Top Current Affairs News 10 August 2023: फटाफट अंदाज में

Top Current Affairs 10 August 2023 in Hindi: बता दें, आज के इस दौर में सरकारी नौकरी पाना बेहद मुश्किल हो गया है। गवर्नमेंट जॉब की दिन रात एक करके तयारी करने वाले छात्रों को ही सफलता मिलती है। उनकी तैयारी में General Knowledge और Current Affairs का बहुत बड़ा योगदान होता है, बहुत से प्रश्न इसी भाग से पूछे जाते हैं। सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा का स्तर पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गया है, जिससे छात्रों को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए हम 10 August के महत्वपूर्ण करेंट अफेयर लेकर आए हैं, जिससे तैयारी में मदद मिल सके।

 

Top Current Affairs 10 August 2023

 

वित्त वर्ष 2022-23 में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 10 % बढ़ी

वित्त वर्ष 2022-23 में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत पिछले वित्त वर्ष की तुलना में दस प्रतिशत बढ़ी है। इस दौरान पेट्रोल में 13 प्रतिशत और डीजल में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने इस वृद्धि के लिए देश के समग्र आर्थिक विकास, शहरीकरण और वाहन बिक्री में बढोतरी को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए नवंबर 2021 और मई 2022 में दो बार पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 13 रुपये और 16 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। उन्‍होंने कहा कि इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना, अर्थव्यवस्था को और गति और उपभोग को बढ़ावा देना था।

 

चेन्‍नई में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने पाकिस्‍तान को 4-0 से हराया

हॉकी में भारत ने चेन्‍नई में एशियन चैम्‍पियन ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए ग्रुप चरण के फाइनल मैच में पाकिस्‍तान को 4-0 से हरा दिया। भारतीय कप्‍तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल बनाए, जबकि जुगराज सिंह और मनदीप सिंह ने एक-एक गोल बनाए। ग्रुप चरण में जीत दर्ज करने के साथ भारत इस र्स्‍पधा में एकमात्र अपरा‍जित टीम है। भारत अब चार जीत दर्ज करने और एक मैच की बराबरी के बाद 13 अंकों के साथ शीर्ष पर है। जबकि पाकिस्‍तान इस र्स्‍पधा से बाहर हो गया है। मलेशिया ने कोरिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

 

लोकसभा ने मणिपुर में शांति की अपील का प्रस्‍ताव पारित किया

लोकसभा ने मणिपुर में शांति की अपील का प्रस्‍ताव पारित किया है। सदन में अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर अपना वक्‍तव्‍य पूरा करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने सुझाव दिया कि अध्‍यक्ष ओम बिरला मणिपुर में शांति के लिए प्रस्‍ताव पढ़े। गृह मंत्री के सुझाव का सदन के उप नेता और केन्‍द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने समर्थन किया। इसके बाद ओम बिरला ने प्रस्‍ताव पढ़ा जिसे सदन ने पारित कर दिया। राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सदस्‍यों ने विपक्ष की मौजूदगी में प्रस्‍ताव का उत्‍साहपूर्वक समर्थन किया।

 

अमरीकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने चीन की सैन्‍य क्षमता को बढाने वाले प्रमुख प्रौद्योगिकी उद्योगों में अमरीकी निवेश पर प्रतिबंध लगाया

अमरीकी राष्‍ट्रपति जो-बाइडेन ने चीन की सैन्‍य क्षमताओं को बढ़ाने वाले मुख्‍य प्रौद्योगिकी उद्योगों में अमरीकी निवेश को प्रतिबंधित करने के संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्‍ताक्षर किया है। राष्‍ट्रपति बाइडन ने इस प्रकार के देशों की सेना, खुफिया एजेंसी, निगरानी और साइबर आधारित क्षमताओं के जोखिम वाले उत्‍पादों और संवेदनशील प्रौद्योगिकी से संबंधित देशों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय आपात प्रस्ताव की घोषणा की। यह आदेश सेमीकंडक्टर और अन्‍य सूक्ष्‍म इलेक्‍ट्रॉनिकी, क्वांटम कम्प्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लीकेशन को बनाने के चीनी उद्यमों में धन निवेश करने से वेंचर कैपिटल और निजी इक्विटी कंपनियों को प्रतिबंधित करेगा। प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए लिया गया है।

 

सेंट्रल बैंक ने यूपीआई लाइट के लिए प्रति लेन देन सीमा मौजूदा दो सौ रूपये से बढाकर पांच सौ रूपये की

