भारतीय मूल की ब्रिटिश गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने जीता पहला क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय पुरस्कार

 

भारतीय मूल की ब्रिटेन की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को लंदन में एक समारोह के दौरान पहली बार महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) वुमन ऑफ द ईयर (Woman of the Year) पुरस्कार के विजेता के रूप में नामित किया गया है। सुएला को इस माह ब्रिटिश प्रधान मंत्री लिज ट्रस ने अपने कैबिनेट में शामिल किया था। इस मौके पर सुएला ने कहा कि एशियन अचीवर्स अवार्ड्स (AAA) 2022 समारोह में नई भूमिका निभाना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने इस पुरस्कार को दिवंगत महारानी को समर्पित किया है, जिनका हाल ही में निधन हो गया।

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मालूम हो कि यह पुरस्कार सार्वजनिक नामांकन के माध्यम से ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई समुदाय के व्यक्तियों की उपलब्धियों को दर्शाता है। विभिन्न श्रेणियों में अन्य भारतीय मूल के विजेताओं में मीडिया जगत से ब्रॉडकास्टर नागा मुंचेट्टी (Naga Munchetty), कला और संस्कृति श्रेणी में नमित मल्होत्रा सहित कई भारतीय मूल को लोगों को पुरस्कृत किया गया है।

 

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वयोवृद्ध कांग्रेस नेता आर्यदन मोहम्मद का निधन

 

केरल के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आठ बार के विधायक आर्यदन मोहम्मद का कोझिकोड में निधन हो गया। वे 87 साल के थे। तीन बार मंत्री रहे मोहम्मद का पिछले एक सप्ताह से कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। केरल के पूर्व मंत्री आठ बार विधायक रहे, जिन्होंने केरल के मलप्पुरम जिले में नीलांबुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

आर्यदन मोहम्मद के बारे में

 

  • मोहम्मद केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ई के नयनार के नेतृत्व वाली पहली सरकार में मंत्री भी थे। उन्होंने एके एंटनी और ओमन चांडी के नेतृत्व वाली सरकारों में भी मंत्री पद संभाला था।
  • आर्यदान मोहम्मद ने साल 1952 में कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में राजनीति में प्रवेश किया और 1958 तक केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का हिस्सा बने रहे।
  • वे 10वीं केएलए (केरल लेजिसलेटिव असेंबली) के दौरान कांग्रेस विधायक दल के सचिव थे।
  • इसके अतिरिक्त पूर्म मंत्री आर्यदान मोहम्मद ने साल 1998 से साल 2001 के कार्यकाल में केरल विधानसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
  • इसी के साथ साल 2001 से साल 2004 तक केएलए के पीयूसी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

 

कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ‘मिशन सेफगार्डिंग’ के लिए एएसक्यू पुरस्कार मिला

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कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) को एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) द्वारा एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) अवार्ड 2022 से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार को वैश्विक विमानन क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। सीआईएएल ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में संचालित हवाई अड्डों की 5-15 मिलियन यात्री श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त किया। यह पुरस्कार ‘मिशन सेफगार्डिंग’ कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए है, जिसने महामारी के बाद निर्बाध यातायात और यात्रियों की संतुष्टि को सुनिश्चित किया।

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14 सितंबर को पोलैंड के क्राको में आयोजित एक समारोह में एसीआई वर्ल्ड के महानिदेशक लुइस फेलिप डी ओलिवेरा द्वारा सीआईएएल एस सुहास आईएएस के प्रबंध निदेशक को यह पुरस्कार सौंपा गया था। “एएसक्यू वैश्विक हवाई अड्डा सर्वेक्षण जिसके माध्यम से पुरस्कार विजेताओं का चयन किया जाता है। इस बार, मौजूदा बेंचमार्क के अलावा, स्वच्छता प्रथाओं से संबंधित नए पैरामीटर जोड़े गए। एसीआई ने कहा कि “मौजूदा संकट के बावजूद, दुनिया भर के हवाई अड्डों ने अपने ग्राहकों की उभरती जरूरतों को सुनने और उन्हें अपनाने को प्राथमिकता देना जारी रखा है”।

 

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World Rabies Day 2022: जानें विश्व रेबीज दिवस का इतिहास और महत्व

 

