Friday, 21 August 2020

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 पुरस्कारों का हुआ ऐलान

स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 पुरस्कारों का हुआ ऐलान

वर्ष 2020 के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है, जिसमे इंदौर ने लगातार चौथे वर्ष भारत का सबसे स्वच्छ शहर होने का अपना दर्जा बनाए रखा है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoUHA) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र नई दिल्ली में "स्वच्छ महोत्सव" के नाम से आयोजित आभासी कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 पुरस्कारों के परिणामों की घोषणा की। यह देश के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण का पांचवा संस्करण है। शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों और राज्यों को कुल 129 पुरस्कार दिए जाएंगे।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साल 2016 में स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरूआत की गई थी। मैसूरु ने 2016 में भारत के सबसे स्वच्छ शहर के लिए पुरस्कार जीता, जिसके बाद से इंदौर ने 2017, 2018 और 2019 में लगातार तीन वर्षों से शीर्ष स्थान कब्जा जमाया हुआ है। इसमें एक शहर को केवल एक पुरस्कार दिया जाता है । शहरों की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार की जाती है।


Ranking Methodology:
  • Cleanest City
  • Self Sustainable City
  • Maximum Citizen Feedback
  • Best Citizen Feedbacks
  • Fastest Mover
  • Best Innovation Award
  • Best Citizen Led Initiative

यहाँ विभिन्न श्रेणियों के सभी विजेताओं की सूची दी गई है:


1 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार:
  • इंदौर (मध्य प्रदेश)
  • सूरत (गुजरात)
  • नवी मुंबई (महाराष्ट्र)

1 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार:
  • कराड (महाराष्ट्र)
  • सासवद (महाराष्ट्र)
  • लोनावला (महाराष्ट्र)

100 से अधिक शहरों वाला सबसे स्वच्छ राज्य:
  • छत्तीसगढ़
100 से कम शहरों वाला सबसे स्वच्छ राज्य:
  • झारखंड
सबसे स्वच्छ गंगा शहर:
  • वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
शहर के क्षेत्रों को साफ रखने में अधिकतम नागरिक भागीदारी:
  • शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश)
40 लाख से अधिक आबादी वाली सबसे स्वच्छ मेगासिटी:
  • अहमदाबाद (गुजरात)
40 लाख से अधिक आबादी वाले सर्वश्रेष्ठ सेल्फ-सुस्टेंबल शहर:
  • बेंगलुरु (कर्नाटक)
  • विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश)
स्वच्छता के मामले में सबसे तेज चलने वाला शहर:
  • जोधपुर (राजस्थान)
स्वच्छता के मामले में सेल्फ-सुस्टेंबल शहर (10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले):
  • राजकोट (गुजरात)
स्वच्छता के मामले में सेल्फ-सुस्टेंबल शहर (10 लाख से कम जनसंख्या वाले):
  • मैसूरु (कर्नाटक)
सबसे स्वच्छ छोटे शहर:
  • अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)
  • बुरहानपुर (मध्य प्रदेश)
1 लाख से 3 लाख के बीच की आबादी वाला सबसे स्वच्छ शहर:
  • तिरुपति (आंध्र प्रदेश)
सबसे स्वच्छ राजधानी शहर:
  • नई दिल्ली (केंद्र शासित प्रदेश नई दिल्ली) और एनडीएमसी.
सबसे तेज बदलने वाला सबसे स्वच्छ शहर:
  • लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
सबसे तेज बदलने वाला सेल्फ-सुस्टेंबल स्वच्छ राजधानी शहर:
  • भोपाल (मध्य प्रदेश)
सबसे स्वच्छ गंगा शहर:
  • कन्नौज (उत्तर प्रदेश)
  • चुनार (उत्तर प्रदेश)
उत्तरी क्षेत्र का सबसे स्वच्छ शहर:
• गंगाघाट (उत्तर प्रदेश)

उत्तरी क्षेत्र का सबसे स्वच्छ शहर (25k - 50k जनसँख्या वाला):
• नवांशहर (पंजाब)

उत्तरी क्षेत्र का सबसे स्वच्छ शहर (25k से कम जनसँख्या वाला):
• अवागढ़ (उत्तर प्रदेश)

पूर्वोत्तर क्षेत्र का सबसे स्वच्छ शहर :
• जोरहाट (असम)

पूर्वोत्तर क्षेत्र का सबसे स्वच्छ शहर (25k - 50k जनसँख्या वाला):
• मोकोकचुंग (नागालैंड)

पूर्वोत्तर क्षेत्र का सबसे स्वच्छ शहर (25k से कम जनसँख्या वाला):
• जिरिबम (मणिपुर)

पूर्वी क्षेत्र के सबसे स्वच्छ शहर:
  • धमतरी (ओडिशा)
  • जशपुर नगर (छत्तीसगढ़)
  • पाटन (गुजरात)
दक्षिण क्षेत्र के सबसे स्वच्छ शहर:
  • पालमनेरु (आंध्र प्रदेश)
  • मेडचल (तेलंगाना)
  • पेरियापटना (कर्नाटक)
पश्चिमी क्षेत्र के सबसे स्वच्छ शहर:
  • रत्नागिरी (महाराष्ट्र)
  • शिरडी (महाराष्ट्र)
  • पन्हाला (महाराष्ट्र)
देश की सबसे स्वच्छ छावनियां:
  • जालंधर कैंट.
  • दिल्ली कैंट.
  • मेरठ कैंट.
स्वच्छता के प्रति नागरिकों के नेतृत्व में जागरूकता के लिए सम्मानित किया गया शहर:
  • उज्जैन (मध्य प्रदेश)
  • करीमनगर (तेलंगाना)
  • सिहोरा (मध्य प्रदेश)
100 से अधिक शहरों वाला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य:
• महाराष्ट्र
100 से कम शहरों वाला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य:
• मध्य प्रदेश

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