असम के प्रख्यात नाटककार, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता रत्न ओझा का निधन। उन्होंने अपने गुरु फनी सरमा की मृत्यु के बाद राज्य में समाप्त हो रही थियेटर परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए 1971 में अपने नाटक ‘कोकाइडो’ से असम में नुक्कड़ नाटकों की शुरुआत की थी। रंगमंच के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2005 में प्रतिष्ठित नाट्यसूर्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
स्रोत: न्यूज18



AI की नई छलांग: Microsoft का MAI-Transcr...
आउटर स्पेस ट्रीटी 1967 क्या है? सिद्धांत...
भारतीय नौसेना INS अरिदमन: विशेषताएँ, भूम...