हर साल विश्व स्तर पर 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। वर्ल्‍ड रेबीज दिवस हर साल 28 सितंबर को इस वायरल बीमारी के प्रभाव और इसे रोकने के तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन विश्व स्तर पर फ्रांसीसी जीवविज्ञानी, सूक्ष्म जीवविज्ञानी और रसायनज्ञ, लुई पाश्चर की पुण्यतिथि के मौके पर मनाया जाता है, जिन्होंने पहली रेबीज की वैक्‍सीन विकसित की थी। यह रेबीज की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाने का एकमात्र वैश्विक दिन है।

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डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 20,000 रेबीज से मौतें होती हैं। रेबीज ने पिछले पांच सालों में भारत में COVID-19 से ज्यादा लोगों की जान ली है। एक विशेष दिन पर, वैश्विक रेबीज समुदाय दूसरों के बीच इस संक्रामक बीमारी को सूचित करने और उससे निपटने में मदद करता है।

 

विश्व रेबीज दिवस का महत्व

विश्व रेबीज दिवस को मनाने का उद्देश्य रेबीज पर जागरुकता फैलाने और बीमारी की रोकथाम को बढ़ावा देना है। रेबीज एक वायरल बीमारी है जो इंसानों और जानवरों में दिमाग की सूजन का कारण बनती है। बीमारी का लोगों में आतंक स्वीकार करने के लिए ये महत्वपूर्ण दिन है। दिवस जानवरों की बेहतर देखभाल एवं रेबीज जैसी प्रतिकूल स्थितियों से निपटने की जानकारी फैलाने पर फोकस करता है।

 

विश्व रेबीज दिवस 2022 की थीम

 

इस वर्ष, विश्व रेबीज दिवस 2022 की थीम ‘Rabies: One Health, Zero Deaths’ है। इस वर्ष की रेबीज डे की थीम ‘जीरो बाय 30’ लक्ष्य को प्राप्त करने पर केंद्रित है और यह भी दर्शाता है कि कुत्ते से फैलने वाले ह्यूमन-रेबीज को पूरी तरह खत्‍म करना संभव है।

 

विश्व रेबीज दिवस का इतिहास

विश्व रेबीज दिवस पहली बार 28 सितंबर, 2007 को मनाया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, अमेरिका और एलायंस फोर रेबीज कंट्रोल के बीच साझेदारी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय अभियान की शुरुआत दुनिया में रेबीज के प्रतिकूल प्रभावों से पीड़ित होने के बाद की गई।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस;
  • विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन की स्थापना: 25 जनवरी 1924;
  • विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन के संस्थापक: इमैनुएल लेक्लेन्चे।

 

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सूचना की सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2022

 

सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day for the Universal Access to Information) (आमतौर पर सूचना तक पहुंच दिवस के रूप में जाना जाता है) हर साल 28 सितंबर को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच का अर्थ है कि सभी को स्वस्थ और समावेशी ज्ञान समाजों के लिए जानकारी मांगने, प्राप्त करने और प्रदान करने का अधिकार है। इस दिवस के समारोह का आयोजन यूनेस्को द्वारा आयोजित किया जाता हैं।

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इस दिवस का इतिहास

 

17 नवंबर 2015 को, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization – UNESCO) ने 28 सितंबर को सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया। यह देखते हुए कि दुनिया में कई नागरिक समाज संगठनों और सरकारी निकायों ने इस पालन को अपनाया है और वर्तमान में इसका जश्न मनाते हैं, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 28 सितंबर 2019 को सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी अपनाया।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • यूनेस्को की स्थापना: 16 नवंबर 1945;
  • यूनेस्को मुख्यालय: पेरिस, फ्रांस;
  • यूनेस्को के सदस्य: 193 देश;
  • यूनेस्को प्रमुख: ऑड्रे अज़ोले।

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भारत में उत्तर प्रदेश अव्वल, मिशन अमृत सरोवर के तहत 8462 झीलें विकसित

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जल संरक्षण और संचयन (Water Conservation and Harvesting) के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी अमृत सरोवर योजना (Amrit Sarovar) में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट अमृत सरोवर के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 8462 झील के निर्माण हुए हैं।

