मुंबई में 11 जनवरी 2026 को भारत की सैन्य विरासत का एक गौरवपूर्ण और भावनात्मक समारोह आयोजित हुआ। शहर के प्रतिष्ठित मरीन ड्राइव पर त्रि-सेवा पूर्व सैनिक दिवस परेड का पाँचवाँ संस्करण आयोजित किया गया, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के पूर्व सैनिकों ने भाग लिया। यह आयोजन उन वीरों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक था, जिन्होंने भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए सेवा दी है।
क्यों चर्चा में?
मुंबई ने मरीन ड्राइव पर पाँचवीं त्रि-सेवा पूर्व सैनिक दिवस परेड की मेजबानी की। यह परेड पूर्व सैनिक दिवस (14 जनवरी) से पहले आयोजित की गई, जिसे हर वर्ष मनाया जाता है।
पूर्व सैनिक दिवस परेड के बारे में
परेड का आयोजन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक हुआ। इसमें 500 से अधिक पूर्व सैनिकों ने भाग लिया, जिनमें वीरता पुरस्कार विजेता और 80 वर्ष से अधिक आयु के कई वरिष्ठ पूर्व सैनिक भी शामिल थे। तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों की उपस्थिति ने एकता, अनुशासन और भारतीय सशस्त्र बलों की अमर भावना को दर्शाया।
नेतृत्व और विशिष्ट अतिथि
इस परेड को पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ कृष्णा स्वामीनाथन ने मुख्य अतिथि के रूप में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम को राष्ट्रीय महत्व मिला।
पूर्व सैनिक दिवस में मुंबई की विशिष्ट भूमिका
मुंबई भारत का एकमात्र शहर है जहाँ त्रि-सेवा पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर शहर-स्तरीय परेड आयोजित की जाती है। इस आयोजन का संचालन नेवी फाउंडेशन मुंबई चैप्टर ने मुख्यालय पश्चिमी नौसेना कमान के सहयोग से किया। यह परंपरा मुंबई की मजबूत नौसैनिक विरासत और सशस्त्र बलों से उसके गहरे संबंध को दर्शाती है।
त्रि-सेवा पूर्व सैनिक दिवस के बारे में
त्रि-सेवा पूर्व सैनिक दिवस 14 जनवरी 1953 को स्वतंत्रता के बाद भारतीय सेना के प्रथम कमांडर-इन-चीफ जनरल के. एम. करिअप्पा के सेवानिवृत्त होने की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिकों की सेवा, बलिदान और योगदान को सम्मानित करता है।


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