  • प्रतियोगिता का नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर रणजीत सिंह के नाम पर रखा गया है, जिन्हें ‘रणजी’ के नाम से भी जाना जाता था। प्रतियोगिता का पहला मैच 4 नवंबर, 1934 को मद्रास और मैसूर के बीच मद्रास के चेपॉक मैदान में आयोजित किया गया था।
  • मुंबई (बॉम्बे) ने सबसे अधिक बार जीत हांसिल हुई है जिसमें इसने 41 बार टूर्नामेंट जीता है। इसमें 1958-59 से 1972-73 तक 15 बैक-टू-बैक जीत शामिल हैं।

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Cyclist Ronaldo, first Indian cyclist to win silver at Asian Championship_70.1

27 जून: अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस, देखें इतिहास और महत्व

 

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प्रत्येक वर्ष 27 जून को सतत् विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals- SDGs) के कार्यान्वयन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार के उद्यमों के योगदान को मान्यता देने हेतु सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार के उद्यम (Micro, Small and Medium-sized Enterprises (MSMEs) दिवस का आयोजन किया जाता है।

इस दिन का उद्देश्य वैश्विक आर्थिक विकास और सतत विकास में एमएसएमई के योगदान के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है। एमएसएमई या सूक्ष्म-लघु और मध्यम आकार के उद्यम किसी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ये ऐसे उद्यम हैं जो आमतौर पर 250 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार नहीं देते हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर दो-तिहाई से अधिक नौकरियों के सृजन के लिए जिम्मेदार हैं।

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इतिहास:

  • अप्रैल 2017 में संयुक्त राष्ट्र (United Nations- UN) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित एक प्रस्ताव के माध्यम से 27 जून को सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार के उद्यम दिवस के रूप में नामित किया।
  • मई 2017 में ‘एनहेनसिंग नेशनल केपेसिटीज़ फॉर अनलेशिंग फुल पोटेंशियल्स ऑफ  एमएसएमई इन अचीविंग द एसडीजीज़ इन डेवलपिंग कंट्रीज़’ (Enhancing National Capacities for Unleashing Full Potentials of MSMEs in Achieving the SDGs in Developing Countries’) नामक एक कार्यक्रम शुरू किया गया ।
  • इसे संयुक्त राष्ट्र शांति और विकास कोष (United Nations Peace and Development Fund) के सतत् विकास उप-निधि के लिये 2030 एजेंडा द्वारा वित्तपोषित किया गया है।

महत्त्व:

  • संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि देशों द्वारा सतत् विकास लक्ष्यों की पहचान की जाए और उनके बारे में जागरूकता उत्पन्न की जाए।
  • 136 देशों के व्यवसायों के मध्य कोविड -19 के पड़ने वाले प्रभाव पर किये गए एक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र सर्वेक्षण से पता चला है कि लगभग 62% महिला-नेतृत्व वाले छोटे व्यवसाय कोविड-19 संकट से प्रभावित हुए हैं, जबकि पुरुष-नेतृत्त्व वाले व्यवसायों के बीच यह संख्या आधे से भी कम है, वहीं महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों की महामारी से न बच पाने की संभावना 27 प्रतिशत अधिक है।
  •  औपचारिक और अनौपचारिक सभी फर्मों में MSMEs की भागीदारी 90% से अधिक है तथा कुल रोज़गार में औसतन 70% और सकल घरेलू उत्पाद में  50% हिस्सेदारी है जिस कारण से वे ग्रीन रिकवरी (Green Recovery) की स्थिति प्राप्त करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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क्यों मनाया जाता है ‘अत्याचार के पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस’, देखें इतिहास, थीम और अन्य जानकरियां

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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने  12 दिसंबर, 1997 को 26 जून के दिन को अत्याचार/यातना के पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। यह दिन दुनिया भर के राष्ट्रों, नागरिक समाजों और व्यक्तियों को यातना के पीड़ितों के कष्टों के बारे में जागरूकता पौइदा करने तथा प्रताड़ित किए जा रहे लोगों को अपना समर्थन और सम्मान देने का आह्वान करने के लिए मनाया जाता है।

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दिवस के उद्देश्य क्या हैं (What are the aims of the Day)?

  • अत्याचार/यातना के पीड़ितों के समर्थन में संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय दिवस यातना के बारे में जागरूकता बढ़ाने और पीड़ितों को उनकी जरूरत का समर्थन प्राप्त करने में मदद करने के लिए एक यह महत्वपूर्ण दिन है। दिवस का उद्देश्य अत्याचार/यातना को मिटाना, अन्य क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार उन्मूलन को बढ़ावा देना तथा पीड़ितों का समर्थन करना और मानवाधिकारों को बढ़ावा देना है।
  • अत्याचार मानव अधिकारों का उल्लंघन है जो अत्यधिक पीड़ा और पीड़ा का कारण बन सकता है। इसका उपयोग अक्सर लोगों को डराने या दंडित करने के लिए किया जाता है, और इससे दीर्घकालिक शारीरिक और मनोवैज्ञानिक समस्याएं हो सकती हैं। इस दिवस का उद्देश्य पीड़ितों को यातना से उबरने के लिए आवश्यक सहायता प्राप्त करने में मदद करना और एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जो यातना को बर्दाश्त नहीं करता है।