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मुख्य बिंदु

  • अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य भविष्य के लिए पानी का संरक्षण करना है। मिशन अमृत सरोवर के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश दूसरे, जम्मू-कश्मीर तीसरे, राजस्थान चौथे और तमिलनाडु पांचवें स्थान पर है।
  • उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी ने 256 अमृत सरोवर बनाकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि 244 और 231 झीलों के साथ गोरखपुर और प्रतापगढ़ दूसरे और तीसरे स्थान पर है।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अलग-अलग ग्राम पंचायतों में 15497 अमृत सरोवर चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 8462 का विकास हो चुका है, जो मध्यप्रदेश, जम्मू और कश्मीर, राजस्थान के सामूहिक रूप से विकसित अमृत सरोवरों की कुल संख्या का लगभग दोगुना है।
  • उत्तर प्रदेश में कुल 1.20 लाख अमृत सरोवर विकसित किए जाएंगे, जो देश में सर्वाधिक है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, अमृत सरोवर के बड़े पैमाने पर निर्माण से उत्तर प्रदेश में ग्रामीण आबादी के एक बड़े हिस्से को रोजगार भी मिल रहा है। इससे किसानों की सिंचाई की समस्या का समाधान हुआ है और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।

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Border dispute agreement struck between Arunachal Pradesh and Assam_80.1

बथुकम्मा: तेलंगाना का त्योहार पूरे राज्य में शुरू, पीएम ने सभी को बधाई दी

 

तेलंगाना का पुष्प उत्सव बथुकम्मा हाल ही में शुरू हुआ, जिसमें राज्य भर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्सव में भाग लिया। बथुकम्मा पर्व पितृपक्ष यानि भादो की अमावस्या (जिसे महालया की अमावस्या भी कहा जाता है) से आरंभ होकर नवरात्र की अष्टमी के दिन पूर्ण होता है। शालिवाहन संवत के अनुसार यह पर्व अमावस्या तिथि से शुरू होकर दुर्गाष्टमी तक चलता है। तेलुगू परंपरा में कहें तो 9 दिनों का यह त्‍योहार रविवार यानि येंगली बथुकम्मा से आरंभ होकर सद्दुला बतुकम्मा को समाप्त होगा। अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक इस वर्ष 25 सितम्बर से 3 अक्टूबर 2022 तक बथुकम्मा समारोह आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बथुकम्मा के पावन अवसर पर सभी देशवासियों, विशेषकर तेलंगाना की नारी शक्ति को बधाई दी है।

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बथुकम्मा पर्व तेलंगाना की खास सांस्कृतिक पहचान, समृद्ध परंपरा और अनुपम प्राकृतिक विरासत का प्रतीक है। यह पूरे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाके में धूमधाम से मनाया जाता है। त्‍योहार में रंग-बिरंगे फूलों की केन्द्रीय भूमिका रहती है और यह पर्व देवी माता को समर्पित है। इसीलिए इसको फूलों का त्‍योहार (Festival of Flowers) भी कहा जाता है।

 

नौ दिवसीय इस पूजा के पहले दिन तेलंगाना की महिलाएं अपने घर-आंगन में गाय के गोबर से छोटे-छोटे गोपुरम तैयार करती हैं, फिर उसे फूलों से सजाया जाता है। रोज अलग अलग पकवान से भोग भी लगता है। इस तरह अंतिम दिन तक यह बड़े गोपुरम के रूप में तैयार हो जाता है। दुर्गाअष्टमी यानि नौवें दिन विभिन्न प्रकार के पकवान बनाये जाते हैं और लोग बड़ी श्रद्धा और उत्साह पूर्वक इस लोकपर्व का आनंद लेते हैं। अंतिम दिन फूलों से तैयार बथुकम्मा को जल में विसर्जित कर दिया जाता है।

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वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार को ESIC का महानिदेशक नियुक्त किया गया

 

केंद्र सरकार में शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल हुए। इसके तहत वरिष्ठ नौकरशाह राजेंद्र कुमार को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का महानिदेशक बनाया गया है। तमिलनाडु कैडर के 1992 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कुमार इस समय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात हैं।

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कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के स्वामित्व के तहत दो मुख्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा निकायों में से एक है, दूसरा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन है।

 

अन्य नियुक्तियां:

 

  • कार्मिक मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, गुजरात कैडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी टी. नटराजन वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव का दायित्व संभालेंगे।
  • इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनात वी. हेकाली झिमोमी इसी विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त की गई हैं।
  • वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार आशीष श्रीवास्तव को गृह मंत्रालय के अधीन अंतर-राज्य परिषद सचिवालय में सलाहकार बनाया गया है।
  • श्रीवास्तव के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव जयदीप कुमार मिश्रा को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार बनाया गया है।
  • कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, नीतिश्वर कुमार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश कैडर के 1996 बैच के आईएएस अधिकारी कुमार फिलहाल जम्मू-कश्मीर में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
  • इसके अलावा गृह मंत्रालय के नैटग्रिड में अतिरिक्त सचिव एल. सत्य श्रीनिवास को वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
  • उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग में अतिरिक्त सचिव वी राधा अब नीति आयोग में अतिरिक्त सचिव होंगी।
  • कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, ओडिशा कैडर की 1994 बैच की आईएएस अधिकारी रंजना चोपड़ा को संस्कृति मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया है।