भारतीय रिजर्व बैंक ने यूपीआई पर संवाद के माध्‍यम से भुगतान शुरू करने का प्रस्‍ताव किया है। यह प्रणाली उपभोक्‍ताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संचालित बातचीत के जरिए लेन-देन की सुविधा देगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह चैनल स्‍मार्ट फोन और फिचर फोन आधारित यूपीआई चैनलों पर उपलब्‍ध होगा। शुरुआत में यह सुविधा अंग्रेजी और हिंदी माध्‍यम में उपलब्‍ध होगी। बाद में अन्‍य भारतीय भाषाओं में भी यह सुविधा दी जाएगी। केन्‍द्रीय बैंक ने यूपीआई लेन-देन में निकट क्षेत्र संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग का भी प्रस्‍ताव किया है। आरबीआई ने यूपीआई लाईट लेन-देन की सीमा को 200 रूपये से बढाकर 500 रूपये कर दी है, लेकिन छोटी डिजिटल लेन-देन की सम्रग सीमा को दो हजार रूपये पर अपरिवर्तित रखा गया है।

 

रिजर्व बैंक ने रेपो दर को यथावत साढे छह प्रतिशत पर रखा

रिजर्व बैंक ने लगातार तीसरी बार मुख्‍य दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया है। द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्‍मति से रेपो दर साढ़े छह प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। रेपो रेट वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को धन उधार देता है। दास ने कहा कि स्‍थायी जमा सुविधा-एसडीएफ पर ब्‍याज की दर सवा छह प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा-एमएसएफ पर ब्‍याज और बैंक रेट पर ब्‍याज की दर छह दशमलव सात-पांच पर यथावत रखी गई है। रिजर्व बैंक ने उपभोक्‍ता मूल्‍य मुद्रास्‍फीति -सीपीआई का संशोधित लक्ष्‍य पांच दशमलव चार प्रतिशत रखा है। गवर्नर ने वर्ष 2023-24 के लिए सकल घरेलू उत्‍पाद की वृद्धि दर साढ़े छह प्रतिशत का अनुमान व्‍यक्‍त किया है।

 

टाटा पावर डीडीएल ने लगातार तीसरे साल नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व को पूरा किया

बिजली वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. (टाटा पावर-डीडीएल) ने कहा कि उसने लगातार तीसरे साल नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व (आरपीओ) को सफलतापूर्वक पूरा किया है। दिल्ली के उत्तर और उत्तर-पश्चिम भाग में बिजली वितरण करने वाली कंपनी ने बयान में कहा कि उसने वित्त वर्ष 2022-23 में सौर, पवन और जल विद्युत समेत नवीकरणीय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों से 260 करोड़ यूनिट बिजली की खरीद की। परिचालन क्षेत्र में उपभोक्‍ताओं को कुल बेची गई बिजली यूनिट में हरित ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से अधिक रही।

 

सरकार निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति व सेवा शर्तों के विनियमन के लिए राज्यसभा में विधेयक पेश करेगी

सरकार मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा की शर्तों और कार्यकाल के विनियमन के लिए बृहस्पतिवार को राज्यसभा में एक विधेयक पेश करेगी। राज्यसभा की बृहस्पतिवार की संशोधित कार्यसूची के अनुसार विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) विधेयक, 2023 पुर:स्थापित करेंगे। विधेयक में निर्वाचन आयोग के कामकाज के लिए एक प्रक्रिया स्थापित करने का भी प्रावधान किया गया है।

 

घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री जुलाई में 2.94 प्रतिशत बढ़कर 3.02 लाख इकाई पर

घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की थोक बिक्री जुलाई में सालाना आधार पर 2.94 प्रतिशत बढ़कर 3,02,521 इकाई हो गई। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने यह जानकारी दी। जुलाई 2022 में विनिर्माताओं द्वारा डीलरों को 2,93,865 यात्री वाहनों की आपूर्ति की गई थी।

 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सलाह पर राष्ट्रपति अल्वी ने नेशनल असेंबली भंग की

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सलाह पर राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने संसद के निचले सदन ‘नेशनल असेंबली’ को उसके पांच साल के संवैधानिक कार्यकाल की समाप्ति से तीन दिन पहले भंग कर दिया। इसके साथ ही देश में आम चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। निचले सदन को भंग करने के लिए जारी अधिसूचना में कहा गया कि नेशनल असेंबली को संविधान के अनुच्छेद 58 के तहत भंग कर दिया गया है।

 

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Jio to Acquire Reliance Infratel for Rs 3,720 Crore_80.1

RBI MPC Decisions: रेपो रेट 6.5% पर बरकरार

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भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति (RBI Credit Policy) का एलान कर दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की है कि रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट (Repo Rate & Reverse Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष (2023-24) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

हालांकि, केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त FY24 के लिए अपने मुद्रास्फीति के अनुमान को बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत से 5.4 प्रतिशत कर दिया है। मॉनेटरी पॉलिसी पर कमिटी के सभी सदस्य ब्याज दरों को यथास्थिति रखने के पक्ष में थे। आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 8-10 अगस्त को हुई है। बता दें कि 6 सदस्य वाली एमपीसी के सामने रेपो रेट के अलावा देश में बढ़ रही महंगाई, अर्थव्यवस्था इत्यादि जैसे तमाम मुद्दे थे जिसके मद्देनजर यह बैठक काफी महत्वपूर्ण थी।

