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भारत एआई शिखर सम्मेलन 2026 में ‘नई दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट प्रतिबद्धताएँ’ लॉन्च

भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने “न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स” की घोषणा की। यह पहल अग्रणी वैश्विक एआई कंपनियों और भारत के घरेलू नवोन्मेषकों को एक साथ लाती है, जिसका उद्देश्य समावेशी, बहुभाषी और जिम्मेदार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को बढ़ावा देना है। इन प्रतिबद्धताओं का लक्ष्य मानव सुरक्षा, समानता और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को एआई विकास के केंद्र में रखना है।

भारत की एआई रणनीति: लोकतंत्रीकरण, विस्तार और संप्रभुता

अश्विनी वैष्णव ने भारत की एआई रणनीति को तीन स्तंभों पर आधारित बताया—

  1. प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण
  2. जनसंख्या स्तर पर तैनाती
  3. एआई प्रणालियों में राष्ट्रीय संप्रभुता

उन्होंने बताया कि भारत एआई स्टैक की सभी पाँच परतों पर काम कर रहा है—

  • एप्लिकेशन
  • मॉडल
  • कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर
  • प्रतिभा विकास
  • ऊर्जा समर्थन

मुख्य ध्यान स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं में एआई के वास्तविक उपयोग पर है।

न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स क्या हैं?

यह प्रतिबद्धताएँ वैश्विक और भारतीय एआई कंपनियों द्वारा की गई स्वैच्छिक सहयोगात्मक घोषणाएँ हैं।

भाग लेने वाले भारतीय संगठनों में शामिल हैं—

  • Sarvam AI
  • BharatGen
  • Gnani.ai
  • Soket AI

इनके साथ अग्रणी वैश्विक एआई कंपनियाँ भी शामिल हैं, ताकि सांस्कृतिक विविधता और समानता के अनुरूप जिम्मेदार एआई को बढ़ावा दिया जा सके।

प्रतिबद्धता 1: वास्तविक दुनिया में एआई उपयोग की समझ को बढ़ाना

पहली प्रतिबद्धता का उद्देश्य वास्तविक एआई उपयोग से संबंधित अनाम और समेकित (aggregated) डेटा आधारित अंतर्दृष्टि विकसित करना है।

मुख्य लक्ष्य—

  • एआई का रोजगार और कौशल पर प्रभाव का अध्ययन
  • उत्पादकता में वृद्धि का विश्लेषण
  • डेटा-आधारित नीति निर्माण को समर्थन
  • आर्थिक परिवर्तन के रुझानों का आकलन

इस पहल का उद्देश्य सरकारों को एआई शासन (AI Governance) के लिए सूचित रणनीतियाँ विकसित करने में सहायता देना है।

प्रतिबद्धता 2: बहुभाषी और संदर्भ-संवेदी एआई को मजबूत करना

दूसरी प्रतिबद्धता बहुभाषी और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील एआई प्रणालियों पर केंद्रित है।

सहभागी संगठन—

  • कम प्रतिनिधित्व वाली भाषाओं में डेटा सेट विकसित करेंगे
  • विभिन्न संस्कृतियों के लिए मूल्यांकन मानक बनाएंगे
  • संदर्भ-आधारित एआई प्रदर्शन में सुधार करेंगे
  • उपकरणों और पद्धतियों में लचीलापन बनाए रखेंगे

यह कदम विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में एआई की पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है, जहाँ भाषाई विविधता अधिक है।

ये एआई प्रतिबद्धताएँ वैश्विक स्तर पर क्यों महत्वपूर्ण हैं?

न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स का उद्देश्य—

  • एआई विकास को समावेशी बनाना
  • नैतिक और जिम्मेदार एआई को बढ़ावा देना
  • बहुभाषी प्रणालियों में पूर्वाग्रह कम करना
  • विश्वभर में समान एआई पहुंच सुनिश्चित करना

भारत स्वयं को “मनुष्यों के लिए, मनुष्यों द्वारा, मनुष्यों का एआई” के समर्थक नेता के रूप में स्थापित कर रहा है।

भारत का एआई स्टैक दृष्टिकोण

भारत का एआई स्टैक पाँच एकीकृत परतों को शामिल करता है—

  • नागरिकों के लिए एप्लिकेशन
  • नवाचार के लिए एआई मॉडल
  • विस्तार के लिए कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर
  • स्थिरता के लिए कुशल प्रतिभा
  • लचीलापन के लिए ऊर्जा क्षमता

इन सभी स्तरों पर क्षमता निर्माण कर भारत बाहरी निर्भरता से बचते हुए समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देना चाहता है।

मुख्य बिंदु

  • कार्यक्रम: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026
  • घोषणा: न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स
  • घोषणा करने वाले: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
  • फोकस क्षेत्र: वास्तविक एआई उपयोग, बहुभाषी एआई मूल्यांकन
  • एआई स्टैक परतें: एप्लिकेशन, मॉडल, कंप्यूट, प्रतिभा, ऊर्जा
  • भारतीय सहभागी कंपनियाँ: Sarvam AI, BharatGen, Gnani.ai, Soket AI
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