भारत और भूटान द्वारा भूटान में 600 मेगावाट की खोलोंगछू पनबिजली परियोजना (Kholongchhu Hydroelectric Project -KHEL) के निर्माण के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और भूटान के विदेश मंत्री टांडी दोरजी की उपस्थिति में भूटानी और भारत सरकार के बीच खोलोंगछू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए है।
खोलोंगछू हाइड्रो एनर्जी लिमिटेड भूटान के ड्रंक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन (DGPC) और भारत के सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) के बीच एक संयुक्त उद्यम है। इस परियोजना के 2025 की अंतिम छमाही तक पूरा होने की संभावना जताई गई है। 600 मेगावाट की रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना पूर्वी भूटान में तश्यायांग्त्से जिले में खोलोंगचू नदी के जलमार्ग पर स्थित है। इस परियोजना में 95 मीटर की ऊँचाई वाले कंक्रीट के बांध से घिरे पानी के साथ चार 150 मेगावाट टर्बाइन का भूमिगत बिजलीघर शामिल है।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- भूटान की राजधानी: थिम्पू.
- भूटान के प्रधान मंत्री: लोतेय त्शेरिंग.
- भूटान की मुद्रा: Bhutanese ngultrum.



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