 

तीसरी बार स्थिर रहा रेपो रेट

रेपो रेट को 6.50 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। यह लगातार तीसरी बार है जब एमपीसी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले अप्रैल और जून में हुई एमपीसी की बैठक में रेपो रेट को स्थिर रखा गया था। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद कहा, ‘सभी प्रासंगिक पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है।

रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है जिस पर आरबीआई (RBI) बैंकों को कर्ज देता है। आरबीआई ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो रेट में बदलाव किया था। फरवरी में एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया था।

 

रिवर्स रेपो रेट

रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर यथावत है। रिवर्स रेपो रेट उस दर को कहते हैं जिस दर पर बैंकों को आरबीआई पैसा रखने पर ब्याज देती है। MSF, बैंक रेट 6.75 फीसदी पर ही बना हुआ है। नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) 4.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित है।

 

मुद्रास्फिति का अनुमान बढ़ा

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण वित्त वर्ष 2024 के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत कर दिया है जो पहले 5.1 प्रतिशत थी। गवर्नर ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 2023-24 के लिए 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जोखिमों को समान रूप से संतुलित करते हुए, दूसरी तिमाही के लिए सीपीआई 6.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 5.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 5.2 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया है।

 

जीडीपी की ग्रोथ का अनुमान

वित्त वर्ष 2024 में जीडीपी की ग्रोथ का अनुमान आरबीआई ने 6.50 फीसदी पर कायम रखा है और आरबीआई गवर्नर के मुताबिक ये कई देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर रहने वाली है। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर मजबूत बनी हुई है।

 

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नाइजर में बढ़ता तनाव, जानें सबकुछ

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अफ्रीकी देश नाइजर में सेना ने तख्तापलट (Niger Coup) कर राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है। राष्ट्रपति गार्ड के कमांडर जनरल अब्दुर्रहमान तियानी ने खुद को देश का नेता घोषित कर दिया है। इस तख्तापलट की कई देशों ने निंदा की है जिसमें पश्चिम अफ्रीकी राज्यों का आर्थिक समुदाय (ECOWAS) भी शामिल था।

 

तख्तापलट अवज्ञा और जुंटा का रुख

नाइजर में तख्तापलट के नेताओं ने सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने का विकल्प चुनते हुए, अपदस्थ राष्ट्रपति को बहाल करने के ECOWAS के अल्टीमेटम का पालन करने से इनकार कर दिया है।

 

ECOWAS का अल्टीमेटम और शिखर सम्मेलन

ECOWAS ने संभावित सैन्य हस्तक्षेप के लिए मंच तैयार करते हुए जुंटा को एक निर्दिष्ट समय सीमा तक पद छोड़ने का निर्देश दिया था। बढ़ते संकट के जवाब में, ECOWAS स्थिति से निपटने के लिए एक असाधारण शिखर सम्मेलन बुला रहा है।

 

2.5 करोड़ से ज्यादा की आबादी अंधेरे में

बता दें कि ECOWAS के प्रतिबंधों के कारण नाइजर की 2.5 करोड़ से ज्यादा की आबादी अंधेरे में गुजर बसर कर रही है। दरअसल, नाइजर की 90 प्रतिशत बिजली आपूर्ति पड़ोसी देश नाइजीरिया से मिलती है, जिसे ECOWAS की ओर से घोषित प्रतिबंधों के तहत अब रोक दिया गया है।

 

जुंटा का लचीलापन और राष्ट्रवादी आह्वान

एक सार्वजनिक बयान में, जुंटा के एक प्रतिनिधि ने नाइजर की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने देश के युवाओं से इस मुद्दे के पीछे एकजुट होने का भी आह्वान किया, जिसे छात्रों का समर्थन मिला है।

 

सैन्य हस्तक्षेप करना मुश्किल

नाइजीरिया के पूर्ण समर्थन के बिना इकोवास के लिए सैन्य हस्तक्षेप करना मुश्किल होगा। राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विद्वान के रूप में मैंने नाइजर में विदेशी सैन्य अड्डों के निहितार्थ पर शोध किया है। मैंने पहले भी इस क्षेत्र में इकोवास और बहुराष्ट्रीय संयुक्त कार्यबल जैसे क्षेत्रीय संगठनों में नाइजीरिया की भूमिका का विश्लेषण किया है।

 

