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दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज के गोल्डन ज्वाइंट का उद्घाटन किया गया

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दुनिया के सबसे ऊंचे पुल यानी चिनाब ब्रिज (Chenab Bridge) के गोल्डन ज्वाइंट का उद्घाटन 13 अगस्त 2022 को हो गया। इस ब्रिज का काम अब पूरा होने की कगार पर है। बताया जा रहा है कि पुल के संरचनात्मक विवरण के लिए ‘टेकला’ सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया है। बता दें कि दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्क ब्रिज का निर्माण जम्मू-कश्मीर में किया जा रहा है। वहीं 13 अगस्त को चिनाब पुल के गोल्डन ज्वाइंट (Golden Joint) का भी उद्घाटन हो गया है।

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इस पुल की खासियत

  • चिनाब ब्रिज जटिल इंजीनियरिंग वाला एक प्रसिद्ध पुल था जिसे कई चुनौतियों से पार पाना था।
  • भूविज्ञान, कठोर भूभाग और शत्रुतापूर्ण वातावरण कुछ ही चुनौतियां थीं जिन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए इंजीनियरों और रेलवे अधिकारियों को पार करना पड़ा।
  • दुनिया का सबसे लंबे पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। जब ये बनकर तैयार हो जाएगा तो इसकी ऊंचाई एफिल टावर से भी 35 मीटर लंबी होगी।
  • ‘चिनाब ब्रिज’ नाम से यह रेलवे पुल चिनाब नदी के जलस्तर से 359 मीटर ऊंचा है और इसकी लंबाई 1315 मीटर है. यह विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है, जो चिनाब नदी तल के स्तर से 359 मीटर ऊपर है. 
  • यह पुल एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है और इस आर्च का कुल वजन 10,619 मीट्रिक टन है. इस पुल के निर्माण में 28,660 मीट्रिक टन स्टील निर्मित है. 
  • यह पुल भूकंप और तेज धमाकों में भी बिलकुल सुरक्षित रहेगा. इस आर्च में स्टील के बक्से होंगे, जो पुल को स्थिरता प्रदान करने के लिए कंक्रीट से भरे होंगे.

चिनाब नदी के बारे में:

चिनाब नदी भारत के हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले के ऊपरी हिमालय में टांडी में चंद्रा और भागा नदियों के संगम से बनती है। इसकी ऊपरी पहुंच में इसे चंद्रभागा के नाम से भी जाना जाता है। यह सिंधु नदी की एक सहायक नदी है। यह जम्मू और कश्मीर के जम्मू क्षेत्र से होकर पंजाब, पाकिस्तान के मैदानी इलाकों में बहती है। चिनाब का पानी भारत और पाकिस्तान द्वारा सिंधु जल समझौते की शर्तों के अनुसार साझा किया जाता है। यह जम्मू और कश्मीर के जम्मू क्षेत्र से होकर पंजाब के मैदानी इलाकों में बहती है।

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