Monday, 13 December 2021

भारतीय गणितज्ञ नीना गुप्ता को मिला रामानुजन पुरस्कार 2021

भारतीय गणितज्ञ नीना गुप्ता को मिला रामानुजन पुरस्कार 2021

 


भारतीय गणितज्ञ नीना गुप्ता (Neena Gupta) को एफाइन बीजगणितीय ज्यामिति (affine algebraic geometry) और कम्यूटेटिव बीजगणित (commutative algebra) में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए विकासशील देशों के युवा गणितज्ञों के लिए 2021 डीएसटी-आईसीटीपी-आईएमयू रामानुजन पुरस्कार (Ramanujan Prize) मिला है। नीना गुप्ता, कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) में गणितज्ञ प्रोफेसर है । वह रामानुजन पुरस्कार प्राप्त करने वाली तीसरी महिला हैं, जिसे पहली बार 2005 में सम्मानित किया गया था और अब्दुस सलाम इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स द्वारा विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी और अंतर्राष्ट्रीय गणितीय संघ के साथ संयुक्त रूप से प्रशासित किया जाता है।

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एक गणितज्ञ के रूप में नीना गुप्ता का सफर:

  • 2006 में कोलकाता के बेथ्यून कॉलेज से गणित ऑनर्स के साथ स्नातक करने के बाद, नीना गुप्ता ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
  • अपनी स्नातकोत्तर के बाद, प्रोफेसर गुप्ता ने बीजगणितीय ज्यामिति में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की पढ़ाई की और वर्ष 2014 में ज़ारिस्की (Zariski's) की 'रद्दीकरण समस्या (Cancellation Problem)' पर अपना पहला शोध पत्र प्रकाशित किया। उनके पेपर को एक पुरस्कार मिला और अन्य गणितज्ञों द्वारा व्यापक रूप से मान्यता मिली ।


पुरस्कार और सम्मान:

2014 में, प्रोफेसर नीना गुप्ता को भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी से 'यंग साइंटिस्ट अवार्ड' मिला था, जिसने उनके काम को हाल के वर्षों में बीजगणितीय ज्यामिति में अब तक किए गए सर्वश्रेष्ठ कार्यों में से एक बताया। 2019 में, प्रोफेसर गुप्ता 35 वर्ष की आयु में 'शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार' प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के लोगों में से एक बन गई । उन्होंने 70 साल पुरानी गणित की पहेली - ज़ारिस्की की रद्दीकरण समस्या को सफलतापूर्वक हल कर लिया है।


रामानुजन पुरस्कार के बारे में

भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन (Srinivasa Ramanujan) के नाम पर यह पुरस्कार पहली बार 2005 में दिया गया था और इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology - DST), भारत सरकार और अंतर्राष्ट्रीय गणितीय संघ (International Mathematical Union - IMU) के साथ संयुक्त रूप से सैद्धांतिक भौतिकी के लिए अब्दुस सलाम इंटरनेशनल सेंटर (International Centre for Theoretical Physics - ICTP) द्वारा प्रशासित किया जाता है।


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