नाइजर में इसे लेकर तनाव

ECOWAS ने अपने अल्टीमेटम में यह भी कहा था कि यदि 26 जुलाई को सत्ता पर कब्ज़ा करने वाली जुंटा अगर इसका अनुपालन नहीं करती है, तो उसे विदेशी सैन्य हस्तक्षेप का सामना करना पड़ सकता है। ECOWAS द्वारा दिए गए समय सीमा समाप्त होने के बाद नाइजर में इसे लेकर तनाव बढ़ गया है।

 

नाइजर: एक नजर में

नाइजर दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है। इसकी 80 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। करीब 2.5 करोड़ की आबादी वाले नाइजर की 20 फीसदी जनता बेहद गरीबी में जीवन-यापन कर रही है। लेकिन नाइजर की धरती काई सारे प्राकृितक संसाधनों से भरपूर है और खास तौर से नाइजर में यूरेनियम का बड़ा भंडार मौजूद है। क्लीन एनर्जी के लिए यूरेनियम फ्रांस समेत पूरे यूरोप की बड़ी जरूरत है। नाइजर दुनिया में यूरेनियम का पांचवां सबसे बड़ा उत्पादक देश है। साल 2019 में इसने ढाई हजार टन के करीब यूरेनियम का निर्यात किया था। यूरोपीय यूनियन ने साल 2022 में अपनी जरूरत का 25 फीसदी यूरोनियम नाइजर से ही खरीदा था। इसके अतिरिक्त नाइजर में सोना, चांदी, कोयला, चूना पत्थर, नमक, टिन सीमेंट और जिप्सम के बड़े भंडार मौजूद हैें।

 

ECOWAS ग्रुप

ECOWAS ग्रुप में बेनिन, बुर्किना फासो, काबो वर्डे, कोटे डी आइवर, गाम्बिया, घाना, गिनी, गिनी बिसाऊ, लाइबेरिया, माली, नाइजर, नाइजीरिया, सिएरा लियोन, सेनेगल और टोगो जैसे देश शामिल हैं। इकोवास की अध्यक्षता नाइजीरिया के पास है।

 

 

जल जीवन सर्वेक्षण में श्रीनगर टॉप पर : जानें पूरी खबर

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श्रीनगर जिला जल जीवन सर्वेक्षण (जेजेएस -2023) के तहत सबसे अधिक प्रदर्शन करने वाला जिला बन गया है, जिसने पूरे भारत में 114 हर घर जल प्रमाणित गांवों को पीछे छोड़ दिया है। यह उल्लेखनीय मान्यता जल जीवन मिशन (जेजेएम) के सफल कार्यान्वयन के लिए श्रीनगर की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, जो एक दूरदर्शी पहल है जिसका उद्देश्य स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना है।

मुख्य बिंदु :

  • श्रीनगर जिले ने 1 अक्टूबर, 2022 से 30 जून, 2023 तक आयोजित जल जीवन सर्वेक्षण के मूल्यांकन में अपने असाधारण प्रदर्शन के माध्यम से यह सम्मान हासिल किया।
  • भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय (एमओजेएस) द्वारा शुरू की गई यह मूल्यांकन पद्धति, जेजेएम के कार्यान्वयन के आधार पर जिलों और राज्यों की जांच करती है और हर महीने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर रैंक करती है।
  • इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के तहत, श्रीनगर जिला न केवल जल जीवन सर्वेक्षण के तहत शीर्ष रैंक वाले जिले के रूप में उभरा है, बल्कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
  • प्रतियोगिता के तहत, श्रीनगर जिला न केवल जल जीवन सर्वेक्षण के तहत शीर्ष रैंक वाले जिले के रूप में उभरा है, बल्कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
  • जिले की उपलब्धियों में हर घर जल प्रमाणन, प्रयोगशालाओं और फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से सावधानीपूर्वक जल गुणवत्ता परीक्षण, एफटीके का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण और संचालन और रखरखाव (ओ एंड एम) कर्मचारियों के लिए व्यापक कौशल प्रशिक्षण शामिल हैं।

जल सुरक्षा की दिशा में एक यात्रा

  • 15 अगस्त, 2019 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित जल जीवन मिशन, भारत के प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए पानी की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है।
  • मिशन का उद्देश्य साफ, सुरक्षित, और दबावित पीने के पानी की पर्याप्त मात्रा प्रदान करना है, और यह निरंतर दृढ़ता से होने का मिशन भारत सरकार की लाखों लोगों के जीवन को सुधारने की समर्पणता की प्रमाणिक है।

 जल जीवन मिशन का विज़न

  • जल जीवन मिशन को यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि भारत में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वर्ष 2024 तक व्यक्तिगत नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल प्राप्त हो।
  • इस पहल में विभिन्न उपायों को शामिल किया गया है, जिसमें ग्रे वॉटर प्रबंधन, जल संरक्षण, और वर्षा जल संचयन जैसे अभ्यास शामिल हैं।
  • जल जीवन मिशन व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार प्रयासों के माध्यम से जागरूकता को बढ़ावा देने पर महत्वपूर्ण जोर देता है, जिससे उन्हें मिशन के ढांचे का अभिन्न अंग बनाया जा सके।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्य बिंदु

