Wednesday, 16 February 2022

भारत सरकार ने कच्चे पाम तेल पर कृषि उपकर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया

भारत सरकार ने कच्चे पाम तेल पर कृषि उपकर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया

 


उपभोक्ताओं को और राहत प्रदान करने और घरेलू खाद्य तेलों की कीमतों में और वृद्धि को रोकने के लिए, केंद्र ने कच्चे पाम तेल (Crude Palm Oil) के लिए कृषि उपकर को 7.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोयाबीन ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर आयात शुल्क की वर्तमान मूल दर इस साल 30 सितंबर तक शून्य है। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और घरेलू खाद्य तेलों की कीमतों में और बढ़ोतरी को रोका जा सकेगा।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

 हिन्दू रिव्यू जनवरी 2022, Download Monthly Hindu Review PDF in Hindi


रिफाइंड पाम तेल पर 12.5 फीसदी, रिफाइंड सोयाबीन तेल पर 17.5 फीसदी और रिफाइंड सनफ्लावर तेल पर 17.5 फीसदी आयात शुल्क 30 सितंबर, 2022 तक लागू रहेगा। इसके अलावा, 1955 के आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत, सरकार ने इस वर्ष 30 जून तक खाद्य तेलों और तिलहनों पर स्टॉक सीमा स्तर निर्धारित किया है।


Find More News on Economy Here

RBI Monetary Policy 2022: RBI keeps Repo Rate unchanged at 4.0 per cent_90.1

Post a Comment

Whatsapp Button works on Mobile Device only

Start typing and press Enter to search