Wednesday, 4 November 2020

इंडियन ऑयल और IISc ने हाइड्रोजन-जनरेशन तकनीक विकसित करने के लिए किया समझौता

इंडियन ऑयल और IISc ने हाइड्रोजन-जनरेशन तकनीक विकसित करने के लिए किया समझौता

 


इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अनुसंधान और विकास केंद्र (IOCL) ने बायोमास गैसीफिकेशन-आधारित हाइड्रोजन जनरेशन तकनीक को विकसित करने और प्रदर्शित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस तकनीक का उपयोग सस्ती कीमत पर ईंधन सेल-ग्रेड हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए किया जाएगा।


WARRIOR 4.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class


एमओयू के तहत:

  • IISc और इंडियन आयल एक साथ बायोमास गैसीकरण और हाइड्रोजन शुद्धिकरण प्रक्रियाओं के अनुकूलन पर मिलकर काम करेंगे, इस विकसित तकनीक को हरियाणा के फरीदाबाद में इंडियन आयल के R & D सेंटर में प्रदर्शित किया जाएगा।
  • इस प्रदर्शन संयंत्र से उत्पन्न हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन सेल बसों को बिजली देने के लिए किया जाएगा।
  • बायोमास से ईंधन सेल ग्रेड हाइड्रोजन का उत्पादन करने की यह पहल भारत की कृषि शक्तियों का उपयोग करते हुए भारत के प्रमुख ऊर्जा मैट्रिक्स में हाइड्रोजन ईंधन लाने के लिए आईआईएससी के साथ मिलकर इंडियनऑयल द्वारा उठाया गया एक और कदम है।

    उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-

    • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस मुख्यालय: बेंगलुरु, कर्नाटक।
    • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के निदेशक: गोविंदन रंगराजन।
    • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड मुख्यालय: नई दिल्ली, भारत।
    • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष: श्रीकांत माधव वैद्य

        Find More News Related to Agreements


        Post a comment

        Whatsapp Button works on Mobile Device only

        Start typing and press Enter to search