उरुग्वे में ओरसी ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ

यमांडू ओरसी ने 1 मार्च 2025 को उरुग्वे के राष्ट्रपति पद की शपथ ली, जिससे देश में वामपंथी ब्रॉड फ्रंट गठबंधन की सत्ता में वापसी हुई। यह परिवर्तन पांच वर्षों के रूढ़िवादी शासन के बाद आया है। इतिहास के पूर्व शिक्षक और मेयर रह चुके ओरसी ने सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और आर्थिक मंदी से निपटने का वादा किया है। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी चुनौती वामपंथी समर्थकों की अपेक्षाओं और निवेशकों के विश्वास के बीच संतुलन बनाए रखना होगी। उनके कार्यकाल को श्रम विवादों, वित्तीय सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच सावधानीपूर्वक देखा जाएगा।

यमांडू ओरसी के शपथ ग्रहण और नीतियों के प्रमुख बिंदु

1. शपथ ग्रहण और राजनीतिक परिदृश्य

  • 57 वर्षीय यमांडू ओरसी ने 1 मार्च 2025 को मोंटेवीडियो में संसद के समक्ष राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
  • हजारों उरुग्वेयन नागरिकों ने शहर के मुख्य चौक में बड़ी स्क्रीन पर यह समारोह देखा।
  • यह चुनाव शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक था, जो लैटिन अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण की प्रवृत्ति के विपरीत माना जा रहा है।
  • उनके कार्यकाल की शुरुआत ब्रॉड फ्रंट गठबंधन की सत्ता में वापसी के रूप में हुई, जो लुइस लकाले पो (केन्द्र-दक्षिणपंथी) के पांच साल के शासन के बाद संभव हुई।

2. राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियां

  • ओरसी को एक ऐसे देश की अर्थव्यवस्था विरासत में मिली है, जो आर्थिक ठहराव, बढ़ती असमानता और अपराध दर जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
  • वामपंथी सहयोगी उनसे कठोर वित्तीय नियंत्रण (ऑस्टेरिटी) उपायों को समाप्त करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि उन्हें उरुग्वे की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखनी होगी।
  • व्यावसायिक समुदाय इस बात को लेकर सतर्क है कि ओरसी व्यावहारिक नीति अपनाते हैं या अपने दल के कट्टरपंथी आधार की ओर झुकते हैं।
  • पेंशन प्रणाली सुधार एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है, जहां उन्हें पेंशन वृद्धि की मांगों और बजट स्थिरता के बीच संतुलन बनाना होगा।

3. सामाजिक और श्रमिक मुद्दे

  • उरुग्वे के शक्तिशाली ट्रेड यूनियन श्रमिक हितैषी नीतियों की मांग कर रहे हैं, जिससे उद्योग जगत के साथ तनाव बढ़ रहा है।
  • जापानी ऑटो पार्ट्स निर्माता याजाकी (Yazaki) ने श्रम लागत और उत्पादन खर्च अधिक होने के कारण अपने परिचालन को बंद कर दिया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
  • उनके श्रम मंत्री जुआन कास्तिलो (एक कम्युनिस्ट नेता) मज़दूर हितों की रक्षा की वकालत कर रहे हैं, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है।

4. ओरसी की शासन नीति

  • वह संवाद और एकता की वकालत करते हुए कहते हैं, “हम हमेशा प्रतिद्वंदी रह सकते हैं, लेकिन कभी दुश्मन नहीं।”
  • उनका लक्ष्य आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करते हुए प्रगतिशील सामाजिक नीतियों को बनाए रखना है।
  • “सुरक्षित बदलाव” (Safe Change) की नीति अपनाते हुए वे धीरे-धीरे सुधार लागू करने की योजना बना रहे हैं, बजाय किसी कठोर बदलाव के।
  • वे यूनियन की मांगों और आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाकर देश की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना चाहते हैं।
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vikash

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