अत्याचार/यातना के पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस: इतिहास

  • 12 दिसंबर, 1997 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 26 जून को अत्याचार के पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया गया।
  • 26 जून 1998 को यातना के पीड़ितों के समर्थन में पहला अंतर्राष्ट्रीय दिवस, संयुक्त राष्ट्र ने सभी सरकारों, हितधारकों और वैश्विक समाज के सदस्यों से इस कृत के ख़िलाफ़ खड़े होने की अपील की और दुनिया के कोने-कोने में अत्याचार करने वालों और इसे अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।

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जानें क्यों मनाया जाता है नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस और साल 2022 का थीम

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नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस, जिसे विश्व ड्रग दिवस के रूप में भी जाना जाता है, संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित किया जाता है। यह प्रतिवर्ष 26 जून को मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में मादक द्रव्यों के सेवन, नशीली दवाओं के ओवरडोज से होने वाली मौतों और नशीली दवाओं से संबंधित समस्याओं के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाना है।

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नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस: थीम/विषय

नशीली दवाओं के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ इस साल के अंतर्राष्ट्रीय दिवस का थीम/विषय है- “Addressing drug challenges in health and humanitarian crises (स्वास्थ्य और मानवीय संकट में दवा चुनौतियों का समाधान)।” यूएनओडीसी ने इस वर्ष विश्व ड्रग दिवस के उत्सव के लिए #CareInCrises अभियान को आगे बढ़ाया है। यह वार्षिक विश्व ड्रग रिपोर्ट के डेटा पर रोशनी डालते हुए, सरकारों,  विश्व नागरिकता, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और प्रत्येक हितधारक से नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने, उपचार प्रदान करने और अवैध दवा आपूर्ति को प्रतिबंधित प्रतिबंधित करने का आग्रह करता है। 

नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस: महत्व (Significance)

इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशीली दवाओं से दूर रखना और नशीली दवाओं की तस्करी पर अंकुश लगाना है। इससे बच्चों और बड़ों का भविष्य उज्जवल और सुनहरा होगा। इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाता है।

नशा करने से न सिर्फ पैसा बर्बाद होत है, बल्कि कई तरह की बीमारियां भी हो जाती हैं। इससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। भारत में भी इसके खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं। हालांकि, सामाजिक सशक्तिकरण और नशा मुक्त समाज के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। 

नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस: इतिहास

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 दिसंबर, 1987 को 26 जून के दिन को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। ऐसा करने के पीछे मुख्य उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मुक्त समाज बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई करना था।

26 जून की तारीख को 18वीं-19वीं सदी के चीन के एक प्रमुख चीनी राजनेता और दार्शनिक लिन ज़ेक्सू द्वारा अभियान को मनाने के लिए चुना गया था, जिन्होंने 3 जून, 1839 से चीन में ब्रिटिश व्यापारियों द्वारा अवैध रूप से आयात की गई लगभग 1.2 मिलियन किलोग्राम अफीम को नष्ट कर दिया। ज़ेक्सू का सफल अभियान 23 दिनों में समाप्त हो गया था।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:

  • यूएनओडीसी मुख्यालय स्थान: वियना, ऑस्ट्रिया;
  • यूएनओडीसी की स्थापना: 1997;
  • ड्रग्स एंड क्राइम्स पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के महानिदेशक: घड़ा फाथी वाली (Ghada Fathi Waly)।

 

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भारत की पहली के-पॉप स्टार बनीं ओडिशा की श्रेया लेंका

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ओडिशा की रहने वाली श्रेया लेंका भारत से पहली के-पॉप स्टार बन गई हैं। श्रेया का ब्लैकस्वॉन बैंड के लिए चयन यूट्यूब पर ऑडिशन देकर हुआ है। श्रेया ने कई सारे के-ड्रामा देखकर और ऑनलाइन ही कोरियन भाषा सीखी थी।

पिछले साल दिसंबर में राउकेला शहर की श्रेया को कोरियाई पॉप बैंड ब्लैकस्वॉन का मेंबर बनने के लिए आखिरी फेज के लिए चुना गया था। इसके तहत उनकी सियोल में ट्रेनिंग हुई। इस ग्रुप के एक सदस्य ने नवंबर 2020 में ग्रुप को छोड़ दिया था। इसके बाद डीआर म्यूजिक ने पिछले साल मई में ग्लोबल अनाउंसमेंट की थी। इसके बाद श्रेया का यूट्यूब ऑडिशन प्रोग्राम के बाद चयन हुआ। श्रेया बैंड में यंगहुन, फतौ, जूडी और लीया के साथ शामिल हुई हैं। वहीं, छठे सदस्य के रूप में ब्राजील की गैब्रिला डालिस्न (गैबी) भी हैं।

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प्रमुख बिंदु (KEY POINTS):