  • श्रीनगर में जेजेएम बोर्ड के अध्यक्ष: मोहम्मद एजाज असद

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लूना-25 के साथ चंद्रमा पर ऐतिहासिक वापसी करने के लिए तैयार रूस

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रूस 11 अगस्त को अपना पहला चंद्र लैंडिंग अंतरिक्ष यान, लूना -25 लॉन्च करने जा रहा है, जो इसके नए चंद्र अन्वेषण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मिशन भारत के चंद्रयान -3 चंद्र लैंडर लॉन्च के बाद आता है, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की खोज में वैश्विक रुचि को दर्शाता है, जो भविष्य के मानव निवास के लिए बर्फ जैसे संसाधनों में संभावित रूप से समृद्ध है।

 लूना -25 मिशन ओवरव्यू

  • वोस्टोचनी कॉस्मोड्रोम से लॉन्च होने वाले लूना -25 का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र का पता लगाना है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसमें पर्याप्त बर्फ जमा है।
  • समय में निकटता के बावजूद, रोस्कोस्मोस अलग-अलग लैंडिंग क्षेत्रों के कारण लूना -25 और चंद्रयान -3 मिशनों के बीच कोई हस्तक्षेप नहीं करने का आश्वासन देता है।
  • 1.8 टन वजनी और 31 किलोग्राम के वैज्ञानिक उपकरण ले जाने वाला अंतरिक्ष यान ध्रुव के पास तीन संभावित लैंडिंग साइटों में से एक पर उतरने से पहले पांच से सात दिनों तक चंद्रमा की परिक्रमा करेगा।

 लूना -25 उद्देश्य और चुनौतियां

  • लूना -25 का प्राथमिक कार्य 15 सेमी तक की गहराई से चट्टान के नमूने एकत्र करना है, जमे हुए पानी की उपस्थिति के लिए परीक्षण करना है।
  • लॉन्च शुरू में अक्टूबर 2021 के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन देरी का सामना करना पड़ा, अंततः 11 अगस्त, 2023 के लिए पुनर्निर्धारित किया गया।
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के पायलट-डी नेविगेशन कैमरा, जिसे लूना -25 पर परीक्षण के लिए योजनाबद्ध किया गया था, फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन आक्रमण के बाद परियोजना से हटा दिया गया था।

 रूस के लिए लूना -25 महत्व

  • लूना -25 लगभग 50 वर्षों के बाद रूस के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम को पुनर्जीवित करता है, जो देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
  • चुनौतियों और असफलताओं के बावजूद, चंद्र अन्वेषण के लिए रूस की प्रतिबद्धता मजबूत बनी हुई है, जैसा कि लूना -25 के लॉन्च के लिए निरंतर तैयारी से स्पष्ट है।
  • मिशन वैज्ञानिक प्रगति और संभावित भविष्य के चंद्र प्रयासों में योगदान करने के लिए रूस के दृढ़ संकल्प को भी रेखांकित करता है।

लूना कार्यक्रम (सोवियत संघ / रूस)

  • लूना 2 (1959): चंद्रमा तक पहुंचने वाली पहली मानव निर्मित वस्तु।
  • लूना 9 (1966): चंद्रमा पर पहली सफल सॉफ्ट लैंडिंग, इमेज को वापस भेजा।
  • लूना 16 (1970): चंद्रमा की मिट्टी के नमूनों को सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापस लाया।
  • लूना 24 (1972): चंद्र मिट्टी के नमूने एकत्र किए गए और लौटाए गए।

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James Webb telescope captures the gorgeous Ring Nebula_110.1

बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी मामले में भारत छठे स्थान पर

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बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के मामले में भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, सुरक्षा के मामले में भारत का स्थान औसत से बेहतर है। हालांकि, भारत पड़ोसी देशों भूटान, बांग्लादेश और नेपाल से पीछे है। वैश्विक गैर लाभकारी संगठन इंटरनेट सोसायटी द्वारा जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इंटरनेट की मजबूती के मामले में दक्षिण एशिया में भारत 43 प्रतिशत के कुल स्कोर के साथ छठे स्थान पर है।

 

बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी क्यों जरूरी है ?

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक जुझारू या मजबूत इंटरनेट कनेक्शन खराबी या सामान्य परिचालन में चुनौतियों के बीच एक स्वीकार्य स्तर की सेवा को कायम रखता है। सोसायटी ने यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी अनिवार्य है।

 

दक्षिण एशियाई परिदृश्य पर एक झलक

इंटरनेट रेजिलिएंस इंडेक्स (आईआरआई) में शीर्ष 5 देश:

Rank Country Internet Resilience Index (IRI) Ranking
1 Bhutan 58 percent
2 Bangladesh 51 percent
3 Maldives 50 percent
4 Sri Lanka 47 percent
5 Nepal 43 percent

 

रिपोर्ट क्या कहती है?

रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट की मजबूती के मामले में दक्षिण एशिया में भारत 43 प्रतिशत के कुल स्कोर के साथ छठे स्थान पर है। इस सूची में भारत का स्थान भूटान (58 प्रतिशत), बांग्लादेश (51 प्रतिशत), मालदीव (50 प्रतिशत), श्रीलंका (47 प्रतिशत) और नेपाल (43 प्रतिशत) के बाद है। इस रिपोर्ट में इंटरनेट के बुनियादी ढांचे, प्रदर्शन, सुरक्षा और बाजार के अनुरूप तैयारियों पर गौर किया गया है। सूची में हालांकि, भारत का स्थान पाकिस्तान से बेहतर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा के मामले में भारत का स्थान औसत से बेहतर है।

 

भारत का स्थान सुरक्षा के मामले में बेहतर

रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा के मामले में भारत का स्थान औसत से बेहतर है। दुनिया में भारत आईपीवी6 को अपनाने के मामले में सबसे आगे है। सुरक्षा के मामले में भारत को 66 प्रतिशत अंक मिले हैं, वहीं जब बात बुनियादी ढांचे की आती है, तो ये अंक घटकर 31 प्रतिशत पर आ जाते हैं। बाजार तैयारियों के मामले में भारत को 35 प्रतिशत अंक मिले हैं।

इस रिपोर्ट में इंटरनेट के बुनियादी ढांचे, प्रदर्शन, सुरक्षा और बाजार के अनुरूप तैयारियों पर गौर किया गया है। वैश्विक गैर-लाभकारी संगठन इंटरनेट सोसाइटी द्वारा विकसित आईआरआई, सुरक्षा, प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे और बाजार की तैयारी जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए, देश के इंटरनेट पारिस्थितिकी तंत्र का व्यापक मूल्यांकन प्रदान करता है।

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न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड ने GSAT-24 के लिए टाटा प्ले के साथ साझेदारी की

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एक रणनीतिक साझेदारी में, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और टाटा प्ले ने GSAT-24 को पेश किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य उपग्रह प्रसारण क्षमताओं को बढ़ावा देना है और देश के हर हिस्से में उच्च गुणवत्ता वाले मनोरंजन प्रदान करना है। यह साझेदारी भारत के दूरसंचार क्षेत्र में महत्वपूर्ण एग्रीमेंट को सूचित करती है, जिसमें उच्चतम गुणवत्ता वाले स्वदेशी प्रौद्योगिकी का प्रयोग हो रहा है।

उन्नत प्रसारण परिदृश्य: जीसैट -24 की शक्ति को उजागर करना

  • जीसैट-24 उपग्रह को शामिल करने से टाटा प्ले की बैंडविड्थ में वृद्धि होगी ताकि इसके उपयोगकर्ताओं को और भी तेज तस्वीर और बेहतर ध्वनि गुणवत्ता प्रदान की जा सके।
  • यह रणनीतिक सहयोग टाटा प्ले को 50 प्रतिशत अधिक चैनलों को समायोजित करने में भी सक्षम बनाता है।
  • वर्तमान में, टाटा प्ले के 600 चैनल हैं। हालांकि, इसरो उपग्रह के एकीकरण के साथ, इसकी क्षमता 900 चैनलों को समायोजित करने के लिए विस्तारित होगी, जिससे व्यापक जनता को पर्याप्त लाभ होगा।
  • यह कदम प्रभावी रूप से टाटा प्ले को भारत में सभी डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) प्लेटफार्मों के बीच प्रमुख उपग्रह बैंडविड्थ प्रदाता के रूप में स्थापित करेगा।

GSAT-24 के बारे में

  • जीसैट-24, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) द्वारा बनाया गया एक भारतीय संचार उपग्रह है। यह आईएसआरओ द्वारा डीटीएच सेवाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए बनाया गया है और 4 टन क्लास का एक संचार उपग्रह है।
  • यह 24-क्यू बैंड संचार उपग्रह श्रेणी में आता है। इस अंतरिक्ष यान की विकास के लिए लगभग ₹400 करोड़ का बजट आया।
  • जीसैट-24 उपग्रह के लिए वित्त, स्वामित्व, और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड में निहित हैं।
  • भारत सरकार ने विशेष रूप से टाटा प्ले की डीटीएच अनुप्रयोग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जीसैट -24 के प्रक्षेपण को मंजूरी दी।