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नवजात शिशुओं की मौत को रोकने हेतु विशेष उपकरण ‘सांस’ का इस्तेमाल करेगा असम

 

असम सरकार नवजात शिशुओं को होने वाली सांस संबंधी समस्या से निजात दिलाने के लिए अपने अस्पतालों में एक विशेष उपकरण का इस्तेमाल करेगी। सरकार ने इस योजना पर काम करने के लिए बेंगलुरु के एक स्टार्टअप से हाथ मिलाया है। सरकार ने ‘सांस’ नाम के इस उपकरण के इस्तेमाल का निर्णय एक प्रायोगिक परियोजना के सफल होने के बाद लिया है। इस साझेदारी से नवजात शिशुओं की मौत की वर्तमान दर को कम करने और राज्य में आवश्यक ढांचागत सहयोग की जरूरत को संबोधित करने में मदद मिलेगी।

मुख्य बिंदु

  • ‘सांस’ एक पोर्टेबल नियोनेटल कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयर प्रेशर (सीपीएपी) प्रणाली है, जो अस्पताल में शिशुओं को सांस लेने में मदद कर सकता है और इसे यात्रा के वक्त भी लगाया जा सकता है।
  • सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलीक्यूलर प्लेटफॉर्म (सी-कैंप) में स्थापित ‘इनएक्सेल टेक्नोलॉजीज’ ने असम में नवजात शिशुओं एवं बच्चों की सांस संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इस मशीन के विकास को लेकर ‘समृद्ध हेल्थकेयर ब्लेंडेड फाइनैंस फैकल्टी’ के साथ हाथ मिलाया है।
  • समृद्ध अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएड) द्वारा समर्थित और आईपीई ग्लोबल द्वारा क्रियान्वित एक बहु-हितधारक नवाचार और वित्तपोषण मंच है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • असम की राजधानी: दिसपुर
  • असम के मुख्यमंत्री: डॉ हिमंत बिस्वा सरमा
  • असम के राज्यपाल: प्रो जगदीश मुखी

 

 

 

OECD ने चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर को 6.9 प्रतिशत पर कायम रखा

 

वैश्विक संगठन आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के वृद्धि पूर्वानुमान को 6.9 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। उसने कहा कि कमजोर वैश्विक परिदृश्य के बावजूद भारत की वृद्धि दर मजबूत रहेगी। ओईसीडी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने की संभावना है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रह सकती है। साथ ही रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मुद्रास्फीति 2022 के अंत तक छह प्रतिशत के ऊपर रह सकती है।

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मुख्य बिंदु

  • ओईसीडी ने अपने अंतरिम आकलन में कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की वृद्धि दर सात प्रतिशत के करीब रहने के पीछे नरम बाह्य मांग भी एक कारण है। लेकिन इसके बावजूद यह कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की तीव्र वृद्धि को दर्शाता है।
  • ओईसीडी ने भारत की मुद्रास्फीति 6.7 प्रतिशत रहने का भी पूर्वानुमान जताया है। ओईसीडी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पैदा हुई स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार मंद हुई है। इसकी वजह से दुनिया भर में मुद्रास्फीति को लेकर भारी दबाव देखा जा रहा है।
  • संगठन ने कैलेंडर वर्ष 2022 में वैश्विक अर्थव्यवस्था के तीन प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है जबकि अगले साल इसके सिर्फ 2.2 प्रतिशत रहने की भी आशंका जताई है। इस रिपोर्ट में चीन की वृद्धि दर के इस साल सिर्फ 3 प्रतिशत रहने का भी अनुमान जताया गया है।
  • उच्च मुद्रास्फीति और बढ़ती नीतिगत ब्याज दरों के बीच अन्य एजेंसियों ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद के वृद्धि अनुमान में कटौती की है। इस महीने की शुरुआत में, फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए वृद्धि अनुमान को घटाकर सात प्रतिशत कर दिया था, जो इससे पहले 7.8 प्रतिशत था।
  • इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने भी अपने अनुमान को सात प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया था। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अपने पूर्वानुमान को 7.5 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया।

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