संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया के 51 देशों में COVID-19 से लड़ने के लिए 2 बिलियन डॉलर की वैश्विक मानवीय प्रतिक्रिया योजना (global humanitarian response plan) लॉन्च की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने ज़ोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर साथ आकर ही इस चुनौती से लड़ा जा सकता है. “कोविड-19 संपूर्ण मानवता के लिए ख़तरा बन रहा है – इसलिए पूरी मानवता को ही इससे लड़ाई लड़नी होगी.”
ग्लोबल एचआरपी को नौ महीने (अप्रैल-दिसंबर 2020) के लिए लॉन्च किया गया है। मानवीय राहत मामलों में समन्वय के लिए यूएन कार्यालय की ओर से की गई है जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएन के अन्य साझीदार संगठनों की मौजूदा अपीलों को शामिल करने के अलावा नई ज़रूरतों की भी पहचान की गई है.
इस योजना को शुरू करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष (UN’s Central Emergency Response Fund) से अतिरिक्त 60 मिलियन डॉलर की राशि जारी की गई है। इस COVID-19 महामारी के लिए 75 मिलियन डॉलर की प्रतिक्रिया में मानवीय कार्रवाई के लिए CERF का समर्थन है। इसके अलावा, देश-आधारित पूल फंड्स द्वारा अब तक 3 मिलियन डॉलर से अधिक का आवंटन किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों द्वारा ये प्रतिक्रिया योजना कार्यान्वित की जाएगी, जिसमे अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन और गैर सरकारी संगठन संघ प्रतिक्रिया में प्रत्यक्ष भूमिका निभाएंगे। प्रतिक्रिया योजना निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगी:
- कोरोना का टेस्ट करने के लिए जरुरी प्रयोगशाला उपकरण वितरित करना, और संक्रमितों के इलाज के लिए चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित करना.
- शिविरों और बस्तियों में हैंडवाशिंग स्टेशन स्थापित करना.
- लोगों को स्वयं और दूसरों को इस वायरस से बचाने के तरीके के बारे में सार्वजनिक सूचना देने के लिए अभियान चलाना.
- अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में एयरब्रिज और हब की स्थापना और मानवीय श्रमिकों की आपूर्ति एवं को स्थानांतरित करना वहां करना जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है.
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- 1948 से 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है।
- संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क शहर, संयुक्त राज्य अमेरिका में है.



रेलवे बजट 2026: भारतीय रेलवे को बदलने के...
Union Budget 2026: नया इनकम टैक्स कानून ...
बजट 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा...