न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के बारे में

  • 6 मार्च, 2019 को स्थापित न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल), अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) के तत्वावधान में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भीतर एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में काम करता है।
  • भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) के रूप में, एनएसआईएल के प्राथमिक जोर में लॉन्च वाहनों के विनिर्माण, असेंबली और एकीकरण की निगरानी के लिए सहयोगी उद्योग समूहों के साथ साझेदारी शामिल है।
  • 2013 के कंपनी अधिनियम के प्रावधानों द्वारा निर्देशित यह रणनीतिक संरेखण भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष प्रयासों के भीतर निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने में एनएसआईएल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्य बिंदु

  • न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष: श्री राधाकृष्णन दुरईराज

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राजौरी के चिकरी वुड क्राफ्ट, अनंतनाग के मुश्कबुदजी चावल को मिला जीआई टैग

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स्थानीय शिल्प कौशल और कृषि विरासत की एक महत्वपूर्ण मान्यता में, राजौरी जिले के राजौरी चिकरी वुड क्राफ्ट और अनंतनाग जिले के बेशकीमती मुश्कबुदजी चावल की किस्म को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिया गया है। ये लेबल इन उत्पादों की अनूठी प्रकृति और अद्वितीय गुणों को सूचित करते हैं, और उनकी मूल स्थलों की पहचान कराते हैं। यह उपलब्धि नाबार्ड, हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग और कृषि विभाग को शामिल करते हुए एक सहयोगी प्रयास का परिणाम है, जो दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था।

कश्मीर के उच्च भू-मंडल से प्राप्त होने वाला, विशेष रूप से अनंतनाग जिले का मुख्य किराणा धान जिन्हें मुश्कबुद्जी चावल कहा जाता है, प्रीमियम खुशबदार शॉर्ट बोल्ड चावल की प्रमुख जाति के रूप में आता है। जब पकाया जाता है, तो यह चावल एक आकर्षक स्वाद, गंध और संवेदनात्मक गुणों के मिश्रण के साथ मोहक रूप में चमकता है, जो वास्तव में अलग है। बुदगाम और कुलगाम जिलों में इसकी खेती को बढ़ाने के प्रयासों के तहत, कृषि विभाग कश्मीर मुश्कबुद्जी चावल की परंपरा को पुनर्जीवित करने और फैलाने के लिए मेहनती तरीके से काम कर रहा है।

जम्मू प्रांत के राजौरी जिले की पहाड़ी श्रृंखलाओं के भीतर स्थित, उत्तम चिकरी वुड क्राफ्ट जटिल कलात्मकता का प्रमाण है जीआई टैग इस शिल्प के अद्वितीय सार का समर्थन करता है, जो इस क्षेत्र की समृद्ध विरासत और कुशल कौशल को दर्शाता है।

इन महत्वपूर्ण उत्पादों के लिए जीआई टैग प्राप्त करना एक कठिन कानूनी प्रक्रिया के परिणाम को सूचित करता है। भूगोलीय संकेत एक आईपी (बौद्धिक संपत्ति) का एक रूप होता है जो विशिष्ट विशेषताओं और किसी विशिष्ट भौगोलिक स्थान से उत्पन्न होते हैं, और उस क्षेत्र से गहरे रूप से जुड़े होते हैं।

राजौरी चिकरी वुड क्राफ्ट और मुश्कबुदजी राइस को प्रतिष्ठित जीआई टैग के माध्यम से दी गई मान्यता दुनिया में इन क्षेत्रों के असाधारण योगदान पर प्रकाश डालती है। यह स्थानीय परंपराओं, शिल्प कौशल और कृषि के मूल्य को मजबूत करता है, जो सभी जटिल रूप से भूमि के सांस्कृतिक ताने-बाने में बुने गए हैं।

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Rajouri's chikri wood craft, Anantnag's Mushqbudji rice receive GI tag_100.1

 

 

 

बिहार, यूपी और तमिलनाडु में जनधन लाभार्थियों की संख्या सबसे ज्‍यादा

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प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमएमवाई) पूरे भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और व्यक्तियों को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में उभरी है। बिहार, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु 2022-23 में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमएमवाई) के लाभार्थियों की सबसे अधिक संख्या वाले शीर्ष तीन राज्य हैं। 2022-23 के दौरान कुल 6.23 करोड़ जनधन खाते खोले गए।वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, योजना के अधिकतम लाभार्थियों वाले राज्यों की सूची में बिहार शीर्ष पर है, जो 2022-23 में 84,89,231 था। उत्तर प्रदेश 68,08,721 लाभार्थियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि तमिलनाडु कुल 64,06,513 पीएमएमवाई लाभार्थियों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

 