  • दुनिया भर के महत्वाकांक्षी गायकों को खोजने और विकसित करने के लिए डीआर म्यूजिक द्वारा चलाए जा रहे एक कार्यक्रम में श्रेया को चुना गया, जो उनके स्टेज नाम श्रिया और गैब्रिएला (या गैबी) से जानी जाती हैं।
  • म्यूजिक लेबल ने दोनों की साथ में एक तस्वीर पोस्ट की थी। कैप्शन के अनुसार, सिग्नस कार्यक्रम युवा कलाकारों की आकांक्षाओं को साकार करने में मदद करता है।
  • ब्लैकस्वान के सदस्य हाइम ने नवंबर 2020 में समूह छोड़ दिया, इस तरह से सिग्नस की शुरुआत हुई। यंगहुन, फतौ, जूडी, लीया, गैबी और श्रिया बैंड की वर्तमान लाइन-अप बनाते हैं।
  • पिछले साल डीआर म्यूजिक द्वारा घोषित छह महीने के वैश्विक ऑडिशन में भाग लेने के बाद, लेनका और डाल्सिन को बैंड के लिए चुना गया था।
  • डी आर म्यूजिक एंटरटेनमेंट कोरिया के निदेशक फिलिप वाईजे यून के अनुसार, लेंका और डाल्सिन ने पूरी ऑडिशन प्रक्रिया में एक साथ अच्छा प्रदर्शन किया।
  • दिसंबर में शुरू हुए कार्यक्रम के हिस्से के रूप में दोनों कलाकारों को अपनी कोरियाई भाषा, नृत्य और मुखर क्षमताओं का अभ्यास करना था।.

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एशियाई चैंपियनशिप में रजत जीतने वाले पहले भारतीय बनें साइकिलिस्ट रोनाल्डो सिंह

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एशियन ट्रैक चैंपियनशिप (Asian Track Championship) में चैंपियनशिप के अंतिम दिन स्प्रिंट रेस में दूसरा स्थान हासिल कर रोनाल्डो सिंह ने सीनियर डिवीजन में रजत पदक जीत लिया। इस तरह से उन्होंने कॉन्टिनेंटल प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय साइकिलिस्ट बनकर साइकिलिंग जगत में इतिहास रच दिया। रोनाल्डो द्वारा किया गया कारनामा किसी भारतीय साइकिल चालक द्वारा महाद्वीपीय प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ था। भले ही उन्हें जापान के कुशल सवार केंटो यामासाकी (Kento Yamasaki) के ख़िलाफ़ कड़ा संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने रजत पदक जीता।

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प्रमुख बिंदु (Key Points):

  • पहला स्थान प्राप्त करने वाले यामासाकी ने बैक-टू-बैक रेस में रोनाल्डो को पछाड़ दिया। प्रतियोगिता में कजाकिस्तान के एंड्री चुगे ने कांस्य पदक जीता।
  • इससे पहले रोनाल्डो ने सुबह कज़ाकिस्तान के चुगे के ख़िलाफ़ सेमीफाइनल मैच जीत लिया। रोनाल्डो ने पुरुषों की एलीट स्प्रिंट दौड़ के सेमीफाइनल में आगे बढ़ते हुए 200 मीटर फ्लाइंग टाइम ट्रायल में 10-सेकंड के बैरियर को तोड़ दिया, इस प्रक्रिया में विश्व जूनियर चैंपियन और एशियाई रिकॉर्ड धारक बन गए।

टूर्नामेंट के बारे में (About Tournament):

  • अंतिम दिनभारतीय टीम ने एक रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किए।
  • 15 किमी पॉइंट्स रेस में, भारतीय जूनियर साइकिलिस्ट बिरजीत युमनाम 23 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कोरिया के सुंग्योन ली ने 24 अंकों के साथ रजत पदक अपने नाम किया और उज्बेकिस्तान के फारुख बोबोशेरोव ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
  • दिन का सबसे बड़ा झटका 19 वर्षीय भारतीय चयनिका गोगोई को लगा, जिन्होंने 10 किमी महिला स्क्रैच रेस फाइनल में कजाकिस्तान की रिनाटा सुल्तानोवा को कांस्य पदक से हराया।
  • जापानी एथलीट की फुरुयामा ने रजत पदक अर्जित किया, जबकि योरी किम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
  • इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम वेलोड्रोम में एशियाई जूनियर और पैरा चैंपियनशिप भी उसी समय चल रही थी।
  • अंतिम दिन, जिसमें 10 फ़ाइनल थे, कुछ एक दुसरे के साथ क्रैश हुए।
  • 18 स्वर्ण, 7 रजत और 2 कांस्य पदक के साथ जापान के पास सबसे अधिक पदक हैं।
  • भारतीय साइकिलिंग टीम ने 23 पदक अर्जित किए और एलीट फील्ड (2 स्वर्ण, 6 रजत, 15 कांस्य) में छठा स्थान हासिल किया।
  • 12 स्वर्ण, 14 रजत और तीन कांस्य पदक के साथ कोरिया दूसरे स्थान पर रहा और कजाकिस्तान ने चार स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

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