Wednesday, 25 March 2020

वित्त मंत्री ने आयकर से संबंधित समय सीमाओं को जून 2020 तक बढ़ाने की कि घोषणा

वित्त मंत्री ने आयकर से संबंधित समय सीमाओं को जून 2020 तक बढ़ाने की कि घोषणा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर से संबंधित निर्धारित समय सीमा को 30 जून 2020 तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इन विस्तारित समय सीमा से करदाताओं को राहत मिलने की संभावना है। कोविड-19’ के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर लोगों को होने वाली कठिनाई को देखते हुए विचार करने के बाद वित्त मंत्री द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय है:-


आयकर रिटर्न (ITR) की समय सीमा:

वित्त मंत्रालय ने आयकर रिटर्न (वित्‍त वर्ष 2018-19) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2020 से बढ़ाकर 30 जून, 2020 करने का फैसला किया है।



कर बचत के लिए निवेश:

वे भारतीय नागरिक जो अभी भी विभिन्न उपकरणों में निवेश करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, और जो धारा 80 सी के तहत कर में छुट प्राप्त करना चाहते है, वे 30 जून तक निवेश कर सकते हैं और वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भी छुट का दावा भी कर सकते हैं। इन लिखतों में इक्विटी बचत योजना (ईएलएसएस), सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) जैसी योजनाए शामिल हैं।

पैन और आधार को जोड़ने की तारीख:

आधार कार्ड और पैन को आपस में जोड़ने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2020 से बढ़ाकर 30 जून, 2020 कर दी गई है। यदि 30 जून2020 से पहले स्थायी खाता संख्या (पैन) को आधार से लिंक नहीं किया जाता है, तो पैन संख्या अवैध माना जाएगा।

Post a comment

Whatsapp Button works on Mobile Device only

Start typing and press Enter to search