Thursday, 29 November 2018

IFFI 2018: डोनबास ने स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता

IFFI 2018: डोनबास ने स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता

 

सर्गेई लोज़नित्सा द्वारा निर्देशित फिल्म डोनबास ने 49 वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में प्रतिष्ठित स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता है। यह महोत्सव  28 नवंबर, 2018 को गोवा में संपन्न हुआ है। स्वर्ण मयूर पुरस्कार में 4 मिलियन रुपये (40 लाख रुपये) का नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है। पुरस्कार राशि निर्माता और निदेशक में बराबर-बराबर बांटी जाती है.IFFI 2018 से अधिक
  • लिजो जोस पेलिसरी को ई.मा.यू. के लिए सर्वश्रेष्ठ निदेशक पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) का पुरस्कार चेम्बैन विनोद को 'ईशी' के ई.मा.यू में उनके चित्रण के लिए दिया गया हैं.
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (महिला) का पुरस्कार अनास्ताशिया पस्तोवित को 'लारसा' के चित्रण के लिए दिया गया है.
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (महिला) दोनों को रजत मयूर ट्रॉफी और प्रत्येक को 1 मिलियन रुपये (10 लाख रुपये) के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
  • मिल्को लाज़रोव को उनकी फिल्म 'अगा' के लिए विशेष जूरी पुरस्कार दिया गया.
  • अल्बर्टो मोंटेरस II को उनकी फिलिपिनो फिल्म 'रेस्पेटो' के लिए 'बेहतरीन फीचर फिल्म निर्देशक' का  पुरस्कार मिला.
  • हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक, पटकथा लेखक और संवाद लेखक सलीम खान को सिनेमा में उनके जीवनपर्यंत योगदान के लिए आईएफएफआई-2018 विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • बियेट्रिज सीगनर द्वारा निर्देशित स्पेनी फिल्म ‘लॉस साइलेंसियोस’का आईसीएफटी यूनेस्को गांधी पदक वर्ग के तहत विशेष उल्लेख किया गया।
  • प्रवीण मोरछाले द्वारा निर्देशित ‘वॉकिंग विद दी विंड’ ने आईसीएफटी –यूनेस्को गांधी पदक जीता, जिसे इंटरनेशनल काउंसिल फॉर फिल्म, टेलीविजन एंड ऑडियो-विजुअल कम्यूनिकेशन, पेरिस और यूनेस्को ने शुरू किया है। 
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो

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