दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू (PV Sindhu) ने विश्व बैडमिंटन महासंघ (BWF) की परिषद के सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल शुरू कर दिया है और उन्होंने दुनिया भर के खिलाड़ियों के मसलों को उठाने का वादा किया।
BWF परिषद में पूर्ण मतदान का अधिकार
बैडमिंटन की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक सिंधू ने दिसंबर में BWF खिलाड़ी आयोग की अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के बाद BWF परिषद में पूर्ण मतदान का अधिकार हासिल कर लिया है। सिंधू आधिकारिक तौर पर 2025 के आखिर में परिषद में शामिल हुई थी। उन्होंने 25 अप्रैल को यहां वार्षिक आम बैठक में पहली बार हिस्सा लिया और इस तरह से उनके कार्यकाल की शुरुआत हुई।
BWF काउंसिल में सिंधु की क्या भूमिका होगी?
BWF काउंसिल एक शीर्ष शासी निकाय है, जो दुनिया भर में बैडमिंटन के लिए नीतियों और रणनीतियों को आकार देने के लिए ज़िम्मेदार है।
सिंधु की ज़िम्मेदारियों में शामिल हैं:
- अहम फ़ैसले लेने की प्रक्रियाओं में हिस्सा लेना।
- दुनिया भर में खिलाड़ियों के हितों का प्रतिनिधित्व करना।
- और नीति तथा विकास रणनीतियों में योगदान देना।
उनकी मौजूदगी यह सुनिश्चित करेगी कि एथलीटों की आवाज़ सीधे तौर पर शासन-प्रशासन में शामिल हो।
यह नियुक्ति ऐतिहासिक क्यों है?
BWF काउंसिल में उनका शामिल होना इसलिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी सक्रिय खिलाड़ी का वोट देने वाले पद पर होना बहुत कम देखने को मिलता है। इससे खिलाड़ियों और प्रशासकों के बीच की दूरी भी कम होगी और वैश्विक खेल प्रशासन में खिलाड़ियों की भागीदारी मज़बूत होगी।
यह कदम फ़ैसले लेने वाली संस्थाओं में खिलाड़ियों को ज़्यादा शामिल करने के लिए एक मिसाल कायम करेगा।
BWF नेतृत्व का समर्थन
BWF की अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीस्वाड्ट्राकुल ने सिंधु की नियुक्ति का स्वागत किया है और एथलीटों के प्रतिनिधित्व के महत्व को रेखांकित किया है।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि:
- एथलीट ही खेल का मूल हैं।
- उनकी आवाज़ ही भविष्य के निर्णयों को दिशा देनी चाहिए।
- सिंधु अपने अनुभव, नेतृत्व और विश्वसनीयता को साथ लाएंगी।


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