प्रधानमंत्री जन धन योजना के लाभार्थी: अग्रणी राज्य

State Beneficiary Rank Beneficiary Count Fiscal Year Scheme Impact
बिहार पहले स्थान पर 84,89,231 व्यक्ति 2022-23 अनुकरणीय सफलता, योजना की विजय, समावेशी विकास को रेखांकित करती है
उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर 68,08,721 व्यक्ति 2022-23 आबादी वाले क्षेत्रों में पैठ, वित्तीय स्थिरता, आत्मनिर्भरता
तमिलनाडु तीसरे स्थान पर 64,06,513 व्यक्ति 2022-23 विकसित आर्थिक परिदृश्य में प्रभाव, व्यापक योजना की पहुंच

पीएमएमवाई के तहत सदस्य ऋण देने वाले संस्थानों (एमएलआई), यानी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) द्वारा 10 लाख रुपये तक का संपार्श्विक-मुक्त संस्थागत ऋण प्रदान किया जाता है।

कोई भी व्यक्ति, जो अन्यथा ऋण लेने के लिए पात्र है और उसके पास लघु व्यवसाय उद्यम के लिए व्यवसाय योजना है, विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में आय सृजन गतिविधियों के लिए योजना के तहत ऋण प्राप्त कर सकता है, और तीन ऋण श्रेणियों में कृषि से संबद्ध गतिविधियों के लिए भी ऋण प्राप्त कर सकता है, यानी ‘शिशु’ (50,000 रुपये तक का ऋण), ‘किशोर’ (50,000 रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक का ऋण) और ‘तरुण’ (5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक का ऋण)।

 

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पाकिस्तान की संसद भंग, पीएम की सलाह पर राष्ट्रपति अल्वी ने लिया फैसला

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पाकिस्तान की संसद (नेशनल असेंबली) पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से तीन दिन पहले ही भंग हो गई है। निवर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की नेशनल असेंबली भंग करने की सिफारिश को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने मंजूर कर लिया। इससे वर्तमान सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया और अगले आम चुनाव का रास्ता साफ हो गया। अब पाकिस्तान में नई निर्वाचित सरकार के गठन तक कार्यवाहक सरकार सत्ता संभालेगी।

निचले सदन को भंग करने के लिए जारी अधिसूचना में कहा गया कि नेशनल असेंबली को संविधान के अनुच्छेद 58 के तहत भंग कर दिया गया है। शहबाज शरीफ ने राष्‍ट्रपति को पत्र लिखकर नेशनल असेंबली भंग करने की सिफारिश की थी। बता दें, यह कदम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है क्योंकि पाकिस्तान राजनीतिक और आर्थिक दोनों चुनौतियों से जूझ रहा है।

 

कब होंगे चुनाव

शहबाज सरकार ने कार्यकाल पूरा होने से सिर्फ तीन दिन पहले जो संसद भंग करवाई, उससे चुनाव कराने की अवधि में और ज्यादा समय मिल जाएगा।तकनीकी आधार पर अब पाकिस्तान में चुनाव कराने की समय सीमा दो महीने से बढ़कर तीन महीने हो जाएगी। दरअसल पाकिस्तान के चुनाव संविधान में नियम है कि यदि नेशनल असेंबली अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा करती है तो चुनाव आयोग को दो महीने के अंदर देश में नए चुनाव कराने होंगे। यदि संसद अपना कार्यकाल पूरा हुए बिना भंग कर दी जाती है तो आयोग के सामने 90 दिन यानी दो महीने की बजाय तीन महीने में चुनाव कराने की बाध्यता होती है।

 

संभावित विलंब और निहितार्थ

हालाँकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वास्तविक चुनावी प्रक्रिया में कई महीनों की देरी हो सकती है। इस ठहराव का कारण हाल की जनगणना के परिणामों के आधार पर चुनाव आयोग द्वारा निर्वाचन क्षेत्र का पुनर्निर्धारण करना बताया जा रहा है। विश्लेषकों ने आगाह किया है कि इस तरह के किसी भी स्थगन से जनता में असंतोष भड़क सकता है और देश में अनिश्चितता बढ़ सकती है।

 

कार्यवाहक सरकार के गठन की प्रक्रिया भी शुरू

शहबाज शरीफ की इस सिफारिश के साथ ही पाकिस्तान में कार्यवाहक सरकार के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। दरअसल पाकिस्तान में नियम है कि चुनाव तटस्थ सरकार के जरिये कराए जाते हैं। इसलिए नेशनल असेंबली के पांच साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद नए सिरे से कार्यवाहक सरकार चुनी जाती है।

 

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्यों की संख्या

बता दें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्यों की संख्या 342 है, लेकिन इनमें सिर्फ 272 सदस्य ही प्रत्यक्ष मतदान के जरिए चुने जाते हैं। बाकी 70 उम्मीदवारों के लिए अप्रत्यक्ष चुनाव होता है। 70 सीटों में 60 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं तो 10 सीटें पाकिस्‍तान के पारंपरिक और धार्मिक अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के लिए आरक्षित होती हैं। इनका चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व नियम के तहत होता है।

 

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