भारत ने आधिकारिक तौर पर जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह एक ऐतिहासिक कदम है, क्योंकि देश अपनी पहली डिजिटल जनगणना करने जा रहा है। जनगणना की यह विशाल प्रक्रिया पूरे देश में एक साथ आज से शुरू होगी। इसमें मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन स्व-गणना (self-enumeration) का उपयोग किया जाएगा, जिससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक तेज़ और पारदर्शी बनेगी। यह भारत की 16वीं जनगणना है और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना है; साथ ही, इसमें कई नई विशेषताएं भी शामिल की गई हैं, जो एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी।
कितने सालों बाद जातिगत जनगणना होगी?
पहले चरण में हाउस लिस्टिंग होगी, यानी मकानों और घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जोकि फरवरी 2027 में शुरू होगा!एक और अहम बात। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति से जुड़ा डेटा भी जुटाया जाएगा। इससे पहले ऐसा साल 1931 की जनगणना में हुआ था।
डिजिटल युग में जनगणना 2027 की शुरुआत
जनगणना 2027 की शुरुआत इस बात का संकेत है कि भारत जिस तरह से जनसांख्यिकीय डेटा इकट्ठा और प्रबंधित करता है, उसमें एक बड़ा बदलाव आने वाला है।
पहली बार, जनगणना करने वाले पारंपरिक कागज़ी तरीकों के बजाय स्मार्टफोन-आधारित मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे।
इस डिजिटल बदलाव से सटीकता और कार्यक्षमता में सुधार होने, साथ ही डेटा प्रोसेसिंग में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा, यह रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करेगा।
इसके अतिरिक्त, नागरिकों के पास अब ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल’ के माध्यम से भाग लेने का विकल्प भी उपलब्ध है; भारत की जनगणना के इतिहास में यह सुविधा पहले कभी शुरू नहीं की गई थी।
क्या है जनगणना 2027 की प्रक्रिया?
इस बार लोगों को एक नया विकल्प भी दिया गया है, जिसका नाम है- सेल्फ एन्यूमरेशन (स्व-गणना) यानी चाहें तो आप स्वंय भी अपने घर की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा।
- बता दें कि प्रक्रिया ज्यादा जटिल नहीं है। पहले लॉगिन कर राज्य चुनना होगा और कैप्चा भरना होगा।
- फिर घर के मुखिया का नाम तथा मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- इसके बाद 16 भाषाओं में से किसी एक भाषा चुननी होगी और OTP से वेरिफिकेशन (Verification) करना होगा।
- फिर जिला या शहर की जानकारी भरकर मैप पर दिख रहे लाल मार्कर को अपने घर की सही लोकेशन पर सेट करना होगा।
- इसके बाद हाउस लिस्टिंग से जुड़े 33 सवालों के जवाब देने होंगे।
- सभी जानकारी भरने के बाद डेटा का प्रीव्यू देखा जा सकेगा। संतुष्ट होने पर फाइनल सबमिट करना होगा।
सबमिट करते ही स्क्रीन पर SE ID दिखाई देगी। यही आईडी बाद में जनगणना कर्मी को दिखानी होगी ताकि आपका डेटा सत्यापित किया जा सके।
जनगणना 2027 के दो चरण
जनगणना दो व्यवस्थित चरणों में आयोजित की जाएगी, ताकि व्यापक डेटा संग्रह सुनिश्चित किया जा सके।
चरण I: मकानों की सूची बनाना और आवास जनगणना (HLO)
यह पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित से संबंधित डेटा एकत्र करना होगा:
- आवास की स्थितियाँ
- सुविधाओं की उपलब्धता
- घरेलू संपत्ति
इसके अलावा, गणनाकारों के घर-घर जाकर दौरे शुरू करने से पहले, 15 दिनों की ‘स्व-गणना’ (self-enumeration) की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
चरण II: जनसंख्या गणना
यह चरण फरवरी 2027 के लिए निर्धारित है, और इस चरण में व्यक्तिगत स्तर पर विस्तृत डेटा एकत्र किया जाएगा, जैसे कि:
- जनसांख्यिकी (Demographics)
- शिक्षा
- प्रवासन के पैटर्न
- प्रजनन संबंधी विवरण
मुख्य तारीखें और क्षेत्रीय विविधताएँ जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए
- भारत के अधिकांश क्षेत्रों के लिए जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 (00:00 बजे) है।
- इसके अलावा, लद्दाख, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे बर्फ़ से ढके और दुर्गम क्षेत्रों के लिए यह तिथि 1 अक्टूबर, 2026 है।
- जनगणना प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, विभिन्न राज्यों को मकानों की सूची बनाने हेतु विशेष समय-सीमाएँ निर्धारित की गई हैं।
स्व-गणना: भारत के लिए एक नई पहल
जनगणना 2027 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक ‘स्व-गणना’ (Self-enumeration) की शुरुआत है।
अब नागरिक ये काम कर सकते हैं:
- अपनी जनगणना से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।
- साथ ही, गणना करने वालों का इंतज़ार करने से भी बच सकते हैं।
- खुद जानकारी दर्ज करके डेटा की सटीकता सुनिश्चित कर सकते हैं।
यह पोर्टल और मोबाइल ऐप 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे भारत की विविध आबादी तक इसकी पहुँच सुनिश्चित हो सकेगी।


दिवाला समाधान में तेजी: भारत ने IBC संशो...
महावीर जयंती 2026: पीएम मोदी ने सम्राट स...

