डेनमार्क में दुनिया का पहला वाणिज्यिक ई-मेथनॉल संयंत्र शुरू

डेनमार्क के कैस्सो (Kasso) में 3 मई 2025 को दुनिया का पहला वाणिज्यिक स्तर का ई-मेथनॉल उत्पादन संयंत्र उद्घाटित किया गया। यह परियोजना European Energy और जापान की Mitsui द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है। संयंत्र प्रति वर्ष 42,000 मीट्रिक टन ई-मेथनॉल का उत्पादन करेगा, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा और बायोगैस संयंत्रों अपशिष्ट जलाने से प्राप्त CO₂ का उपयोग होगा।

Maersk, जो एक वैश्विक समुद्री शिपिंग दिग्गज है, इस हरित ईंधन का प्रमुख ग्राहक है और अपने ड्यूल-फ्यूल कंटेनर जहाजों को इससे संचालित करने की योजना बना रहा है।

क्यों है यह ख़बरों में?

वैश्विक समुद्री शिपिंग क्षेत्र को 2050 तक कार्बन उत्सर्जन मुक्त करने के लिए IMO (International Maritime Organization) के लक्ष्यों के अंतर्गत बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इस संयंत्र की शुरुआत शिपिंग उद्योग के लिए ईंधन के हरित विकल्पों को व्यावसायिक रूप से अपनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

उद्देश्य और लक्ष्य

  • वाणिज्यिक पैमाने पर ई-मेथनॉल उत्पादन के माध्यम से समुद्री परिवहन के लिए कम-कार्बन ईंधन उपलब्ध कराना।

  • पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों की जगह नवीकरणीय ऊर्जा आधारित विकल्पों को बढ़ावा देना।

  • IMO के 2050 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य को समर्थन देना।

  • प्लास्टिक औषधि जैसे अन्य उद्योगों को भी सतत मेथनॉल की आपूर्ति।

पृष्ठभूमि

  • संयंत्र की लागत: 150 मिलियन (लगभग $167 मिलियन)

  • संयंत्र उत्पादन: 53 मिलियन लीटर (42,000 टन) ई-मेथनॉल प्रति वर्ष

  • CO₂ स्रोत: बायोगैस प्लांट वेस्ट इनसिनरेशन

  • ई-मेथनॉल: पूरी तरह कार्बन-न्यूट्रल, पारंपरिक मेथनॉल के विपरीत जो प्राकृतिक गैस/कोयले से बनता है।

स्थैतिक तथ्य

  • Maersk के पास वर्तमान में 13 ड्यूल-फ्यूल कंटेनर जहाज हैं, और 13 नए जहाजों का ऑर्डर दिया गया है।

  • संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता एक 16,000 कंटेनर वाले जहाज को एशिया-यूरोप मार्ग पर पूरी तरह ईंधन दे सकती है।

  • छोटा जहाज Laura Maersk प्रति वर्ष 3,600 टन ई-मेथनॉल की खपत करता है।

  • संयंत्र से उत्पन्न अतिरिक्त गर्मी स्थानीय 3,300 घरों को हीटिंग के लिए दी जाएगी।

महत्व

  • शिपिंग से होने वाले वैश्विक CO₂ उत्सर्जन (लगभग 3%) को कम करने में सहायक।

  • भारी परिवहन और उद्योगों (जैसे प्लास्टिक निर्माण) के कार्बन रहितीकरण के लिए व्यवहारिक समाधान।

  • LEGO और Novo Nordisk जैसे ग्राहक भी इस ई-मेथनॉल का उपयोग अपने उत्पादन में करेंगे।

  • European Energy इस संयंत्र का विस्तार और अन्य देशों (यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, अमेरिका) में समान संयंत्र विकसित करने की योजना बना रहा है।

  • 2035 तक ईंधन की लागत पारंपरिक मेथनॉल के बराबर होने की उम्मीद है – जो इसकी दीर्घकालिक व्यावसायिक संभाव्यता को दर्शाता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

38 minutes ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 day ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 days ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 days ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

3 days ago

भारत का पहला पूरी तरह डिजिटल बैंकिंग अपनाने वाला राज्य कौन-सा है? जानिए कैसे बदली बैंकिंग की तस्वीर

भारत में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्रांति ने बैंकिंग सेक्टर की तस्वीर पूरी तरह…

3 days ago